गाजियाबाद में दर्दनाक हादसा, गिर गया तीन मंजिला मकान, 8 घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
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Ghaziabad House Collapsed: दिल्ली से सटे गाजियाबाद में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक तीन मंजिला मकान ढह गया. इसके चलते तीन लोग दब गए. हालांकि हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और 8 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया.
गाजियाबाद में तीन मंजिला मकान ढहा. (सांकेतिक तस्वीर)
गाजियाबादः उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र में सोमवार शाम बड़ा हादसा हो गया. जौहरी एनक्लेव मेट्रो स्टेशन के पास दिल्ली-सहारनपुर रोड पर पारस हार्डवेयर एंड सैनेटरी की तीन मंजिला इमारत की छत अचानक भरभराकर गिर गई. हादसे के वक्त दुकान में मौजूद तीन लोग मलबे के नीचे दब गए. सूचना मिलते ही पुलिस, फायर सर्विस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और कई घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया.
तीन लोग मकान गिरने से दब गए
यह दर्दनाक हादसा शाम करीब 4 बजकर 42 मिनट पर हुआ. जौहरी एनक्लेव मेट्रो स्टेशन के पास पिलर नंबर 36 के सामने पारस हार्डवेयर एंड सैनेटरी की इमारत की छत अचानक ढह गई. इमारत में भारी मात्रा में हार्डवेयर का सामान रखा हुआ था, जिसके वजन के चलते भूतल की छत और मेजेनाइन फ्लोर का हिस्सा टूटकर नीचे आ गिरा. हादसे की सूचना मिलते ही फायर सर्विस की टीमें मौके पर पहुंची. पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से मलबे में दबे दो लोगों को तत्काल बाहर निकाला गया और अस्पताल भेजा गया. इसके बाद फायर सर्विस, पुलिस, नगर पालिका और प्रशासन की टीमों ने बड़े पैमाने पर रेस्क्यू और सर्च ऑपरेशन शुरू किया.
मकान गिरने के डर के बाद भी चलता रहा रेस्क्यू
रेस्क्यू के दौरान मलबे में काफी अंदर और नीचे फंसे 32 वर्षीय मुकेश यादव को भी बाहर निकाला गया. मुकेश को अचेत अवस्था में एंबुलेंस के जरिए जीटीबी अस्पताल दिल्ली रेफर किया गया. मौके पर एसडीएम लोनी, एसीपी अंकुर विहार, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, पुलिस और नगर पालिका के अधिकारी मौजूद रहे. इमारत की हालत बेहद जर्जर होने और उसके बाकी हिस्से के भी गिरने की आशंका के बावजूद राहत और बचाव टीमें लगातार काम करती रहीं. रेस्क्यू ऑपरेशन में जेसीबी मशीनों के साथ फायर सर्विस और एसडीआरएफ की टीम ने भी मोर्चा संभाला. बाद में एनडीआरएफ की टीम भी अत्याधुनिक लाइफ डिटेक्टर और ट्रेंड डॉग्स के साथ मौके पर पहुंची.
8 घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन
एनडीआरएफ की जांच में यह सुनिश्चित किया गया कि बचे हुए मलबे में कोई अन्य व्यक्ति दबा नहीं है. दुकान में काम करने वाले कर्मचारियों और दुकान मालिक से भी जानकारी ली गई, जिन्होंने किसी अन्य व्यक्ति के अंदर फंसे होने से इनकार किया. करीब आठ घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद रात करीब 11 बजे प्रशासन ने अभियान समाप्त किया. इमारत की बेहद जर्जर हालत को देखते हुए बाकी मलबा हटाने का काम रोक दिया गया और भवन को प्रशासन की मौजूदगी में सील करा दिया गया. फिलहाल हादसे में घायल लोगों को अस्पताल भेजा गया है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है.
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Prashant Rai is a digital journalist with over 9 years of experience in Hindi journalism, specializing in politics, crime, hyper-local reporting, and viral news. He currently serves as Chief Sub Editor at News1…
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