पाकिस्तान में हुआ था अपमान, एएमयू को दे दिया नोबेल सम्मान, ऐसे थे अलीगढ़ के अब्दुस्सलाम

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पाकिस्तान में हुआ था अपमान, एएमयू को दे दिया नोबेल सम्मान, ऐसे थे अलीगढ़ के अब्दुस्सलाम


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Aligarh news today in hindi: उत्तर प्रदेश के जनपद अलीगढ़ मे स्थित अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में सोने का एक नोबेल पुरस्कार रखा है. यह नोबेल पुरस्कार पाकिस्तान के भौतिक विज्ञानी प्रो. अब्दुस्सलाम ने पूरी जिंदगी…और पढ़ें

जब पाकिस्तान में हुआ अपमान तो एएमयू को दे दिया था अपना नोबेल सम्मान

अलीगढ़. उत्तर प्रदेश के जनपद अलीगढ़ में स्थित अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में सोने का एक नोबेल पुरस्कार रखा है. जी हां, यह नोबेल पुरस्कार पाकिस्तान के भौतिक विज्ञानी प्रो. अब्दुस्सलाम ने पूरी जिंदगी की मेहनत के बाद हासिल किया था. वह अपने ही देश में कट्टरपंथियों के निशाने पर रहे. इससे वह बहुत आहत थे. दरअसल, अहमदी समुदाय का होने के कारण उन्हें बार-बार अपमान सहना पड़ा. पाकिस्तानी कट्टरपंथियों की इन हरकतों से परेशान होकर उन्होंने अपना बेशकीमती नोबेल पुरस्कार 44 वर्ष पहले अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी को उपहार में दे दिया था. उनका यह यादगार तोहफा आज भी विवि की मौलाना आजाद लाइब्रेरी में संजो कर रखा गया है.

नोबेल पुरस्कार और इसके विजेताओं से यूनिवर्सिटी का गहरा नाता रहा है. यूनिवर्सिटी में अब तक पांच नोबेल पुरस्कार विजेता आ चुके हैं. आपको बता दें कि भौतिक विज्ञान के क्षेत्र में अविस्मरणीय योगदान के लिए पाकिस्तान के प्रो. अब्दुस्सलाम को यह नोबेल पुरस्कार मिला था. प्रो. सलाम ने इलेक्ट्रोवीक एकीकरण सिद्धांत को गणितीय रूप से साबित कर दिया था.

इस उपलब्धि के लिए सलाम, ग्लासो और वेनबर्ग को संयुक्त रूप से 1979 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार दिया गया था. उन्होंने वर्ष 1980 में एएमयू को अपना नोबेल पुरस्कार दे दिया था. यह नोबेल पुरस्कार स्वर्ण से बना है. उन्हें 24 जनवरी 1981 को यूनिवर्सिटी के विशेष दीक्षांत समारोह में डी.एससी में मानद उपाधि दी गई.

जानकारी देते हुए अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व जनसंपर्क अधिकारी डॉ. राहत अबरार ने बताया कि यूनिवर्सिटी में मानद उपाधि मिलने से वह काफी खुश थे. इसके बाद लगातार वह एएमयू आते रहे. उनका यहां से रिश्ता मजबूत होता गया. उधर, पाकिस्तान में प्रो. अब्दुस्सलाम काे अहमदी होने के चलते गैर मुस्लिम करार दे दिया गया.उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया जाने लगा. इसके बाद उन्होंने पाकिस्तान छोड़ दिया और इटली में बस गए. उन्होंने 1996 में इंग्लैंड में आखिरी सांस ली थी.

डॉ. राहत ने आगे बताया कि नोबेल पुरस्कार विजेता सर जॉर्ज एंडरसन, एलेक्जंडर टॉट, सीबी रमन, प्रो. अब्दुस्लाम, तकाकी कजीता यूनिवर्सिटी में आ चुके हैं, जिन्हें यूनिवर्सिटी ने मानद उपाधि भी प्रदान की है.

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