बंजर जमीन में किसान ने शुरू की यह खेती, बदल गई तकदीर! आज लाखों में हो रही कमाई
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Lemon Grass Farming: चित्रकूट के विजय सिंह ने सूखे पाठा क्षेत्र में औषधीय पौधों की खेती कर मिसाल कायम की. लेमन ग्रास की खेती से उन्हें सालाना एक लाख रुपये तक की बचत होती है.
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चित्रकूट: यूपी के चित्रकूट जिले के सूखे और बंजर माने जाने वाले पाठा क्षेत्र में जब लोग खेती छोड़ने को मजबूर हो रहे थे, तब एक किसान ने हिम्मत दिखाई और इस इलाके की किस्मत ही बदल दी. हम बात कर रहे हैं मानिकपुर के रहने वाले विजय सिंह की, जिन्होंने न सिर्फ खेती को अपनाया बल्कि औषधीय पौधों की खेती कर एक नई मिसाल कायम की है. विजय सिंह पाठा क्षेत्र में ज्यादा मात्रा में औषधीय खेती करने वाले पहले किसान माने जाते हैं.
बता दें कि करीब 20 साल पहले जब विजय सिंह ने खेती की शुरुआत की, तब उन्होंने पारंपरिक फसलों जैसे गेहूं और अरहर की खेती की, लेकिन समय के साथ उन्होंने खेती में नवाचार करने की ठानी. एक बार वह लखनऊ में अपने मित्र से मिले. जहां उन्होंने पहली बार लेमन ग्रास के बारे में जाना. वहां से लौटने के बाद विजय सिंह ने पाठा की कठोर जमीन में इस पौधे की खेती का निर्णय लिया.
लेमन ग्रास से मिला नया रास्ता
विजय सिंह ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि लेमन ग्रास की खेती की प्रेरणा उन्हें लखनऊ में रहने वाले एक दोस्त से मिली. उन्होंने बताया कि सिंचित ज़मीन होने पर इस पौधे से साल में चार बार कटाई की जा सकती है. इसमें विशेष बात यह है कि बरसात को छोड़कर साल भर में केवल तीन बार पानी देना होता है. एक एकड़ में लेमन ग्रास से सालाना एक लाख रुपए तक की बचत की जा सकती है. इस पौधे से निकलने वाला तेल 1500 से 2000 रुपये प्रति लीटर तक बिकता है, जिससे किसानों को जबरदस्त मुनाफा होता है. विजय सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने 25 बीघा खेत में लेमन ग्रास की खेती की है.
एक बार लगाएं, सात साल तक फायदा उठाएं
इस पौधे की एक और खासियत यह है कि इसे एक बार लगाने के बाद सात साल तक बार-बार नहीं बोना पड़ता. हर तीन महीने में इसकी कटाई कर दोबारा सिंचाई कर इसे दोबारा तैयार किया जा सकता है. इसके पौधे की कीमत इस समय 75 पैसे प्रति स्लिप के हिसाब से बाजार में मिल रही है. उन्होंने बताया कि यह एक ऐसी फसल है जिसको अन्ना जानवरों का भी खतरा भी नहीं रहता है.