कैलाश पर्वत नहीं अमेठी के इस मंदिर में बैठे हैं शिव-पर्वती, आने भर से टल जाती है अकाल मौत

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कैलाश पर्वत नहीं अमेठी के इस मंदिर में बैठे हैं शिव-पर्वती, आने भर से टल जाती है अकाल मौत


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Shiv Mandir Amethi : इस मंदिर में एक साथ 108 शिवलिंग, द्वादश ज्योतिर्लिंग और पंचमुखी शिव प्रतिमा है. दूर-दूर से भक्त यहां आते हैं. इस मंदिर में दर्शन पूजन करने से जीवन में कोई आफत नहीं आती.

अमेठी. भगवान भोलेनाथ के अलग-अलग अनेक रूप हैं, लेकिन उनके सब रूपों का एक साथ दर्शन करने का सुख मिले तो इसका लाभ कौन नहीं उठाना चाहेगा. अमेठी जिले में एक ऐसा ही मंदिर है, जहां भगवान भोलेनाथ के 12 रूपों के दर्शन आप एक साथ कर सकते हैं. इस मंदिर में एक साथ 108 शिवलिंग, द्वादश ज्योतिर्लिंग के साथ पंचमुखी शिव प्रतिमा स्थापित है. दूर-दूर से भक्त इस मंदिर में दर्शन पूजन करने आते हैं. ये मंदिर भक्तों के लिए आस्था का केंद्र है.

खिंचा आता है जन सैलाब

ये मंदिर अमेठी जिले के गौरीगंज में है. इस प्राचीन शिव मंदिर की मान्यता काफी गहरी है. अमेठी जिले के रोहसी में बने इस शिव मंदिर में सावन माह के साथ प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार को भक्तों का जन सैलाब उमड़ता है. मंदिर काफी प्राचीन है. यहां भक्त दर्शन पूजन कर अपनी मान्यता मांगने आते हैं. 108 शिवलिंग, 12 ज्योतिर्लिंग और पंचमुखी शिव प्रतिमा वाले इस प्राचीन मंदिर में दर्शन पूजन करने से कभी अकाल मृत्यु नहीं होती. एक भक्त शिवदयाल बताते हैं कि दर्शन पूजन करने के लिए वे यहां लंबे समय से आ रहे हैं. उनकी मानोकामना पूरी भी होती है. इस मंदिर में दर्शन पूजन करने से कोई समस्या नहीं आती.

हर शिवलिंग के अलग मंदिर

मंदिर के पीठाधीश्वर रुद्रकांत मिश्र बताते हैं कि इस मंदिर का निर्माण उनके पिताजी ने कराया था. मंदिर भक्तों की आस्था का केंद्र है. महादेव की इस मंदिर पर विशेष कृपा है. कहते हैं कि यहां खुद भोलेनाथ मां पार्वती के साथ अपना त्रिशूल हाथों में लेकर विराजमान रहते हैं. यहां पर 108 शिवलिंग की अलग-अलग मान्यता है. हर शिवलिंग के अपने अलग-अलग मंदिर हैं.

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अमेठी के इस मंदिर में बैठे हैं शिव-पर्वती, आने भर से टल जाती है अकाल मौत



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