Agriculture Tips: सरसों की फसल में अंतिम चरण, हल्की सिंचाई और महू रोग नियंत्रण से पैदावार में करे बढ़ोतरी!

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Agriculture Tips: सरसों की फसल में अंतिम चरण, हल्की सिंचाई और महू रोग नियंत्रण से पैदावार में करे बढ़ोतरी!


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Agriculture Tips: भारत एक कृषि प्रधान देश है और लगभग 55% आबादी आज भी कृषि कार्यों में लगी हुई है. सरसों की फसल के फूल आने के अंतिम चरण में हल्की सिंचाई करने से दाने मोटे होते हैं और पैदावार में वृद्धि होती है. अधिक सिंचाई से पौधे गिर सकते हैं, इसलिए सावधानी जरूरी है. इसके साथ ही इस समय महू रोग तेजी से फैलता है, जिसे इमिडाक्लोप्रिड रसायन के छिड़काव से नियंत्रित किया जा सकता है.

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सुल्तानपुर. एक कृषि प्रधान देश रहा है, आज़ादी के बाद से अभी तक लगभग 55% आबादी कृषि कार्यों में ही लगी हुई है. ऐसे में कृषि को वैज्ञानिक और आधुनिक तरीकों से बढ़ावा दिया जा रहा है और यदि हम इस समय सरसों के फूलों की अंतिम अवस्था में सरसों के पौधों को कुछ वैज्ञानिक तरीकों से प्रभावित करें, तो निश्चित रूप से सरसों की पैदावार में कई गुना वृद्धि हो जाएगी. तो आइए जानते हैं कि सरसों की इस अंतिम अवस्था में हमें सरसों के खेतों में किस तरह की देखभाल करनी चाहिए.

करें यह काम
कृषि विज्ञान केंद्र सुलतानपुर में कार्यरत कृषि वैज्ञानिक डॉ. सी. के. त्रिपाठी ने लोकल 18 से बातचीत के दौरान बताया कि इस समय सरसों की फसल में पुष्पन की अवस्था अपने अंतिम चरण में है. यदि इस दौरान हम सरसों के खेत में पौधों की सिंचाई कर दें, तो निश्चित रूप से हमारे सरसों के दाने मोटे होंगे और पैदावार में भी कई गुना वृद्धि होगी। इसके लिए हमें इस बात का ध्यान रखना बहुत जरूरी है कि जब भी हम सिंचाई करें, तब हल्की सिंचाई ही करें. क्योंकि अधिक सिंचाई करने से खेत की मिट्टी में नमी की मात्रा ज्यादा हो सकती है और मिट्टी गीली होने के बाद अगर थोड़ी सी भी हवा चल जाए, तो हमारे सरसों के पौधे गिर सकते हैं और इससे नुकसान हो सकता है, ऐसे में हल्की सिंचाई एक बेहतर उपाय है.

सिंचाई के साथ इन बातों का भी रखें ध्यान
डॉ. त्रिपाठी आगे बताते हैं कि हमें अपने सरसों के पौधों की सिंचाई के साथ-साथ इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि इस समय सरसों के पौधों में महू रोग तेजी से फैल रहा है. यदि आपको अपने सरसों के खेतों में महू रोग के लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो आपको सावधान हो जाने की जरूरत है. इसके लिए इमिडाक्लोप्रिड रसायन को 5 मि.ली. प्रति टंकी के हिसाब से मिक्स करके सरसों के खेत में छिड़क दें, जिससे महू रोग का प्रकोप कम किया जा सकता है.

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Monali Paul

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हल्की सिंचाई और महू रोग नियंत्रण से बढ़ाए सरसों की पैदावार



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