Ajab Gajab: कचरा नहीं, कीमती संसाधन है पॉलिथीन… डॉक्टर ने कर दिखाया कमाल, बना दी अनोखी मेज
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UP News: डॉक्टर अनूप मिश्रा ने बताया कि यह पहल उस समय सामने आई जब संस्था की टीम ने शहर के व्यस्ततम चौक क्षेत्र में एक गाय को पॉलीथिन खाते हुए देखा. टीम ने तत्काल सजगता दिखाते हुए गाय को उपचार के लिए भेजा और उसे…और पढ़ें
यहां से मिली प्रेरणा
इस मेज का निर्माण करने वाले डॉक्टर अनूप मिश्रा ने लोकल 18 को बताया कि यह पहल उस समय सामने आई जब संस्था की टीम ने शहर के व्यस्ततम चौक क्षेत्र में एक गाय को पॉलिथीन खाते हुए देखा. टीम ने तत्काल सजगता दिखाते हुए गाय को उपचार के लिए भेजा और उसे बचा लिया. मगर, यह दृश्य संस्था के सदस्यों के मन में एक बड़ा सवाल छोड़ गया कि क्या सिर्फ एक गाय को बचा लेना पर्याप्त है? बाकी जानवरों का क्या? यही सोचकर उनकी साथी कोमल राठौर और स्वीटी मौर्य ने एक नई योजना बनाई और प्लास्टिक के बोतल की मेज बना डाला.
इकट्ठा किया 144 बोरी प्लास्टिक
डॉ. अनूप मिश्रा ने बताया कि उनकी दोनों साथियों ने मिलकर सुबह-शाम सुलतानपुर के चौक इलाके में स्थित बड़ी दुकानों के सामने जमा पॉलिथीन को इकट्ठा करना शुरू कर दिया. उनके लिए यह काम आसान नहीं था, लेकिन उनके दृढ़ संकल्प और मेहनत ने रंग दिखाया. कुछ ही समय में कुल 144 बोरियों में पॉलिथीन इकट्ठा हो गई. और एक इको विक्स (Eco Bricks) बनाने का निर्णय लिया गया. यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें प्लास्टिक की बोतलों को पॉलिथीन से भरकर ईंटों की तरह मजबूत बनाया जाता है, जिससे इनका उपयोग फर्नीचर या अन्य निर्माण कार्यों में किया जा सके.
बता दें, डॉक्टर अनूप मिश्रा यूनीक फाउंडेशन के नाम से एक संस्था चलाते हैं. इस संस्था के माध्यम से वह आए दिन शहर में कुछ ना कुछ अनोखा करने का प्रयास करते हैं. इस बार उनकी संस्था द्वारा किया गया यह कार्य सुल्तानपुर में चर्चा का विषय बना हुआ है.
उन्होंने संस्था के माध्यम से सुल्तानपुर के विभिन्न रेस्टोरेंट्स से संपर्क किया और वहां उपयोग में आ चुकी पानी की प्लास्टिक बोतलों को इकट्ठा करना शुरू किया. इस अभियान में जनता का सहयोग भी मिलने लगा. देखते ही देखते संस्था ने 750 बोतलें इकट्ठा कर लीं, जिन्हें पॉलिथीन से भरकर इको विक्स के रूप में तैयार किया गया.