Amethi News : बनता गया रिकॉर्ड, सूखते गए पौधे…लगाया था 4 हजार, बचे चार भी नहीं, होश उड़ा देगा ऐसा हाल
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Amethi news in hindi : अमेठी के नंदनवन में पौधरोपण के नाम काफी पैसे खर्च हुए, लेकिन हकीकत में यहां सिर्फ कटीले पौधे बचे हैं. पौधों की देखभाल नहीं होने से पर्यावरण संरक्षण मजाक बनकर रह गया है. सुध लेने वाला कोई …और पढ़ें
अमेठी. पर्यावरण को हरा भरा रखने के लिए सरकार आए दिन पौधरोपण कराती है. इस पर करोड़ों रुपए खर्च होते हैं, लेकिन अमेठी जनपद के एक स्थान की तस्वीर देखकर आप चौंक जाएंगे. यहां के नंदनवन में सिर्फ खानापूर्ति दिखती है. नंदनवन के नाम पर सिर्फ यहां कटीले पौधे उगे हैं. यह हाल अमेठी के विकास भवन परिसर के ठीक सामने का है. विकास भवन के ठीक सामने बनाया गया नंदन वन पर्यावरण संरक्षण के नाम पर मजाक बनकर रह गया है. इस जगह पर जनपद स्तर के अधिकारी और यहां तक की खुद मुख्य विकास अधिकारी बैठते हैं, लेकिन इसके बाद भी इस वन की दुर्दशा हैरान करती है.
इस नंदनवन में बबूल और कांटेदार पेड़ उग आए हैं और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के नाम पर मजाक होता साफ देखा जा सकता है. आंकड़ों के मुताबिक, यहां पर 2023 और 24 वित्तीय वर्ष में 4000 से अधिक पौधे लगाए गए थे. पर्यावरण को हरा भरा बनाने के लिए यहां नंदनवन स्थापित किया गया था. लेकिन वर्तमान समय में यहां 4 पौधे भी सुरक्षित नहीं हैं. पौधों के संरक्षण के लिए लगाई गई बाउंड्री वॉल टूट चुकी है. पौधों की सुध लेने वाला भी कोई नहीं.
कैमरे पर बोलने से इनकार
अमेठी के इस नंदनवन में बरगद, पीपल, पाकड, इमली, आम, कुसुम, नीम शीशम, जामुन, बेल और कदम के पौधे रोपे गए थे. इन पौधों में आज एक भी नहीं बचा है. स्थानीय निवासी और समय-समय पर खुद से पौधरोपण करने वाले आवेश बताते हैं कि पौधों की देखभाल नहीं की जाएगी तो यही हाल होगा. देखरेख की जिम्मेदारी कोई नहीं उठाता. जबकि समय-समय पर देखरेख जरूरी है. समय पर पानी देना जरूरी है. टी गार्ड लगाया जाना जरूरी है ताकि पौधे सुरक्षित रहें. लेकिन अमेठी जिले में जहां-जहां पौधरोपण हुआ है, यही दुर्दशा है. उधर, विभाग के अधिकारी इस पर ध्यान नहीं देते. नगर पालिका के अधिशासी अभियंता सुनील कुमार ने कैमरे पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया. हालांकि उन्होंने ऑफ कैमरा इसकी जांच कराए जाने की बात कही है.