Animal Husbandry : बरसात में पशुओं के लिए लंगडी बुखार ज्यादा खतरनाक या गलघोंटू रोग?
Animal Husbandry Rainy Season : बरसात का मौसम आते ही मवेशियों में गलघोंटू और लंगड़ी बुखार का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है. ये दोनों ही बैक्टीरिया से फैलने वाले खतरनाक रोग हैं, जो लापरवाही बरतने पर कुछ ही घंटों में पशु की जान ले सकते हैं. लोकल 18 से शाहजहांपुर के किसान रनजोद सिंह बताते हैं कि गलघोंटू में पशु के गले में भारी सूजन आती है, जिससे वह सांस नहीं ले पाता, जबकि लंगड़ी बुखार में पैर के ऊपरी हिस्से में सूजन और सड़न के कारण पशु लंगड़ाने लगता है. इन दोनों बीमारियों का सबसे अचूक इलाज मानसून शुरू होने से ठीक पहले ‘कंबाइंड वैक्सीन’ लगवाना है. अगर किसी पशु में इसके लक्षण दिखें, तो तुरंत उसे स्वस्थ पशुओं से अलग करें. गलघोंटू पास्चुरेला मल्टोसिडा नामक जीवाणु से होता है, जिसमें पशु को तेज बुखार आता है, मुंह से लार गिरती है और गले में दर्दनाक सूजन के कारण सांस लेते समय ‘घुर-घुर’ की आवाज आती है. लंगड़ी बुखार (BQ) क्लॉस्ट्रिडियम चावोई बैक्टीरिया से फैलता है. इसमें पशु के पिछले या अगले पैर के भारी पुट्ठों पर सूजन आ जाती है. सूजन वाली जगह को दबाने पर ‘चर-चर’ की आवाज आती है, पशु गंभीर रूप से लंगड़ाने लगता है.