Bareilly News: हलाला के नाम पर इज्जत और जान का सौदा, महिला की एसएसपी से इंसाफ की मांग
परिवार की मर्जी के खिलाफ किया था निकाह
थाना फरीदपुर क्षेत्र की रहने वाली इफरा ने डेढ़ साल पहले मोहिद खान नाम के युवक से निकाह किया था. परिजनों की मर्जी इसके खिलाफ थी, लेकिन प्यार में अंधी इफरा ने घरवालों की नाराजगी की परवाह नहीं की. शादी के बाद उसने मोहिद को अपना सब कुछ मान लिया. परिजन भी धीरे-धीरे हालात के आगे झुक गए.
निकाह के बाद इफरा ने एक बेटे को जन्म दिया. परिवार में खुशियां लौटीं, लेकिन जल्द ही उसका जीवन अंधेरों में डूब गया. आरोप है कि शादी के कुछ ही महीनों बाद मोहिद और उसके परिवार ने 2 लाख रुपए की मांग शुरू कर दी. मायके से रुपए लाने का दबाव बढ़ा तो घर में विवाद भी बढ़ते गए.
तीन तलाक देकर घर से निकाला
इफरा ने मायके से रुपए लाने से साफ इनकार कर दिया. उसका कहना था कि गरीब पिता पहले ही टूट चुके हैं, अब उनसे और पैसा नहीं लिया जा सकता. इसी बात पर एक सप्ताह पहले, 26 अगस्त को, पति ने उसे तीन तलाक देकर मासूम बेटे सहित घर से बाहर निकाल दिया. इफरा ने बहुत मिन्नतें कीं, लेकिन किसी ने उसकी एक न सुनी.
इफरा का आरोप है कि तलाक देने के बाद जब उसने ससुराल पक्ष से वापसी की गुहार लगाई तो उसे दो टूक कह दिया गया कि पहले हलाला करवाओ, तभी वापस अपनाया जाएगा. इफरा ने इस शर्त को मानने से इनकार कर दिया. उसका कहना है कि यह न केवल उसकी इज्जत के खिलाफ है बल्कि उसकी जान के लिए भी खतरा है.
पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
इफरा ने बताया कि जब उसने शिकायत दर्ज कराई तो थाना स्तर पर मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया. आरोप है कि कुछ पुलिसकर्मी उसके पति पक्ष से मिले हुए हैं. उसे डर है कि अगर समझौते का दबाव बनाया गया तो हलाला के नाम पर उसकी जान भी जा सकती है.
बेघर और बेसहारा हुई इफरा आखिरकार अपने पिता के घर पहुंची. पिता ने गले लगाकर उसे सहारा दिया. वहीं पिता, जिनकी मर्जी के खिलाफ उसने शादी की थी, आज उसकी सबसे बड़ी ढाल बने हुए हैं.
एसएसपी से लगाई इंसाफ की गुहार
मजबूर इफरा अब अपने बेटे और खुद की जिंदगी की हिफाजत के लिए न्याय चाहती है. उसने बरेली के एसएसपी से मुलाकात कर पूरे मामले की लिखित शिकायत दी है. उसका कहना है कि यदि पुलिस और प्रशासन ने तुरंत कदम नहीं उठाए तो उसकी और उसके बेटे की जान को खतरा हो सकता है.