CM योगी की बात काट रहा हूं… हनुमानगढ़ी नमाज विवाद पर बृजभूषण ने दी सफाई

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CM योगी की बात काट रहा हूं… हनुमानगढ़ी नमाज विवाद पर बृजभूषण ने दी सफाई


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Brij Bhushan Sharan Singh Statement on Hanuman Gadhi Namaz Row : भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने अयोध्या की हनुमानगढ़ी में नमाज पढ़े जाने के मुद्दे पर अपनी सफाई दी है. उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ के बयान को सही बताया. साथ ही कहा कि जो भी मैंने बोला था वो भी सही है.

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बृजभूषण शरण सिंह.

Hanuman Gadhi Ayodhya: अयोध्या की हनुमानगढ़ी में नमाज को लेकर विवाद छिड़ गया है. पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के एक बयान से सियासी गलियारों तक हलचल मच गई. खरीखोंटी सुनने के बाद अब बृजभूषण ने अपने दिए बयान पर सफाई दी है. उन्होंने कहा कि अगर मेरे बयान से किसी की भावना को ठेस पहुंची है तो मुझे माफी मांगने में कोई दिक्कत नहीं है. साथ ही उन्होंने यह भी साफ कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बात काटने का कोई इरादा नहीं था.

क्या बोले थे सीएम योगी?
राम मंदिर दान चोरी विवाद के बीच अयोध्या पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर जमकर हमला बोला था. कहा था कि ये लोग जो आस्था की बात करते हैं. इन्होंने तो हमारे पवित्र हनुमानगढ़ी में नमाज पढ़वाने का काम किया था. क्या कभी कोई जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ कर पाएगा? क्या कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ऐसा कर पाएगी, फिर हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का काम कौन करवा रहा था? इन्होंने हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का पाप किया था, हमने अयोध्या को सांस्कृतिक राजधानी की फिर से स्थापना की. 2017 से पहले आप जाते थे, लोग आपको शक की निगाहों से देखते थे.

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अब पूर्व सांसद का यू टर्न
इसके बाद 17 जुलाई को गोंडा में बृज भूषण शरण सिंह ने मीडिया से कहा था कि वहां नमाज नहीं पढ़ी गई थी. उनके इस बयान के बाद सियासत शुरू हो गई थी. विवाद बढ़ने पर उन्होंने अब अपने बयान पर सफाई दी है. कहा कि मीडिया ने उनसे सवाल पूछा था कि क्या हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़ी गई थी. इस पर उन्होंने जवाब दिया, ‘नहीं.’ उन्होंने कहा कि मुझे अपने जवाब में यह भी स्पष्ट करना चाहिए था कि सीढ़ियों पर नहीं, बल्कि परिसर या 52 बीघा क्षेत्र के भीतर की बात कही जा रही थी. यही बात छूट जाने से पूरे मामले ने विवाद का रूप ले लिया.

‘मैं हनुमान जी का भक्त हूं’
उन्होंने कहा कि जब मुझसे हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़े जाने का सवाल पूछा गया तो मुझे गहरा आघात पहुंचा. मैं हनुमान जी का भक्त हूं और अयोध्या से मेरा गहरा जुड़ाव है, इसलिए इस प्रकार का सवाल सुनकर स्वाभाविक रूप से भावुक और गुस्सा हो गया. मेरी मंशा किसी भी स्तर पर मुख्यमंत्री योगी के बयान का विरोध करने की नहीं थी. मुख्यमंत्री का बयान भी सही है, अयोध्या के संतों का पक्ष भी सही है और मेरा बयान भी अपने संदर्भ में सही था.

मुख्यमंत्री की बात काट रहा हूं…
उन्होंने आगे कहा कि मेरे बयान को इस तरह पेश किया गया मानो मैं मुख्यमंत्री की बात काट रहा हूं, जबकि ऐसी कोई भावना मेरे मन में नहीं थी. रामजन्मभूमि पहले से ही विभिन्न कारणों से चर्चा में रहती है और यदि हनुमानगढ़ी को लेकर भी इसी तरह के विवाद खड़े किए जाएंगे तो इससे अयोध्या की गरिमा प्रभावित होगी. अगर सरयू मैया, हनुमान जी और रामजन्मभूमि को ही चर्चा से हटा दिया जाए तो अयोध्या में बचेगा क्या?

हनुमानगढ़ी के निर्माण को लेकर मुस्लिम शासक का उल्लेख किए जाने पर भी बृजभूषण शरण सिंह ने सफाई दी. उन्होंने कहा कि उनके बयान का केवल आधा हिस्सा सामने लाया गया. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव ने स्वयं हनुमानगढ़ी के अस्तित्व का उल्लेख किया है, इसलिए यह कहना कि इसका निर्माण किसी व्यक्ति विशेष ने कराया, पूरी तरह सही नहीं होगा. उन्होंने दावा किया कि 18वीं शताब्दी में एक मुस्लिम शासक याचक के रूप में हनुमानगढ़ी पहुंचा था और वहां से लाभ मिलने के बाद उसने नागा साधुओं और मुस्लिम पक्ष के बीच चल रहे संघर्ष के दौरान 52 बीघा भूमि का पट्टा दिया और निर्माण कार्य में सहयोग किया. बाद में इंटरनेट और गूगल पर यह जानकारी इस रूप में प्रसारित हो गई कि हनुमानगढ़ी का निर्माण शुजाउद्दौला ने कराया था, जबकि इसके पीछे का पूरा ऐतिहासिक संदर्भ अलग है.

बृजभूषण सिंह ने कहा कि इतिहास में हनुमानगढ़ी पर कई बार आक्रमण हुए, लेकिन वहां के नागा साधुओं ने हमेशा इसकी रक्षा की और किसी भी आक्रांता को सफल नहीं होने दिया. रामजन्मभूमि और हनुमानगढ़ी दोनों ही सनातन आस्था के महत्वपूर्ण केंद्र रहे हैं और उनकी रक्षा के लिए संतों ने लंबे समय तक संघर्ष किया. भाजपा नेता ने कहा कि यदि 17 जुलाई को दिए गए उनके वक्तव्य से किसी की धार्मिक भावना आहत हुई हो तो वह इसके लिए क्षमा मांगते हैं. उनकी मंशा किसी को ठेस पहुंचाने की नहीं थी और न ही मुख्यमंत्री या संत समाज के विचारों का विरोध करने की थी.

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काव्‍या मिश्रा

Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…और पढ़ें



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