Mahakumbh 2025 : हनुमान बनकर महाकुंभ पहुंचे भगवान राम के साले, बताया सीता मैय्या से सीधा कनेक्शन

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Mahakumbh 2025 : हनुमान बनकर महाकुंभ पहुंचे भगवान राम के साले, बताया सीता मैय्या से सीधा कनेक्शन


Agency:News18 Uttar Pradesh

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Mahakumbh Mela 2025 : भक्ति और आस्था के साथ संगम तट पर कई अनूठे नजारें भी मेले का आकर्षण चुरा रहे हैं. टुनटुन बाबा अपने सर पर मिथिला की मिट्टी को धारण किए हुए हैं. वे महाकुंभ में रहकर पूरे भारत को देखेंगे.

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टुनटुन महाराज

हाइलाइट्स

  • टुनटुन महाराज महाकुंभ में हनुमान रूप में पहुंचे.
  • वे खुद को भगवान राम का साला बताते हैं.
  • महाशिवरात्रि तक प्रयागराज महाकुंभ में रहेंगे.

प्रयागराज. महाकुंभ में पहुंच रहे लाखों भक्तों का तांता प्रयागराज संगम तट पर लगा हुआ है. भक्ति और आस्था के साथ संगम की रेती पर कई अनूठे नजारें भी देखने को मिल रहे हैं. इन दिनों यहां टुनटुन बाबा आकर्षण चुरा रहे हैं. मिथिला से आए टुनटुन बाबा खुद को भगवान राम का साला बताते हैं. ऐसा वे मां सीता के मिथिला की बेटी होने के रिश्ते से कहते हैं. मिथिला के सीतामढ़ी से आए टुनटुन महाराज लोकल 18 से बात करते हुए खुद को भगवान राम का साला बताते हैं. वे कहते हैं कि मां सीता मिथिला के सीतामढ़ी से थीं इसीलिए भगवान राम हमारे जीजा हुए. टुनटुन बाबा अपने सर पर मिथिला की मिट्टी को धारण किए हुए हैं. वे महाशिवरात्रि तक प्रयागराज महाकुंभ में रहकर पूरे भारत को देखेंगे.

धारण किया ये रूप

टुनटुन महाराज के अनुसार, भगवान राम का ससुराल मिथिला में ही था इसीलिए भगवान राम हमारे जीजा हुए. टुनटुन महाराज महाशिवरात्रि के बाद अपने जीजा के घर यानी रामनगरी अयोध्या जाकर प्रभु राम का दर्शन प्राप्त करेंगे. टुनटुन महाराज भगवान राम के प्रिय भक्त हनुमान का रूप धारण किए हुए हैं. वे कहते हैं कि हनुमान जी भगवान राम के प्रिय रहे हैं. टुनटुन हाथ में गदा, पूरे बदन में मिथिला की मिट्टी और सर पर मुकुट धारण किए हुए हैं. वे इसे अपना श्रृंगार बताते हुए कहते हैं कि हम मिथिला की मिट्टी साथ लेकर आए हैं ताकि हम हमेशा मां सीता से जुड़े रहें और प्रभु श्री राम को याद कर सकें.

शायराना अंदाज

टुनटुन महाराज महाकुंभ में आने वाली श्रद्धालुओं को शायराना अंदाज में प्रेरित कर रहे हैं. वे कहते हैं कि 144 वर्षों बाद ये संयोग बना है. इस विशेष योग में सभी को आस्था की डुबकी लगानी चाहिए. इससे तन और मन दोनों पवित्र होता है. जैसे हम वाहनों की सर्विसिंग करवाते हैं, वैसे ही प्रयाग संगम पर आकर हमारी बॉडी की भी एक तरह से सर्विसिंग हो जाती है. हम तन मन से पवित्र हो जाते हैं.

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हनुमान बन महाकुंभ पहुंचे भगवान राम के साले, बताया सीता मैय्या से सीधा कनेक्श



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