Moringa Farming Tips : ये कीट सहजन के पौधों का दुश्मन…बर्बादी से बचा सकती है ये ट्रिक
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Sahjan Farming Tips : सहजन के पेड़ों में आमतौर सबसे ज्यादा खतरा भूआ कीट से होता है, जो फसल को चट कर जाता है. यह कीट पौधे की पूरी पत्तियों को खा जाता है और आसपास भी फैल जाता है.
हाइलाइट्स
- सहजन के पौधों में भूआ कीट का खतरा अधिक होता है.
- किसान भूआ कीट पर नियंत्रण जरूर करें.
- सहजन के पौधे औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं.
Sahjan Farming Tips/आजमगढ़. सहजन की खेती किसानों के लिए बेहद फायदेमंद रही है. इसके लिए अतिरिक्त जगह की जरूरत नहीं पड़ती. किसी भी फसल की बुवाई के साथ खेतों में इसे आसानी से लगाया जा सकता है. लेकिन सहजन के पेड़ में कीड़े लगने का भी खतरा सबसे अधिक होता है. ऐसे में किसानों को इसकी बुवाई के बाद विशेष देखरेख की जरूरत पड़ती है ताकि समय रहते इसे रोगों से बचाया जा सके. बोलचाल की भाषा में मोरिंगा को सहजन भी कहा जाता है. सहजन के पेड़ों में आमतौर पर भूआ कीट लगने का खतरा सबसे अधिक होता है, जो फसल को पूरी तरह बर्बाद कर देता है. यह कीट पूरे पौधे की पत्तियों को खा जाता है और आसपास भी फैल जाता है. सहजन को इन कीटों से बचाने के लिए कई तरह की दवाएं उपयोग की जाती हैं, लेकिन कुछ घरेलू तरीकों के इस्तेमाल से भी इन कीटों पर नियंत्रण किया जा सकता है.
कृषि एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सहजन में फूल आने से पहले इन कीटों का खतरा बढ़ जाता है. अगर पौधे में यह कीट लगा हुआ है तो इसका नियंत्रण जरूरी है. यह कीट काफी खतरनाक होते हैं. यदि शरीर के किसी भाग को छू जाएं तो खुजली पकड़ सकती है और घाव भी हो सकता है. आसपास लगे सब्जियों और फसल को भी प्रभावित कर सकता है. इससे किसानों की परेशानी बढ़ जाती है. सहजन के पौधे में लगे भूआ कीट पर कपड़ा धोने वाला सर्फ का घोल छिड़क दिया जाए तो यह कट मर जाते हैं. यह उपाय किसानों के लिए कम खर्चीला और आसान भी है.
इतने काम की चीज
सहजन एक औषधीय पौधा है. इसके के सभी भागों का उपयोग किया जाता है, जिससे इसकी खेती करने वाले किसानों की आमदनी बढ़ जाती है. आमतौर पर सहजन का उपयोग भोजन, दवा और पशुचारा आदि में किया जाता है. सहजन का फूल, फल और पत्तियों का भोजन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, जबकि छाल, पत्ती, बीज, और जड़ आदि से औषधीय दवाइयां तैयार की जाती हैं. इसकी पत्तियां पशुचारे के रूप में भी इस्तेमाल की जाती हैं.