Photos: इन 7 तस्वीरों में देखें बाढ़ का हाल, काशी का नमो घाट डूबा, अस्सी घाट भी जलमग्न; घरों तक पहुंचा पानी
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Varanasi Ganga Flood:वाराणसी में गंगा ने फिर अपना कहर दिखाया है.हाल ये है कि काशी के सभी 84 घाट डूबने के बाद अब पानी सड़को और गलियो में नजर आ रहा है.बाढ़ के कारण 10 हजार से ज्यादा लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए है.वाराणसी में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच चुका है.
बाढ़ के कारण वाराणसी का नमो घाट एक बार फिर जलमग्न हो गया है.यहां नमस्ते के आकार का सबसे बड़ा स्कल्पचर भी आधे से ज्यादा डूब चुका है.वहीं घाटों का प्लेटफार्म भी जलमग्न है.

वाराणसी में बीते 24 घण्टे में गंगा के उफान की रफ्तार थोड़ी कम जरूर है लेकिन फिलहाल वाराणसी में गंगा चेतावनी बिंदु को पार करके खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है.केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक, वाराणसी में गंगा का जलस्तर 70.98 मीटर है.

वाराणसी के सामनेघाट के कई कालोनियों में गंगा का पानी प्रवेश कर चुका है.जिसके कारण लोग अपने घरों को छोड़ पलायन कर रहें हैं.इस दौरान लोग अपने जरूरी सामान को भी अपने साथ ले जाते नजर आ रहे हैं.

वहीं बात अस्सी घाट की करें तो यहां भी सब कुछ गंगा के पानी में समा चुका है.मन्दिर,प्लेटफॉर्म सब कुछ डूब गए है और गंगा का पानी गलियों में भी प्रवेश कर चुका है.अब पानी सड़को पर आने को आतुर है.

वहीं वरुणा किनारे के कई मुहल्लों को बाढ़ ने अपने आघोष में ले रखा है. सरैया,नक्खीघाट, सलारपुर,अलईपुर जैसे कई इलाके है जहां सैकड़ों घर में 8 से 10 फीट तक पानी प्रवेश कर चुका है.

इन घरों में लोग या तो सेकेंड फ्लोर या तो छतों पर रहने को मजबूर दिख रहे हैं. वहीं इन घरों के कुछ लोग बाढ़ राहत शिविर का भी रुख किया है.

गंगा के कहर को देखते हुए वाराणसी में बाढ़ राहत शिविर को भी दोबारा एक्टिव किया गया है.इन राहत शिविर में सैकड़ों परिवार के लोग रह रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ प्रशासन ने जल पुलिस और एनडीआरएफ को भी अलर्ट मोड में रखा है.