Pilibhit News : जंगल में फंसा पेंच, अधर में शारदा पार के लोग, बजट पास होने के बाद भी लटका पुल
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Pilibhit news in hindi : शारदा पार के लोग नदी पर बने पैंटून पुल के भरोसे जिला मुख्यालय से जुड़े हैं. शारदा हर बरसात में उफान पर रहती है. हर साल जून में पैंटून पुल हटा दिया जाता है, समस्या यहीं से शुरू होती है.
पीलीभीत. उत्तरप्रदेश के पीलीभीत जिले की शारदा पार आबादी एक बार फिर से 6 महीने तक नाव से आने-जाने को मजबूर हो गई है. कहने को इस नदी पर एक स्थाई पुल को स्वीकृति देकर बजट भी आवंटित कर दिया गया है, मगर पुल के धरातल पर आने के आसार फिलहाल नहीं नजर आ रहे हैं. पीलीभीत जिले के पूरनपुर तहसील क्षेत्र में आने वाले शारदा पार इलाके के लोग शारदा नदी पर बने पैंटून पुल के भरोसे जिला मुख्यालय से जुड़े हैं. शारदा नदी अमूमन हर बरसात में उफान पर रहती है. ऐसे में हर साल जून के महीने में पैंटून पुल को हटा दिया जाता है. इससे 7-8 महीने शारदा पार के बाशिंदे जिला मुख्यालय से अलग-थलग हो जाते हैं.
जिला और तहसील मुख्यालय आने के लिए उन्हें पलिया कस्बे के रास्ते कई किलोमीटर अधिक का सफर तय करना पड़ता है या नाव से शारदा नदी को पार करते हैं. इस साल जिस पैंटून पुल को अक्टूबर में बन जाना चाहिए था, वह जनवरी में सुचारू हो पाया. ऐसे में लोगों को महज 5 महीने के लिए ही इस पुल की सुविधा का लाभ मिला. यही कारण है कि लंबे अरसे से स्थानीय लोग शारदा नदी पर स्थाई पुल की मांग करते आ रहे हैं.
बीते दिनों स्थानीय जनप्रतिनिधि की सिफारिश पर शारदा नदी पर लगभग 3.3 किलोमीटर लंबे और 7 मीटर चौड़े पुल के निर्माणकार्य के लिए 269.13 करोड़ रुपये के बजट को स्वीकृति दे दी गई थी. लेकिन स्थायी पुल के निर्माण के लिए कुल 360 पेड़ काटे जाने हैं, जिसमें 249 पीलीभीत टाइगर रिजर्व और 101 पेड़ दुधवा नेशनल पार्क के हैं. पुल निर्माण के लिए वन विभाग की एनओसी की दरकार है. टाइगर रिजर्व के पेड़ों को काटा जाने को लेकर विवाद है. यही कारण है कि सरकारी संस्थाओं के बीच पूरे मामले को लेकर मंथन चल रहा है. विभागीय सूत्रों की मानें तो फिलहाल एनओसी मिलने की संभावनाएं नजर नहीं आ रही है.