Saharanpur News: सहारनपुर के गांधी पार्क में दिखेगा बोलने वाला रावण, मुस्लिम परिवार ने किया तैयार
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Saharanpur News: रियासत अली उर्फ पप्पू ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि वह पिछले कई सालों से रावण कुंभकरण और मेघनाथ के पुत्रों को अपने परिवार के लोगों के साथ बनाते आ रहे है. उनको बिल्कुल भी ऐसा नहीं लगता कि वह कुछ गलत कर रहे है. भाईचारा कायम रहे इसलिए उनकी तीन पीढ़ियां इस काम को करती चली आ रही है.
Saharanpur News: सहारनपुर पहले से ही हिंदू मुस्लिम भाईचारे की मिसाल रहा है. यहां पर हमेशा हिंदुओं ने मुस्लिम त्योहारों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया तो वहीं मुसलमानों ने भी हिंदुओं के त्योहारों में हिस्सा लेकर भाईचारे को कायम रखा है. ऐसे ही एक और भाईचारा सहारनपुर में प्रत्येक वर्ष दशहरा पर्व पर देखने को मिलता है. जहां पर मुस्लिम समाज के लोग हिंदुओं की आस्था से जुड़े दशहरा पर्व पर दहन होने वाले कुंभकरण, मेघनाथ और रावण के पुतलों को बनाकर सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश कर रहे हैं.
पिछले तीन पीढ़ियां बनाती आ रही पुतले
रियासत अली उर्फ पप्पू ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि वह पिछले कई सालों से रावण कुंभकरण और मेघनाथ के पुत्रों को अपने परिवार के लोगों के साथ बनाते आ रहे है. उनको बिल्कुल भी ऐसा नहीं लगता कि वह कुछ गलत कर रहे है. भाईचारा कायम रहे इसलिए उनकी तीन पीढ़ियां इस काम को करती चली आ रही है. यहां तक की जहां पर हम रहते है. वहां पर भी हिंदू भाईचारा आज तक कायम है.
वाटरप्रूफ पेपर का इस्तेमाल
सहारनपुर के गांधी पार्क में पिछले 18 साल से इन पुतलों को बनाते आ रहे है. अगर रावण के पुतले की बात की जाए तो इस बार अन्य साल से बिल्कुल अलग है. इस बार गांधी पार्क का रावण 100 फीट हाइट के साथ-साथ बोलने व हंसने वाला होगा, साथ ही रावण को इस बार सींग भी लगाए गए है. यानी कि उसको राक्षस रूपी दिखाया गया है और रावण के ऊपर वाटरप्रूफ पेपर का इस्तेमाल किया गया है. जिससे की बारिश आने पर वह भीगे ना. जबकि एक रावण को बनाने में लगभग 50,000 तक की लागत आ जाती है. लेकिन मौज मस्ती में ही वह इन रावण के पुतलों को बनाते है. उनको केवल इसमें मजदूरी ही बच पाती है.
रक्षा के रूप में दिखाई देगा रावण
मोहम्मद इंतजार ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि रावण तो हम पहले से ही बनाते आ रहे है हमारे से पहले हमारे पिताजी और हमारे पिताजी से पहले हमारे दादाजी इनको बनाते थे. इस बार वह सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, ननौता, जलालाबाद, चंडीगढ़, थानाभवन, रुड़की के बना रहे है. इस बार सहारनपुर के गांधी पार्क के रावण की खासियत है कि वह ऊंचाई में 100 फुट से अधिक और बोलने और मुंह चलाने वाला है और 5D इसमें पेपर इस्तेमाल किया गया है. साथ ही रावण के मुख पर इस बार सींग ओर दांत लगाए गए हैं उसको रक्षा रूपी दर्शाया गया है.
काशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. अभी लोकल18 यूपी के कॉर्डिनेटर की…और पढ़ें
काशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. अभी लोकल18 यूपी के कॉर्डिनेटर की… और पढ़ें