ये कैसी तकनीक है? अब हवा से बनेगा पीने का पानी, बिना बारिश मिलेगा शुद्ध जल
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Greater Noida News: पानी की समस्या को देखते हुए WAE Limited ने एक ऐसी तकनीक पेश करने का दावा किया है, जो बिना बारिश और किसी बाहरी जल स्रोत के हवा से पीने योग्य पानी तैयार कर सकती है. आइए इस अनोखे तकनीक और इसकी खासियत के बारे में जानते हैं.
ग्रेटर नोएडा: पानी की बढ़ती कमी और स्वच्छ पेयजल की चुनौती के बीच इंजीनियरिंग और सस्टेनेबिलिटी क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी WAE Limited ने एक ऐसी तकनीक पेश करने का दावा किया है, जो बिना बारिश और किसी बाहरी जल स्रोत के हवा से पीने योग्य पानी तैयार कर सकती है. कंपनी ने इस नई तकनीक पर आधारित उत्पाद Aqua Smith लॉन्च किया है, जिसे खासतौर पर उन इलाकों के लिए विकसित किया गया है जहां पानी की भारी कमी है या स्वच्छ पेयजल आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाता.
WAE के सीईओ दीपक ने बताया कि कंपनी पिछले 17 सालों से सस्टेनेबिलिटी और नए इनोवेशन पर लगातार काम कर रही है. उनका कहना है कि WAE का उद्देश्य केवल बेहतर जल समाधान उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि दुनिया को प्लास्टिक-फ्री बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान देना है. दीपक के अनुसार, एक्वा स्मिथ वातावरण में मौजूद नमी (ह्यूमिडिटी) का उपयोग कर पानी तैयार करती है.
24 घंटे में 24 लीटर शुद्ध पानी तैयार
उन्होंने बताया कि इस तकनीक के जरिए बिना बारिश और किसी बाहरी जल स्रोत के पीने योग्य पानी प्राप्त किया जा सकता है. कंपनी का कहना है कि यह तकनीक उन क्षेत्रों में उपयोगी साबित हो सकती है, जहां जल संकट लगातार बढ़ रहा है और लोगों को स्वच्छ पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है. उन्होंने बताया कि फिलहाल इस तकनीक के दो मॉडल उपलब्ध हैं. पहला मॉडल करीब दो घंटे में एक लीटर पानी तैयार करने की क्षमता रखता है, जबकि दूसरा मॉडल 24 घंटे में लगभग 24 लीटर पानी तैयार कर सकता है. कंपनी का कहना है कि दोनों मॉडल घरेलू और छोटे संस्थानों की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किए गए हैं.
RO सिस्टम में पानी होता है बर्बाद
सीईओ ने बताया कि मशीन से प्राप्त होने वाले पानी का टीडीएस (Total Dissolved Solids) संतुलित रहता है और आधुनिक फिल्ट्रेशन तकनीक के जरिए इसे पीने योग्य बनाया जाता है. उनके मुताबिक, मशीन में तैयार होने वाला पानी गुणवत्ता के मानकों के अनुरूप होता है और उपयोग के लिए सुरक्षित रहता है. दीपक ने कहा कि पारंपरिक RO सिस्टम में पानी का काफी हिस्सा बर्बाद हो जाता है. इसी समस्या का समाधान तलाशते हुए कंपनी ने ऐसी तकनीक विकसित करने का प्रयास किया, जिसमें पानी की बर्बादी न हो और लोगों को स्वच्छ पेयजल का एक नया विकल्प मिल सके. उनका मानना है कि भविष्य में इस तरह की तकनीक जल संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभा सकती है.
दुनिया को प्लास्टिक-फ्री बनाना ही विजन
उन्होंने बताया कि कंपनी के संस्थापक अनुपम जोशी का विजन दुनिया को प्लास्टिक-फ्री बनाना और लोगों को टिकाऊ जल समाधान उपलब्ध कराना है. इसी सोच के साथ WAE लगातार ऐसी तकनीकों पर काम कर रही है, जो पानी की उपलब्धता बढ़ाने के साथ पर्यावरण पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को भी कम करें. कंपनी का कहना है कि यह मशीन खासतौर पर उन परिवारों के लिए उपयोगी हो सकती है, जिनकी प्रतिदिन 24 से 50 लीटर पानी की आवश्यकता होती है. ग्राहक अपनी जरूरत के अनुसार उपयुक्त मॉडल का चयन कर सकते हैं.
इंजीनियरिंग और सस्टेनेबिलिटी आधारित जल समाधान
इसके अलावा होटल, कार्यालय, शैक्षणिक संस्थान और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी इस तकनीक का उपयोग कर सकते हैं. WAE Limited इंजीनियरिंग और सस्टेनेबिलिटी आधारित जल समाधान उपलब्ध कराने वाली कंपनी है. कंपनी जल शुद्धिकरण, वाटर ट्रीटमेंट, डिस्पेंसिंग सिस्टम और सर्कुलर हाइड्रेशन इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में काम करती है. उसके समाधान हॉस्पिटैलिटी, कमर्शियल और संस्थागत क्षेत्रों में जल गुणवत्ता सुधारने, पर्यावरणीय प्रभाव कम करने और संसाधनों के अधिक जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विकसित किए गए हैं.
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आर्यन सेठ, News18 Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ल…
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