UP माटीकला बोर्ड योजना: 30 मई तक मुफ्त बिजली चाक और ट्रेनिंग के लिए करें आवेदन
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सहारनपुर: उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए मिट्टी से जुड़ा अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने का एक और सुनहरा अवसर सामने आया है. उप्र माटीकला बोर्ड द्वारा माटी शिल्पकारों की आय बढ़ाने और पारंपरिक कला को आधुनिक रूप देने के लिए ‘निःशुल्क माटीकला टूल-किट वितरण योजना (वर्ष 2026-27)’ की शुरुआत की जा रही है. इस योजना के तहत न केवल प्रजापति समाज, बल्कि समाज का कोई भी इच्छुक व्यक्ति आवेदन कर मुफ्त में विद्युत चालित चाक (मशीन) और तीन दिवसीय निशुल्क ट्रेनिंग प्राप्त कर सकता है. आवेदन की अंतिम तिथि 30 मई तय की गई है.
सहारनपुर: एक बार फिर से युवाओं को अपना खुद का रोजगार शुरू करने का सुनहरा अवसर मिलने जा रहा है. जो युवा मिट्टी से जुड़ा हुआ व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, उनके लिए सरकार निशुल्क मशीन देने के साथ ही उनको निशुल्क ट्रेनिंग देने की व्यवस्था करने जा रही है. उप्र माटीकला बोर्ड द्वारा जनपद के प्रजापति समाज के वास्तविक माटीकला का कार्य करने वाले व्यक्तियों को उनके कार्य में वृद्धि व आय बढ़ाने के उद्देश्य से ‘निःशुल्क माटीकला टूल-किट वितरण योजना’ वर्ष 2026-27 के अंतर्गत 30 विद्युत चालित चाक वितरित किए जाएंगे. इसके साथ ही 3 दिवसीय निःशुल्क ट्रेनिंग भी दी जाएगी, जिससे जो युवा अपना खुद का बिजनेस करना चाहते हैं, उनके लिए यह एक बेहतरीन मौका है.
हर समाज के व्यक्ति के लिए खुला है मौका
ऐसा नहीं है कि केवल प्रजापति समाज के लोग ही इस योजना और ट्रेनिंग का लाभ उठा सकते हैं, बल्कि किसी भी समाज का व्यक्ति इसमें अपना आवेदन कर सकता है. कोई भी इच्छुक नागरिक इस योजना का लाभ उठाकर मिट्टी के बर्तन और विभिन्न उत्पाद बनाने का काम शुरू कर सकता है.
सरकारी वेबसाइट पर तुरंत करें आवेदन और प्राप्त करें निशुल्क ट्रेनिंग और मशीनें
अब बात आती है कि इसमें कहाँ का व्यक्ति आवेदन कर सकता है और इसकी पात्रता क्या है. इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक का संबंधित जनपद का मूल निवासी होना अनिवार्य है. इसके साथ ही आवेदक की आयु 18 से 55 वर्ष के मध्य होनी चाहिए. लाभार्थी को टूल-किट्स वितरण से पूर्व मण्डलीय प्रशिक्षण केन्द्र पर 03 दिवसीय प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से प्राप्त करना होगा.
योजना के लिए जरूरी नियम और शर्तें
योजना का लाभ लेने के लिए यह भी जरूरी है कि लाभार्थी के परिवार में से किसी को भी पहले किसी विभाग या संस्था द्वारा माटीकला टूल-किट प्राप्त न हुआ हो. इसके अलावा आवेदक माटीकला कारीगरों के आंकड़ा संग्रह सूची में सम्मिलित हो, साथ ही संबंधित तहसील से माटीकला कारीगर होने का चिन्हांकन (सर्टिफिकेट/सत्यापन) किया गया हो.
30 मई तक ऑनलाइन आवेदन, ‘पहले आओ पहले पाओ’ पर चयन
इच्छुक अभ्यर्थी 30 मई तक माटीकला बोर्ड द्वारा संचालित आधिकारिक पोर्टल upmatikalaboard.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और इस योजना का पूरा लाभ उठा सकते हैं. इस योजना का लाभ उठाने के बाद जब युवक माटी के विभिन्न तरह के उत्पाद बनाएंगे, तो उन्हें बाजार में आगे कैसे बेचना (सेल करना) है, इसकी भी पूरी जानकारी और ट्रेनिंग दी जाएगी. ध्यान रहे कि इस योजना में लाभार्थियों का चयन ‘पहले आओ पहले पाओ’ के आधार पर किया जाएगा.
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राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें