UP पंचायत चुनाव को लेकर बड़ा अपडेट, 2 दिन में खत्म हो रहा प्रधानों का कार्यकाल
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UP Panchayat Chunav : सरकार मौजूदा ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक बनाने पर विचार कर रही है. प्रदेश के 27 हजार 694 ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को खत्म हो जाएगा. इस बार राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड की तर्ज पर ग्राम प्रधानों को ही जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना है. राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संघ ने भी सरकार से यही मांग की है. सूत्रों के मुताबिक, अगले 48 घंटे के भीतर ग्राम सभाओं के प्रशासकों को लेकर फैसला हो सकता है.
सरकार मौजूदा ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक बनाने पर विचार कर रही है.
लखनऊ. यूपी पंचायत चुनाव को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है. उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव विधानसभा इलेक्शन 2027 के बाद कराए जाने की तैयारी है. सूत्रों के मुताबिक, अगले 48 घंटे के भीतर ग्राम सभाओं के प्रशासकों को लेकर फैसला हो सकता है. योगी सरकार मौजूदा ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक बनाने पर विचार कर रही है. प्रदेश के 27 हजार 694 ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो रहा है. सरकार पहली बार प्रधानों को चुनाव तक प्रशासक की जिम्मेदारी दे सकती है. अब तक यूपी में एडीओ पंचायत को प्रशासक बनाया जाता था, लेकिन इस बार राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड की तर्ज पर ग्राम प्रधानों को ही जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना है.
अभी मतदाता सूची नहीं तैयार
अगर इस फैसले पर मुहर लग जाती है तो पंचायत चुनाव तक गांवों के विकास कार्यों की जिम्मेदारी मौजूदा प्रधानों के पास ही रहेगी. बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संघ ने भी सरकार से यही मांग की है. सामान्य स्थिति में अब तक चुनाव हो जाने चाहिए थे, लेकिन हाईकोर्ट की प्रक्रिया और आयोग की रिपोर्ट के कारण चुनाव में करीब एक साल की देरी होने की संभावना है. चुनाव लेट होने की एक वजह पंचायत मतदाता सूची का पूरी तरह से तैयार नहीं होना भी है. अंतिम मतदाता सूचनी 10 जून को जारी होगी.
छह महीने इस वजह से देरी
पंचायत चुनाव से पहले योगी मंत्रिमंडल ओबीसी रिजर्वेशन फाइनल करने के लिए आयोग का गठन कर चुका है. आयोग को छह महीने में अपनी रिपोर्ट सौंपनी है. आयोग की अध्यक्षता इलाहाबाद हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज राम अवतार सिंह कर रहे हैं. आयोग में दो रिटायर्ड अतिरिक्त जिला जज और दो रिटायर्ड आईएएस अधिकारियों को भी सदस्य बनाया गया है. आयोग को नवंबर 2026 तक अपनी रिपोर्ट सौंपनी है. इसके बाद पंचायतों में ओबीसी आरक्षण का अंतिम फैसला लिया जाएगा. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 4 फरवरी 2025 को सरकार को ओबीसी आयोग के गठन का निर्देश दिया था.
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प्रियांशु गुप्ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें