अगर गर्मियों में गाय-भैंस दे रही हैं कम दूध, तो उनकी डाइट में करें फौरन ये बदलाव, मिलेगा बेहतर रिजल्ट
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कृषि विज्ञान केंद्र सुल्तानपुर में कार्यरत पशु वैज्ञानिक डॉ दिवाकर ने बताया कि इस गर्मी में दुधारू पशुओं का दूध उत्पादन घट जाता है, जबकि कम दूध देने की हालत में भी पशु, चारा सामान्य दिनों जितना ही खाता है.
पशुओं की तस्वीर
गर्मी का मौसम शुरू हो गया है. ऐसे में इसका असर सिर्फ मनुष्य पर ही नहीं पड़ने वाला, बल्कि वातावरण के साथ-साथ पशु और पक्षियों पर भी पड़ेगा. वहीं गर्मी के मौसम में खान-पान को लेकर भी लोगों की चिंता बढ़ जाती है. ऐसे में हमारे लिए जानना जरूरी है कि गर्मी के मौसम में हम पशुओं को कितना चारा खिलाएं, ताकि उनका हेल्थ ठी रहे. आइए जानते हैं इस पर पशु वैज्ञानिक की क्या है राय..?
देना चाहिए संतुलित आहार
कृषि विज्ञान केंद्र सुलतानपुर में कार्यरत पशु वैज्ञानिक डॉ दिवाकर ने बताया कि गर्मी में दुधारू पशुओं का दूध उत्पादन घट जाता है, जबकि कम दूध देने की हालत में भी पशु उतना ही चारा खाते हैं जितना वह सामान्य दिन खाते हैं. इसके चलते पशुपालक को एक तो पशु की बीमारी पर खर्च करना होता है. दूसरा दूध कम मिलता है. ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि पशुओं को स्वस्थ और उत्पादक रखने के लिए उन्हें संतुलित आहार दें .
न खिलाएं नया भूसा
ज्यादातर किसानों के यहां अप्रैल माह में नया भूसा आ जाता है. ऐसे में वो पशुओं को नया भूसा अधिक मात्रा में खिलाने लगते हैं जो कि गर्मी के मौसम के यह प्रतिकूल होता है. इसलिए, सबसे पहले नए भूसे की मात्रा 25 प्रतिशत और 75 प्रतिशत पुराना भूसा रखना चाहिए. इसके 2 महीने बाद 50% नया भूसा और 50% पुराना भूसा के मिश्रण को करके ही पशुओं को खिलाएं. इससे पशुओं का तापमान वातावरण के अनुसार ढलता जाता है और उनके पाचन क्रिया में भी कोई समस्या नहीं उत्पन्न होती.
यह चारा है महत्वपूर्ण
पशु विशेषज्ञों के अनुसार अधिक गर्मी पड़ने पर पशुओं को ज्वार का चारा खिलाना चाहिए. पशुपालकों को इसे एक पौष्टिक आहार के रूप में जानवरों को खिलाना चाहिए, लेकिन खिलाते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. ज्वार का चारा सही मात्रा में खिलाया जाना चाहिए. वहीं खिलाते समय ज्वार 4 से 5 किलो ही इस्तेमाल करें. इसके साथ 10 किलो भूसा का इस्तेमाल कर सकते हैं. साथ ही ध्यान रखें कि अधिक मात्रा में ज्वार न खिलाएं, क्योंकि पशु बीमार भी पड़ सकते हैं. सही मात्रा में अगर ज्वार का सेवन जानवरों को कराया जाए, तो इससे उनकी भूख भी काफी बढ़ती है.
इस तरह पशुओं को तनाव से बचाएं
डॉ दिवाकर ने बताया कि गर्मी में पशु तनाव की समस्या से जूझते हैं. ऐसे में उन्हें तनाव से बचाने के लिए हरे चारे को 80% सुख चेहरे के साथ मिलकर देना चाहिए. इससे पशुओं को तनाव की समस्या से मुक्ति मिलती है और गर्मी में उनका स्वास्थ्य सही रहता है.