अब ऑनलाइन बनेगा 12 महीने तक का किरायानामा, जानिए पूरा प्रोसेस
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किरायानामा बनवाने के लिए अब रजिस्ट्री ऑफिस और वकीलों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी. सरकार 12 महीने तक के किरायानामे के लिए डिजिटल स्टांपिंग सुविधा शुरू कर रही है, जिसके तहत लोग घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर से डिजिटल स्टांप जनरेट कर सकेंगे, ऑनलाइन शुल्क जमा कर सकेंगे और ई-केवाईसी व आधार आधारित हस्ताक्षर के जरिए किरायानामा तैयार कर सकेंगे. इससे समय, पैसा और अनावश्यक भाग-दौड़ दोनों की बचत होगी.
आजमगढ़: व्यावसायिक उपयोग के लिए किरायानामा बनवाने हेतु अब रजिस्ट्री ऑफिस की भाग-दौड़ और वकीलों की झंझट खत्म हो गई है. सरकार की ओर से अब डिजिटल स्टांपिंग की व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है, जिसके माध्यम से जरूरतमंद व्यक्ति घर बैठे मोबाइल की मदद से डिजिटल स्टांप जनरेट कर सकेंगे और अपने किरायानामे की प्रक्रिया को बेहद आसानी से आगे बढ़ा सकेंगे. दरअसल, सरकार द्वारा अब 12 महीने तक के किरायानामे के लिए डिजिटल व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी, जो लोगों के लिए बेहद फायदेमंद होगी.
इससे पहले किरायानामा बनवाने के लिए स्टांप खरीदकर उसके प्रारूप को तैयार करने के लिए किसी एक्सपर्ट या वकील की आवश्यकता होती थी. वहीं दूसरी ओर रजिस्ट्री विभाग में भी लंबी भाग-दौड़ करनी पड़ती थी, लेकिन अब इस समस्या से लोगों को छुटकारा मिलेगा और 12 महीने तक के किरायानामे के लिए वे घर बैठे ही कंप्यूटर या मोबाइल के माध्यम से बेहद आसानी से अपना डिजिटल स्टांप जनरेट कर सकेंगे तथा स्टांप शुल्क ऑनलाइन माध्यम से जमा कर सकेंगे.
ई-केवाईसी से होगा सत्यापन, ऑटोमेटिक बनेगा किरायानामा प्रारूप
रजिस्ट्री विभाग के पोर्टल पर 12 महीने तक के किरायानामे विलेख की डिजिटल स्टांपिंग का विकल्प उपलब्ध होगा, जिसका चयन करते हुए आवेदक द्वारा दोनों पक्षकारों के आधार विवरण अंकित किए जाने के बाद ई-केवाईसी के माध्यम से सत्यापन किया जाएगा. सबसे खास बात यह है कि स्टांप तैयार करने का प्रारूप भी स्वतः जनरेट हो जाएगा. इसे तैयार करने के लिए वकील या कचहरी की भाग-दौड़ करने की भी आवश्यकता नहीं होगी. पोर्टल पर उपलब्ध विकल्प में अभिलेख की अवधि, मासिक किराया, प्राथमिक और अन्य आवश्यक विवरण दर्ज करना होगा. इसके आधार पर स्टांप शुल्क जनरेट होगा, जिसका भुगतान ऑनलाइन माध्यम से ही आसानी से किया जा सकेगा.
आधार आधारित डिजिटल साइनिंग से पूरी होगी प्रक्रिया
दर्ज की गई जानकारी के अनुसार किरायानामे का प्रारूप स्वतः तैयार हो जाएगा और निर्धारित स्टांप शुल्क का भुगतान करने के बाद दोनों पक्षकार आधार-आधारित हस्ताक्षर के माध्यम से अभिलेख का निष्पादन कर सकेंगे. इसके बाद उसका प्रिंट आउट उन्हें प्राप्त हो सकेगा. इसके अलावा उनके द्वारा उपलब्ध कराए गए ईमेल के माध्यम से भी किरायानामे की प्रति उन्हें प्राप्त हो सकेगी. इस विषय पर जानकारी देते हुए सहायक आयुक्त निबंधक राजेश कुमार ने बताया कि डिजिटल स्टांपिंग की व्यवस्था लोगों के लिए बेहद फायदेमंद होगी. इससे रजिस्ट्री विभाग में लोगों की भाग-दौड़ कम होगी और स्टांप तैयार करने पर होने वाले खर्च भी बच सकेंगे.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें