अब नोएडा को पीछे छोड़ देगा ये पड़ौसी! गंगा एक्सप्रेसवे पलटने जा रहा खेल, अब बनेगा किंग
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अभी तक दिल्ली-एनसीआर और यूपी के टॉप शहरों में शुमार नोएडा-ग्रेटर नोएडा को कड़ी टक्कर मिलने जा रही है. उसका पड़ौसी शहर गाजियाबाद अब दिल्ली-एनसीआर ही नहीं बल्कि यूपी का सबसे बड़ा आवासीय और कमर्शियल हब बनने की ओर बढ़ रहा है और इसकी तरक्की में सबसे बड़ा मील का पत्थर साबित हो रहा है हाल ही में शुरू हुआ गंगा एक्सप्रेसवे. आइए जानते हैं कैसे?
नोएडा के पड़ौसी शहर गाजियाबाद की किस्मत पलटने लगी है. गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होते ही यह शहर अब पश्चिमी यूपी का सबसे बेहतर कनेक्टेड शहर बनने जा रहा है.पहले दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और फिर गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ना गाजियाबाद के लिए वरदान साबित होने जा रहा है. आइए जानते हैं कैसे गाजियाबाद एनसीआर का सबसे बड़ा रेजिडेंशियल और कमर्शियल हब बनने की ओर बढ़ रहा है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटन किए गए गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद गाजियाबाद अब न केवल पूर्वांचल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से बेहतर तरीके से जुड़ रहा है बल्कि उत्तराखंड तक सीधी और तेज पहुंच ने इसे पसंदीदा शहरों की लिस्ट में ऊपर पहुंचा दिया है. गाजियाबाद मेट्रो, रैपिड मेट्रो और अब गंगा एक्सप्रेसवे इसे हॉटस्पॉट बनाने जा रहे हैं.

बता दें कि गाजियाबाद से गंगा एक्सप्रेसवे पर जाने के दो आसान रास्ते उपलब्ध हैं. पहला रास्ता हापुड़ होते हुए भैना सदरपुर इंटरचेंज (एनएच-9) से जाता है और दूसरा रास्ता मेरठ-हापुड़ रोड पर बिजौली गांव के पास बने इंटरचेंज से इसे एक्सप्रेसवे तक जोड़ता है. महज कुछ किलोमीटर की दूरी के चलते अब लोग गाजियाबाद में रिहाइश तलाश रहे हैं.
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गाजियाबाद के जिन इलाकों को गंगा एक्सप्रेसवे से सबसे ज्यादा फायदा हो रहा है, उनमें डासना, मसूरी, मुरादनगर, मोदीनगर और एनएच-9 के आसपास के इलाके शामिल हैं. इन शहरों में प्रॉपर्टी की मांग एकदम बढ़ गई है और यहां बड़े डेवलपर तमाम सुविधाओं के साथ बेहतर आवास भी उपलब्ध कराने के लिए चल पड़े हैं. यहां बड़े हाउसिंग प्रोजेक्ट, कमर्शियल हब और वेयरहाउसिंग जोन विकसित हो रहे हैं.

नई कनेक्टिविटी से गाजियाबाद में औद्योगिक कारिडोर तेजी से बढ़ने जा रहे हैं. बहुत उम्मीद है कि इससे निवेश बढ़ेगा और लाखों युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे. साथ ही इन लोगों को रहने के लिए भी घर चाहिए होंगे, जो यहां फ्लैट, घरों और अपार्टमेंट की मांग बढ़ाएंगे.

सबसे खास बात है कि गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) अपनी महायोजना 2031 के तहत मेरठ एक्सप्रेसवे के दोनों ओर नई आवासीय और औद्योगिक योजनाएं लाने की तैयारी कर रहा है. इसके अलावा कई बड़े प्राइवेट बिल्डर पहले से ही इस एक्सप्रेसवे के आसपास अपने प्रोजेक्ट लांच करने के लिए तैयार बैठे हैं.

साफ है कि गंगा एक्सप्रेसवे गाजियाबाद को पूरे राज्य के आर्थिक विकास का मुख्य केंद्र बनाने जा रहा है. बेहतर कनेक्टिविटी से रियल एस्टेट और उद्योगों को नई मजबूती मिलने जा रही है और वह दिन दूर नहीं जब गाजियाबाद नोएडा को पछाड़ कर यूपी का टॉप शहर बनने जा रहा है.