‘अब भूखे मरने की नौबत’… हिंडन नदी किसानों के लिए बनी आफत, देखिए स्थिति
गाजियाबाद: जिले में हिंडन नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. नदी का पानी अब आसपास के गांवों और खेतों तक पहुंचने लगा है. कई खेत जलमग्न हो चुके हैं, जिससे फसलें बर्बाद होने लगी हैं. खेतों में बनी मजदूर परिवारों की झुग्गियों में भी पानी घुस गया है. हालात ऐसे हैं कि कई परिवार सुरक्षित जगहों की ओर जाने को मजबूर हैं. नदी का बढ़ता जलस्तर किसानों और ग्रामीणों की चिंता लगातार बढ़ा रहा है.
गाजियाबाद के मुरादनगर और राजनगर एक्सटेंशन क्षेत्र में पाइपलाइन रोड के पास बहने वाली हिंडन नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. इसका असर आटोर नगला, बहौली, मतौर, सुराना, भदौली, भनेड़ा खुर्द और आबिदपुर मानकी समेत कई गांवों में देखने को मिल रहा है. खेतों में तीन से चार फीट तक पानी भर चुका है, जिससे खड़ी फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है. हिंडन नदी के किनारे बने क्रिकेट स्टेडियम में भी करीब चार फीट पानी भर गया है.
6 सालों से मानसून की ऐसी स्थिति
भनेड़ा गांव के किसान विनोद शर्मा ने बताया कि गांव के करीब 90 प्रतिशत खेत जलमग्न हैं. उनका कहना है कि पिछले छह वर्षों से हर मानसून में यही स्थिति बनती है और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है. इस बार भी किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है. फिलहाल पानी गांव तक नहीं पहुंचा है, लेकिन यदि जलस्तर और बढ़ा तो आबादी भी इसकी चपेट में आ सकती है.
खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर परिवार
वहीं खेतों के पास झुग्गियों में रहने वाले मजदूर परिवारों की परेशानी भी बढ़ गई है. नंदकिशोर ने बताया कि पानी भरने से उनकी झुग्गी और घरेलू सामान खराब हो गया. करीब 30 हजार रुपये का नुकसान हुआ है. पिछले आठ दिनों से आठ सदस्यीय परिवार पुल के नीचे खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं. परिवार में महिलाएं और छोटे बच्चे भी हैं, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई है.
कुंती ने बताया कि उनका परिवार पिछले कई वर्षों से खेती का काम करता है और खेतों के पास बनी झुग्गियों में रहता है. लेकिन पिछले कई दिनों से हिंडन नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण खेतों में पानी भर गया. इससे उनकी झुग्गी भी पानी की चपेट में आ गई और करीब 30 हजार रुपये का सामान खराब हो गया.
जिला प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं
उन्होंने बताया कि पिछले 10 दिनों से उनका परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है. परिवार में छोटे-छोटे बच्चे भी हैं, जिससे परेशानियां और बढ़ गई हैं. सड़क किनारे ही खाना बनाना पड़ रहा है और वहीं रात गुजारनी पड़ रही है. कुंती का आरोप है कि जिला प्रशासन की ओर से अब तक उन्हें कोई मदद नहीं मिली है. उनका कहना है कि उनका परिवार पिछले कई दिनों से सड़क किनारे रहने को मजबूर है और अब तक कोई राहत नहीं पहुंची है.
सिंचाई विभाग के साथ लगातार संपर्क
गाजियाबाद में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने एडीएम (वित्त एवं राजस्व) अंजनी कुमार सिंह को नोडल अधिकारी बनाया है. उन्होंने बताया कि प्रशासन हिंडन नदी की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और सिंचाई विभाग के साथ लगातार संपर्क में है. अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि पिछले दो दिनों से हिंडन नदी का जलस्तर सामान्य बना हुआ है और पानी धीरे-धीरे उतर रहा है. वहीं यमुना नदी के जलस्तर की भी लगातार निगरानी की जा रही है.
आपात स्थिति में इस नंबर से करें संपर्क
करहेड़ा गांव में भी पानी पहले के मुकाबले कम हुआ है. संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने बाढ़ चौकियां और राहत शिविर तैयार किए हैं. प्रशासन और सिंचाई विभाग की टीमें लगातार प्रभावित इलाकों का दौरा कर रही हैं. जिन क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने की आशंका है, वहां पहले ही मुनादी कराकर लोगों को सतर्क किया गया है.
प्रशासन ने कहा है कि यदि किसी क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने की जरूरत पड़ती है तो वे राहत शिविरों में आ सकते हैं. वहां उनके लिए आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है. किसी भी आपात स्थिति में मदद के लिए जिला प्रशासन ने टोल फ्री नंबर 1077 जारी किया है. इसके अलावा 0120-2989032 और 0120-2989034 पर भी संपर्क किया जा सकता है. जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा न करें और केवल प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी पर ही विश्वास करें.