अब सोलर ऊर्जा से चलेगा नोएडा में एसटीपी प्लांट, बिजली की खपत होगी आधी!
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नोएडा के एसटीपी प्लांट को सोलर ऊर्जा से चलाया जाएगा, जिससे 5 लाख टन कार्बन इमिशन कम होगा. 6 मेगावाट का सोलर प्लांट सभी एसटीपी को बिजली देगा, जिससे बिजली की खपत आधी हो जाएगी.
नोएडा में सोलर एनर्जी से होगा बड़ा बदलाव.
हाइलाइट्स
- नोएडा एसटीपी प्लांट सोलर ऊर्जा से चलेगा.
- 5 लाख टन कार्बन इमिशन कम होगा.
- नोएडा को सोलर सिटी बनाने की योजना तैयार.
गौतम बुद्ध नगर: उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले में स्थित नोएडा के एसटीपी प्लांट को एक नई दिशा मिलने जा रही है. यहां संचालित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) को अब सोलर ऊर्जा से चलाया जाएगा, जिससे अगले 5 साल में 5 लाख टन कार्बन इमिशन को कम किया जा सकेगा. इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए 6 मेगावाट का सोलर एनर्जी प्लांट लगाया जाएगा. यह सोलर प्लांट नोएडा के सभी 6 एसटीपी को बिजली आपूर्ति करेगा, जिससे बिजली की खपत आधी हो जाएगी.
कैसे काम करेगा सोलर एनर्जी प्लांट?
गौतम बुद्ध नगर प्राधिकरण के महाप्रबंधक जल सीवर, आरपी सिंह ने बताया कि इस प्रोजेक्ट की मंजूरी मिल चुकी है. उन्होंने आगे कहा कि एक एसटीपी प्लांट को चलाने में वर्तमान में 2 मेगावाट बिजली की आवश्यकता होती है, और रोजाना 2000 यूनिट बिजली खपत होती है. लेकिन, सोलर एनर्जी से चलने के बाद यह खपत रोजाना करीब 1000 यूनिट कम हो जाएगी, जिससे कार्बन रेडिएशन में भी कमी आएगी. एक यूनिट बिजली की खपत से 30 ग्राम कार्बन का बचाव होता है. इस बदलाव के बाद कई किलोग्राम कार्बन बचत होगी, जो नोएडा के प्रदूषण स्तर को कम करने में मदद करेगा.
नोएडा को सोलर सिटी बनाने की योजना
नोएडा को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने की योजना भी तैयार की गई है. 2024 और 2025 के बजट में इस परियोजना को प्रमुखता दी गई है. इसके अंतर्गत, सभी एसटीपी को सोलर ऊर्जा से संचालित किया जाएगा और स्ट्रीट लाइटों को भी सोलर एनर्जी से चलाया जाएगा. इसका रोड मैप तैयार कर लिया गया है, और इस पर जल्द ही काम शुरू होने वाला है.
प्लांट लगाने का कार्य जल्द होगा शुरू
सोलर एनर्जी प्लांट लगाने का काम जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा, और इसके लिए डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार की जा रही है. रिपोर्ट तैयार होने के बाद, प्राधिकरण के समक्ष इसे पेश किया जाएगा, और उसके बाद कार्य की शुरुआत होगी.
कुल मिलाकर, नोएडा का यह सोलर ऊर्जा से संचालित एसटीपी प्लांट ना केवल पर्यावरण को बचाने में मदद करेगा, बल्कि बिजली की खपत को भी कम करेगा और नोएडा को एक सशक्त सोलर सिटी बनाने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगा.