आंधी-तूफान में भी नहीं गिरेंगे आम! अपनाएं एक्सपर्ट के ये असरदार टिप्स, मुनाफा होगा डबल
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Mango Crop Protection Tips: आम के सीजन में बागवानों के लिए सबसे बड़ी चुनौती अचानक आने वाली आंधी और तूफान होते हैं, जिनसे कच्ची अमियां टूटकर गिर जाती हैं और भारी नुकसान होता है. कृषि वैज्ञानिक डॉ. दीपक मेहंदीरत्ता के अनुसार, बाग को सुरक्षित रखने के लिए ‘विंडब्रेक’ तकनीक सबसे कारगर है, जिसमें बाग के चारों ओर शीशम या बांस जैसे हवा रोधक पेड़ लगाए जाते हैं. इसके अलावा, आंधी की संभावना होने पर सिंचाई न करना और फलों से लदी टहनियों को बांस का सहारा देना जैसे छोटे बदलाव फसल को बर्बाद होने से बचा सकते हैं. इन वैज्ञानिक तरीकों को अपनाकर किसान न केवल अपनी फसल बचा सकते हैं, बल्कि बाजार में प्राकृतिक रूप से पके आम पहुंचाकर मोटा मुनाफा भी कमा सकते हैं.
Mango Tree Care Tips: आम का सीजन आते ही बागवानों की उम्मीदें बढ़ जाती हैं, लेकिन मौसम का बदलता मिजाज अक्सर चिंता का कारण बनता है. तेज हवाओं और आंधी के कारण पेड़ों से कच्ची अमियां टूटकर गिर जाती हैं, जिससे उत्पादन और कमाई दोनों पर असर पड़ता है. कृषि विशेषज्ञों ने कुछ ऐसे तरीके साझा किए हैं, जिन्हें अपनाकर किसान अपनी फसल को सुरक्षित रख सकते हैं और टहनियों को मजबूती प्रदान कर सकते हैं.
कृषि वैज्ञानिक डॉ. दीपक मेहंदीरत्ता का कहना है कि आंधी से बचाव के लिए सबसे जरूरी है हवा रोधी यानी विंडब्रेक प्रबंधन करना. उन्होंने बताया कि जब भी नया बाग लगाएं या पुराने बाग की सुरक्षा करनी हो, तो बाउंड्री पर शीशम, बांस या जामुन जैसे ऊंचे और घने पेड़ जरूर लगाएं. ये वन वृक्ष बाहर से आने वाली तेज हवा के झोंकों को रोक लेते हैं, जिससे बाग के अंदर लगे आम के पेड़ों को सीधा नुकसान नहीं पहुंचता और फसल सुरक्षित रहती है.
सिंचाई के समय का रखें खास ध्यान
अक्सर किसान जानकारी के अभाव में आंधी आने की संभावना के दौरान सिंचाई कर देते हैं, जो नुकसानदेह साबित होता है. डॉ. मेहंदीरत्ता के अनुसार, जब हवा तेज चलने के आसार हों, तब सिंचाई बिल्कुल नहीं करनी चाहिए. गीली मिट्टी होने के कारण तेज हवा में पेड़ के जड़ से उखड़ने या डगमगाने का खतरा बढ़ जाता है. सिंचाई हमेशा मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए पहले या बाद में ही करें.
टहनियों को दें बांस और रस्सी का सहारा
जब पेड़ फलों से लदे होते हैं, तो टहनियां भारी होकर झुक जाती हैं. ऐसे में तेज हवा चलते ही उनके टूटने का डर रहता है. बागवानों को चाहिए कि वे फलों से लदी कमजोर डालियों को बांस की बल्लियों या मजबूत रस्सी से सहारा दें. इसके अलावा, पेड़ों की हल्की छंटाई भी जरूरी है ताकि हवा डालियों के बीच से आसानी से निकल सके और पेड़ पर दबाव कम पड़े.
वहीं, अमियों के गिरने का एक बड़ा कारण डंठल का कमजोर होना भी होता है. विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि संतुलित खाद और सूक्ष्म पोषक तत्वों का छिड़काव करने से फलों की पकड़ मजबूत होती है. समय पर दी गई सही खुराक डंठल को लचीला और मजबूत बनाती है, जिससे वे हवा के झोंकों को सहने में सक्षम हो जाते हैं.
टूटी हुई अमियों का क्या करें?
यदि आंधी की वजह से कुछ अमियां टूटकर गिर भी जाएं, तो उन्हें जमीन पर पड़ा न रहने दें. डॉ. मेहंदीरत्ता ने बताया कि गिरी हुई अमियों को तुरंत इकट्ठा कर किसी सुरक्षित और सूखी जगह पर रखें. जमीन पर पड़े रहने से वे सड़ सकती हैं या उनमें कीड़े लग सकते हैं, जबकि सुरक्षित रखने पर उन्हें मार्केटिंग के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है.
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सीमा नाथ 6 साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शाह टाइम्स में रिपोर्टिंग के साथ की जिसके बाद कुछ समय उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम …और पढ़ें