आगरा के काली मंदिर का रहस्यमय इतिहास, माता ने बच्चे को स्वप्न में दिया दर्शन

0
आगरा के काली मंदिर का रहस्यमय इतिहास, माता ने बच्चे को स्वप्न में दिया दर्शन


होमताजा खबरधर्म

आगरा के काली मंदिर का रहस्यमय इतिहास, माता ने बच्चे को स्वप्न में दिया दर्शन

Last Updated:

Agra News: आगरा में एक ऐसा मंदिर है, जिसकी मान्यता काफी रहस्यमयी है. आगरा के पश्चिम पुरी क्षेत्र में पूर्णमासी कालरात्रि मंदिर स्थित है. यह प्राचीन मंदिर अपने एतिहासिक चमत्कारों के लिए क्षेत्र में काफी प्रसिद्ध है.

आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा को प्राचीन नगरी कहा जाता है. आगरा में कई ऐसे प्राचीन और रहस्यमाई मंदिर है, जिनका इतिहास बेहद चमत्कारी है. आज हम आपको एक ऐसे ही मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं. दरअसल आगरा के पश्चिम पुरी क्षेत्र में पूर्णमासी कालरात्रि मंदिर स्थित है. यह प्राचीन मंदिर अपने एतिहासिक चमत्कारों के लिए क्षेत्र में काफी प्रसिद्ध है.

मान्यता है कि कई साल पहले 15 वर्षीय बालक को काली मां ने सपने में दर्शन दिए थे. माता ने बालक को कहा, ‘घर के सामने बने पार्क में अपने चरण छोड़कर गई हूं, जाओ उसे देख लो’. बालक हिमांशु सुबह जब वहां गया तो चावल के पैर वहां बने हुए थे. यह बात उसने परिजनों को बताई. उस समय हिमांशु के साथ उसकी कामवाली यह दृश्य देखने गई तो वह भी हैरान रह गई. कामवाली ने पूरी घटना हिमांशु के परिजनों को बताई. मंदिर के महंत ने बताया कि इस घटना के बाद आसपास के सभी लोगों ने मिलकर यहां इस मंदिर की स्थापना की. वर्तमान में दूरदराज से लोग यहां दर्शन के लिए आते हैं.

शनिवार को होती है विशेष पूजा अर्चना
आगरा के पश्चिम पुरी चौराहे के पास स्थित पूर्णमासी कालरात्रि मंदिर बेहद प्राचीन और भव्य मंदिर है. यहां के पुजारी पंडित देवेंद्र तिवारी ने बताया कि वैसे तो यहां हफ्ते के सभी दिन भक्त आकर पूजा अर्चना करते हैं, लेकिन शनिवार को यहाँ विशेष विधि विधान से पाठ किया जाता है. उन्होंने कहा कि सुबह से ही शनिवार को भक्तों की यहां भीड़ रहती है. काली मां के दर्शन के बाद भक्त यहां शनिदेव महाराज की पूजा करते हैं. भगवान भी अपने भक्तों की रक्षा करते हैं. पुजारी ने बताया की नवरात्रि के दिनों ने यहां मेले जैसा उत्सव रहता है. हजारों श्रद्धालु यहां पूजा पाठ करने आते हैं. नवरात्री में यहां हर रोज सुबह से शाम तक भंडारे का आयोजन होता है.

15 वर्षीय बालक को मां ने दिए थे दर्शन
आगरा के पश्चिम पुरी स्थित पूर्णमासी कालरात्रि मंदिर के पुजारी पंडित देवेंद्र तिवारी ने बताया कि यह मंदिर बेहद चमत्कारी है. उन्होंने कहा कि यहां मैया की अद्धभुत मूर्ति भक्तों का कल्याण करती है. पुजारी जी ने बताया कि मान्यता है कि यहीं नजदीक एक परिवार रहता था. वह परिवार हर साल करोली दर्शन करने के लिए जाता था. उनका एक बेटा था, चित्रांश हिमांशु कुलश्रेष्ठ जो 15 वर्ष का था. उस बालक को काली मां ने सपने में कई बार दर्शन दिए. यह बात उस बालक ने अपने माता-पिता को बताई, लेकिन मां-बाप उस बात को समझ नहीं पाए थे.

आसपास के लोगों ने कराई मंदिर की स्थापना
पुजारी ने बताया कि एक रात उस बच्चे को मां काली ने फिर दर्शन दिए और कहा कि घर के सामने बने पार्क में अपने चरण छोड़कर गई हूं, जाओ उसे देख लो. बालक हिमांशु सुबह जब वहां गया, तो देखा कि वहां चावल के पैर बने हुए थे. यह बात उसने परिजनों को बताई. उस समय हिमांशु के साथ उसकी कामवाली भी यह दृश्य देखने गई तो वह भी हैरान रह गई. कामवाली ने पूरी घटना हिमांशु के परिजनों को बताई. पुजारी ने बताया कि इस घटना के बाद आसपास के सभी लोगों ने मिलकर यहां इस मंदिर की स्थापना की. वर्तमान में दूरदराज से लोग यहां दर्शन के लिए आते हैं. यहां हर भक्त की मनोकामना पूर्ण होती है.

About the Author

आर्यन सेठ

आर्यन सेठ, News18 Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ल…और पढ़ें

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Local-18 व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *