आगरा के फुटवियर बिजनेस पर ‘युद्ध’ का ग्रहण, जूतों का कच्चा माल हुआ महंगा

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आगरा के फुटवियर बिजनेस पर ‘युद्ध’ का ग्रहण, जूतों का कच्चा माल हुआ महंगा


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Agra Shoe Industry: मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में गहराते युद्ध के बादलों ने अब ताजनगरी आगरा के विश्वप्रसिद्ध जूता उद्योग की कमर तोड़नी शुरू कर दी है. इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्ते ब्लॉक हो गए हैं, जिससे फुटवियर निर्माण में इस्तेमाल होने वाला जरूरी कच्चा माल (रॉ मटीरियल) बीच रास्ते में ही फंस गया है. स्थानीय बाजारों में स्टॉक खत्म होने की कगार पर है और जो माल पहुंच भी रहा है, उसकी कीमतें आसमान छू रही हैं. यदि यह युद्ध जल्द न थमा, तो आगरा के सैकड़ों कारखानों में जूतों का उत्पादन पूरी तरह ठप हो सकता है.

Agra Shoe Industry: उत्तर प्रदेश के आगरा में बड़े पैमाने पर जूतों का निर्माण किया जाता है. यहाँ की सैकड़ों फैक्ट्रियों में कई तरह के शूज तैयार किए जाते हैं. आगरा में बनने वाले जूतों में इस्तेमाल होने वाला बहुत सा रॉ मटीरियल मिडल ईस्ट से आता है. वर्तमान में इजरायल, अमेरिका और ईरान युद्ध के कारण आगरा आने वाला रॉ मटीरियल बीच रास्तों में फंस रहा है. कई माल पर रेट अत्यधिक बढ़ गए हैं. भारत में इनका स्टॉक धीरे-धीरे खत्म होने की कगार पर है. जूता बनाने के लिए कई तरह के जरूरी पदार्थ फैक्ट्रियों में खत्म हो रहे हैं, जिस कारण अब जूता बनाना मुश्किल हो जाएगा.

इसके अतिरिक्त मिडल ईस्ट से आगरा में मुख्य रूप से कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस (जैसे एलपीजी) और खजूर, मेवे व ड्राई फ्रूट्स जैसे खाद्य पदार्थ भी आयात किए जाते हैं, लेकिन लगातार चल रहे युद्ध के कारण अब यह सब सामान प्रभावित होता जा रहा है. सभी प्रोडक्ट्स महंगे होते जा रहे हैं, ऐसे में व्यापारियों की चिंता भी लगातार बढ़ती जा रही है.

पेट्रोलियम पदार्थों की किल्लत और बढ़ी कीमतें
आगरा के बड़े जूता व्यवसायी राजेश सहगल ने बताया कि मिडल ईस्ट से फुटवियर में इस्तेमाल होने वाले सामानों में छोटे-छोटे पदार्थ प्रभावित हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि जूता व्यवसायियों के पास अन्य देशों के विकल्प मौजूद हैं, लेकिन कुछ पदार्थ ऐसे हैं जो उन्हीं देशों से आते हैं जहां युद्ध चल रहा है, या युद्ध के कारण उन देशों के व्यापारिक रास्ते प्रभावित हैं.

उन्होंने आगे कहा कि पेट्रोलियम पदार्थ जैसे सामान आने में बड़ी समस्या हो रही है और जो सीमित मात्रा में सामान आ भी रहा है, उसके रेट काफी बढ़ चुके हैं. ऐसे में समस्याएँ तो कई तरह की खड़ी हो ही रही हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि युद्ध इसी तरह चलता रहा, तो आने वाले समय में व्यापारियों को जूता बनाने में भारी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.

विकल्पों पर भी मंडराया संकट
आगरा के जूता व्यापारी राजेश सहगल ने कहा कि मिडल ईस्ट से जो रॉ मटीरियल नहीं आ पा रहा है, उसके लिए अन्य विकल्प खुले हुए हैं. उन्होंने कहा कि कई तरह का माल चाइना, कोरिया और सऊदी अरब से आता है. कई व्यापारी यहाँ से अपने प्रोडक्ट को बनाने के लिए सामान खरीद रहे हैं. उन्होंने कहा कि लेकिन मिडल ईस्ट युद्ध के कारण कुछ प्रोडक्ट्स चाइना और कोरिया में भी नहीं पहुंच पा रहे हैं, तो ऐसे में आगे दिक्कत हो सकती है. राजेश सहगल के मुताबिक, यदि युद्ध की बात की जाए तो इससे अब गहरा प्रभाव पड़ने लगा है. यह युद्ध जल्द से जल्द समाप्त होना चाहिए, अन्यथा जूता व्यवसायियों को काफी ज्यादा नुकसान झेलना पड़ सकता है.

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Rahul Goel

राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें



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