आजम खान के साथ हो गया खेला! रामपुर से हटाए 5 सरकारी वकील, कौन करेगा पैरवी?

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आजम खान के साथ हो गया खेला! रामपुर से हटाए 5 सरकारी वकील, कौन करेगा पैरवी?


रामपुर कोर्ट से कई सरकारी वकीलों को कार्य-मुक्त कर दिया गया है. इन वकीलों के हटाए जाने के बाद समाजवादी पार्टी में हड़कंप मच गया है. दरअसल, प्राप्त सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कई वकील सपा के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खान के मुकदमों की पैरवी कर रहे थे. रामपुर के जिलाधिकारी (DM) अजय कुमार द्विवेदी ने शासन के निर्देश पर ये कार्रवाई की गई. जिले के 5 बड़े सरकारी वकीलों को उनके पदों से तत्काल प्रभाव से हटा दिया है.

बताया जा रहा है कि उनको पद-मुक्त करने के लिए राज्य सरकार के विशेष सचिव की ओर से पत्र जारी किए गए थे, जिसके बाद जिलाधिकारी ने इन वकीलों की आबद्धता समाप्त करते हुए इन्हें पूरी तरह कार्यमुक्त करने का आदेश जारी कर दिया है. इस अचानक हुई सामूहिक विदाई से रामपुर कचहरी से लेकर लखनऊ तक जबरदस्त हड़कंप मच गया है.

इन अधिवक्ताओं पर गिरी गाज

आधिकारिक आदेश के अनुसार, जिन सरकारी वकीलों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त की गई हैं, उनमें फौजदारी और दीवानी मामलों के कई बड़े और अनुभवी चेहरे शामिल हैं-

  1. अमित कुमार सक्सेना: ज़िला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी)
  2. संदीप सक्सेना: नामिका अधिवक्ता (दीवानी)
  3. प्रमोद सागर: सहायक ज़िला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी)
  4. ओमप्रकाश लोधी: सहायक ज़िला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी)
  5. प्रताप सिंह मौर्य: सहायक ज़िला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी)
  6. अमित कुमार: सहायक ज़िला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी)

फाइलों और दस्तावेज लेने की प्रक्रिया शुरू

बताया जा रहा है कि शासन के इस कड़े रुख के बाद इन सभी वकीलों से तत्काल राजकीय मुकदमों से जुड़ी सभी फाइलें और दस्तावेज वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

आजम खान के मुकदमों से क्या है कनेक्शन?

खबरों के मुताबिक, इस सामूहिक बर्खास्तगी के पीछे का कनेक्शन सीधे तौर पर सपा नेता आजम खान के मुकदमों से जुड़ा हुआ है. सूत्रों का दावा है कि कार्यमुक्त किए गए इन शासकीय अधिवक्ताओं में से कई वरिष्ठ वकील कोर्ट में राज्य सरकार (अभियोजन पक्ष) की ओर से आजम खान, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम और पत्नी तंजीन फातिमा के खिलाफ दर्ज दर्जनों संगीन मुकदमों की पैरवी कर रहे थे.

क्यों बदला गया पूरा पैनल: आजम खान पिछले लंबे समय से फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, शत्रु संपत्ति और हेट स्पीच जैसे कई हाई-प्रोफाइल आपराधिक और दीवानी मामलों का सामना कर रहे हैं. इन मामलों में सरकारी वकीलों की भूमिका अत्यंत संवेदनशील और निर्णायक होती है. ऐन वक्त पर पूरी कानूनी टीम को बदल देना इस बात का साफ संकेत है कि शासन अब इन मुकदमों में किसी भी प्रकार की ढील या पैरवी में ढिलाई बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है.

अब कौन लड़ेगा केस?

इस बड़ी कार्रवाई के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आजम खान के खिलाफ चल रहे मुकदमों में राज्य सरकार की ओर से अब पैरवी कौन करेगा? कानून के जानकारों का मानना है कि सरकारी वकीलों की इस सामूहिक विदाई के बाद शासन बहुत जल्द रामपुर में एक नया, बेहद आक्रामक और विशेष वकीलों का पैनल (Special Legal Team) तैनात करने जा रहा है.

रामपुर के जिलाधिकारी ने एक साथ कितने सरकारी वकीलों को पद से हटाया है?
डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने शासन के निर्देश पर 5 प्रमुख शासकीय अधिवक्ताओं को कार्यमुक्त किया है.

इन वकीलों को हटाने का आदेश किसने और किसके पत्र के बाद जारी किया?
विशेष सचिव उत्तर प्रदेश शासन के पत्र के बाद रामपुर के जिलाधिकारी ने यह कड़ा आदेश जारी किया.

हटाए गए इन सरकारी वकीलों का समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान से क्या संबंध है?
ये वकील कोर्ट में राज्य सरकार की ओर से आजम खान के खिलाफ दर्ज मुकदमों की पैरवी (Prosecution) कर रहे थे.

हटाए गए वकीलों में फौजदारी मामलों का सबसे बड़ा नाम कौन सा है?
जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) अमित कुमार सक्सेना, जिन्हें पद से मुक्त कर दिया गया है.

इस अचानक हुए फेरबदल से अब आजम खान के मुकदमों पर क्या असर पड़ेगा?
अब सरकार एक नया और आक्रामक वकीलों का पैनल उतारेगी, जिससे आजम खान की कानूनी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं.



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