एक कार्ड और बदल जाएगी इलाज की तस्वीर, IBA की ये नई पहल मजदूरों के लिए वरदान!
Last Updated:
Greater Noida News: श्रमिकों की स्वास्थ्य समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए एक नई पहल की घोषणा की है. उन्होंने बताया कि केवल इलाज की सुविधा देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि श्रमिकों के बीच स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना भी उतना ही जरूरी है.
ग्रेटर नोएडा: औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी लंबे समय से एक बड़ी चुनौती रही है. अक्सर देखा गया है कि समय पर सही इलाज न मिलने और जागरूकता के अभाव में छोटी बीमारियां भी गंभीर रूप ले लेती हैं, लेकिन अब इस स्थिति को बदलने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है, जो आने वाले समय में हजारों श्रमिकों की जिंदगी पर सकारात्मक असर डाल सकता है.
इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन (IBA) के अध्यक्ष और उद्यमी अमित उपाध्याय ने बताया कि श्रमिकों की स्वास्थ्य समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए एक नई पहल की घोषणा की है. उन्होंने बताया कि केवल इलाज की सुविधा देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि श्रमिकों के बीच स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना भी उतना ही जरूरी है. कई बार श्रमिकों को यह तक नहीं पता होता कि उन्हें किन बीमारियों का खतरा हो सकता है और उनसे बचाव कैसे किया जाए.
श्रमिकों को मिलेगी स्वास्थ्य सेवाएं
अमित ने कहा कि इन्हीं जरूरतों को ध्यान में रखते हुए IBA ने ग्रेटर नोएडा स्थित यथार्थ हॉस्पिटल के साथ तीन वर्षों के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU) किया है. इस समझौते के तहत श्रमिकों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. खास बात यह है कि इन सेवाओं का लाभ लेने के लिए श्रमिकों को एक विशेष हेल्थ कार्ड दिया जाएगा, जो उनके लिए इलाज का रास्ता आसान बना देगा.
इस कार्ड के माध्यम से श्रमिकों को अस्पताल में आईपीडी (इनडोर पेशेंट डिपार्टमेंट), ओपीडी (आउटडोर पेशेंट डिपार्टमेंट) और विभिन्न डायग्नोस्टिक जांचों की सुविधा रियायती दरों पर मिलेगी. साथ ही अनुभवी डॉक्टरों और कंसल्टेंट्स से परामर्श भी सुलभ होगा. इससे न केवल इलाज का खर्च कम होगा, बल्कि समय पर सही उपचार भी संभव हो सकेगा.
दिनचर्या के बारे में मार्गदर्शन
अमित उपाध्याय ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य सिर्फ बीमारी का इलाज करना नहीं, बल्कि बीमारियों को होने से पहले रोकना भी है. इसके लिए श्रमिकों को उनके लाइफस्टाइल, खानपान और दिनचर्या के बारे में भी मार्गदर्शन दिया जाएगा. उन्हें यह समझाया जाएगा कि किस तरह वे अपने स्वास्थ्य का ध्यान रख सकते हैं और किन आदतों को अपनाकर वे बीमारियों से दूर रह सकते हैं.
उन्होंने बताया कि इस योजना का एक और महत्वपूर्ण हिस्सा है नियमित स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन. IBA की ओर से औद्योगिक क्षेत्रों में हर महीने हेल्थ कैंप लगाए जाएंगे, जहां श्रमिकों की मुफ्त या रियायती दरों पर जांच की जाएगी. इन शिविरों में न केवल स्वास्थ्य परीक्षण होगा, बल्कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की ओर से सलाह और जागरूकता सत्र भी आयोजित किए जाएंगे. इस पहल से उन श्रमिकों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है, जो आर्थिक तंगी के कारण अक्सर इलाज को टाल देते हैं. अब उन्हें नजदीक में ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी, जिससे उनकी कार्यक्षमता और जीवन गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा.
About the Author
आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.