कांग्रेस पर आज आफतों का पहाड़…अजय राय की तबीयत बिगड़ी, कन्नौज में जिलाध्यक्ष की मौत
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Congress News : कांग्रेस के लिए 1 मई का दिन बुरा साबित हुआ है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय की अचानक तबीयत बिगड़ गई. लखनऊ में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वे बेहोश हो गए. BP की शिकायत के बाद उन्हें मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया. घटना के समय सुप्रिया श्रीनेत और अविनाश पांडे मौजूद थे. उधर, कन्नौज में एक सड़क हादसे में बिहार के भागलपुर कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रवीण सिंह की मौत हो गई. उनकी कार दिल्ली से पटना लौटते वक्त डिवाइडर से टकराकर पलट गई.
अजय राय को मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
वाराणसी. कांग्रेस के लिए आज (1 मई) का दिन बुरा साबित हो रहा है. यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय की अचानक तबीयत बिगड़ गई. एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वे अचेत हो गए. अजय राय को मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है. कहा जा रहा है कि उन्हें BP की शिकायत के बाद अस्पताल ले जाया गया. मेदांता अस्पताल के डॉक्टरों की निगरानी में अजय राय का इलाज चल रहा है. बिहार कांग्रेस से भी बुरी खबर आई. यूपी के कन्नौज में एक सड़क हादसे में बिहार के भागलपुर कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रवीण सिंह की मौत हो गई है.
प्रवीण सिंह के सथ हादसा रनवां गांव के पास लखनऊ आगरा एक्सप्रेस वे पर हुआ.
दिल्ली से पटना लौटते वक्त डिवाइडर से टकराकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष की कार पलट गई. हादसे के वक्त कार में उनके साथ सवार एक महिला भी गंभीर रूप से घायल हुई हैं. हादसा तालग्राम थाना क्षेत्र के रनवां गांव के पास लखनऊ आगरा एक्सप्रेस वे पर हुआ. हालत गंभीर होने पर प्रवीण सिंह को मेडिकल कॉलेज से लखनऊ के लिए रिफर किया गया, लेकिन लखनऊ जाते वक्त रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया.
तबीयत बिगड़ने से पहले सरकार पर बोल रहे थे हमला
अजय राय की तबीयत लखनऊ में कांग्रेस के ‘प्रदेश स्तरीय शिक्षक एवं चिकित्सक सम्मेलन’के दौरान बिगड़ी. इस कार्यक्रम में कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे, जिनमें सुप्रिया श्रीनेत और अविनाश पांडे शामिल थे. कार्यक्रम के बीच अचानक अजय राय की तबीयत बिगड़ने से वहां मौजूद लोगों में चिंता फैल गई. ठीक पहले, कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अजय राय ने केंद्र सरकार की नीतियों पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि यदि कोई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों का विरोध कर रहा है, तो वह कांग्रेस ही है. उन्होंने इसे केवल राजनीतिक संघर्ष नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग शिक्षकों, डॉक्टरों और आम जनता की लड़ाई बताया.
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प्रियांशु गुप्ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें