कानपुर के जू से हिप्पो ‘सतीश’ की विदाई, 700 किलोमीटर की यात्रा कर जाएगा इंदौर

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कानपुर के जू से हिप्पो ‘सतीश’ की विदाई, 700 किलोमीटर की यात्रा कर जाएगा इंदौर


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Kanpur News: कानपुर प्राणी उद्यान (जू) में रहने वाले हिप्पो ‘सतीश’ की अब विदाई होने वाली है. दरअसल वन्यजीवों की अदला-बदली की प्रक्रिया के तहत सतीश की विदाई होगी, जबकि इंदौर जू से शेरनी ‘रीवा’ कानपुर की नई मेहमान बनेगी.

कानपुर: कानपुर प्राणी उद्यान (जू) से एक भावुक कर देने वाली खबर सामने आई है. करीब आठ साल पहले कानपुर जू में जन्म लेने वाला हिप्पो ‘सतीश’ अब जल्द ही इंदौर जू भेजा जाएगा. वन्यजीवों की अदला-बदली की प्रक्रिया के तहत सतीश की विदाई होगी, जबकि इंदौर जू से शेरनी ‘रीवा’ कानपुर की नई मेहमान बनेगी.

सतीश के जाने की खबर से जू के अधिकारी, कर्मचारी और उसे रोज देखने आने वाले वन्यजीव प्रेमी भी भावुक हैं. जू प्रशासन ने उसकी सुरक्षित विदाई के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं. क्षेत्रीय वन अधिकारी फिरोज खान ने बताया कि कानपुर जू में इस समय हिप्पो प्रजाति के कुल पांच वन्यजीव हैं. वन्यजीव संरक्षण और बेहतर प्रजनन व्यवस्था के तहत सतीश को इंदौर भेजा जा रहा है.

सतीश के लिए खास पिंजड़ा होगा तैयार
उन्होंने कहा कि जू में रहने वाला हर वन्यजीव परिवार के सदस्य जैसा होता है. सालों तक किसी जानवर की देखभाल करने के बाद उससे लगाव अपने आप हो जाता है. ऐसे में सतीश की विदाई सभी के लिए भावुक पल है. सतीश का सफर बिल्कुल अलग और खास होगा. कानपुर से इंदौर की लंबी दूरी को देखते हुए उसके लिए विशेष डिजाइन का मजबूत पिंजड़ा तैयार कराया गया है.

पूरी यात्रा के दौरान करीब 20 हजार लीटर पानी की व्यवस्था रहेगी, ताकि हिप्पो को लगातार पानी मिलता रहे. हर 100 किलोमीटर पर वाहन रोका जाएगा और सतीश की सेहत की जांच की जाएगी. पिंजड़े में बड़े पानी के कंटेनर लगाए गए हैं, जिनसे उसे समय-समय पर नहलाया जाएगा.

सतीश की सुरक्षा पहली प्राथमिकता
हिप्पो की त्वचा हमेशा नम रहना जरूरी होता है. यदि वह लंबे समय तक सूखा रहे तो उसकी त्वचा फट सकती है और उसे तकलीफ हो सकती है. यही वजह है कि पूरे रास्ते उसे लगातार पानी से भिगोया जाएगा. यात्रा के दौरान पशु चिकित्सकों और विशेषज्ञों की टीम भी साथ रहेगी, ताकि किसी भी स्थिति में तुरंत मदद मिल सके. जू प्रशासन का कहना है कि सतीश की सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है.

अजय के बाद फिर भावुक हुआ जू परिवार
कुछ दिन पहले ही कानपुर जू के बुजुर्ग शेर ‘अजय’ की मौत से पूरा जू परिवार गम में डूब गया था. उसकी दहाड़ वर्षों तक जू की पहचान रही. अभी कर्मचारी उस दुख से पूरी तरह उबर भी नहीं पाए थे कि अब सतीश की विदाई की तैयारी शुरू हो गई. कई कर्मचारी ऐसे हैं, जिन्होंने उसे जन्म से लेकर बड़ा होते देखा है. यही वजह है कि उसकी विदाई की खबर सुनकर हर किसी की आंखें नम हैं.

जू प्रशासन का कहना है कि वन्यजीवों की अदला-बदली राष्ट्रीय स्तर की सामान्य प्रक्रिया है. इससे अलग-अलग चिड़ियाघरों में प्रजातियों का संरक्षण और प्रजनन बेहतर तरीके से हो पाता है. इंदौर से आने वाली शेरनी रीवा के आने के बाद कानपुर जू के शेर बाड़े में भी नई रौनक देखने को मिलेगी. वहीं, कानपुर के लोगों की दुआ है कि जू का लाडला सतीश इंदौर में भी स्वस्थ, सुरक्षित और खुशहाल जीवन बिताए.

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आर्यन सेठ

आर्यन सेठ, News18 Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ल…और पढ़ें



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