‘क्या करें, आधा KG सब्जी से ही काम चला रहे..’ सब्जियों के दाम से लोग परेशान
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Ghaziabad News : सब्जी खरीदने आए एक ग्राहक युधिष्ठिर वर्मा का कहना है कि बारिश से फसल खराब होने का असर सीधे आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है. पहले 500 रुपये में आसानी से घर की जरूरत की सब्जियां आ जाती थीं, लेकिन अब 800 रुपये खर्च करने के बाद भी उतनी खरीदारी नहीं हो पा रही है. वहीं तुषार वर्मा बताते हैं कि पहले एक किलो सब्जी खरीदते थे, लेकिन अब आधा किलो लेकर ही काम चलाना पड़ रहा है. लोगों को उम्मीद है कि मौसम सामान्य होते ही मंडियों में सब्जियों की आवक बढ़ेगी और कीमतों में भी राहत मिलेगी.
गाजियाबाद : बारिश ने गर्मी से राहत तो दिलाई है, लेकिन अब इसका सीधा असर लोगों की रसोई पर पड़ने लगा है. लगातार हो रही बारिश से खेतों में सब्जियों की फसल खराब हो रही है, जिससे मंडियों में आवक कम हो गई है. नतीजा यह है कि रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली सब्जियों के दाम दोगुने तक हो गए हैं. गाजियाबाद की सब्जी मंडी में बढ़ती महंगाई के कारण न सिर्फ ग्राहकों का बजट बिगड़ रहा है, बल्कि कारोबारियों की चिंता भी बढ़ गई है. लोगों का घरेलू बजट बिगड़ जाने से वे परेशान हैं. आइये जानते हैं लोकल18 की इस रिपोर्ट में..
पहाड़ों और कई राज्यों में लगातार हो रही बारिश का असर अब एनसीआर की सब्जी मंडियों में साफ दिखाई देने लगा है. गाजियाबाद की सब्जी मंडी में पिछले कुछ दिनों के दौरान अधिकांश सब्जियों के दाम तेजी से बढ़े हैं. जो सब्जियां पहले 20 से 30 रुपये प्रति किलो मिल जाती थीं, वे अब 60 से 80 रुपये प्रति किलो तक बिक रही हैं. बढ़ती कीमतों के कारण लोग जरूरत भर की ही सब्जियां खरीद रहे हैं और पहले के मुकाबले कम मात्रा में खरीदारी कर रहे हैं.
किस सब्जी के कितने बढ़ गए दाम
मंडी में इस समय लगभग हर सब्जी के दाम आसमान छू रहे हैं. टमाटर 60 से 70 रुपये प्रति किलो, अदरक 250 से 300 रुपये प्रति किलो, प्याज 50 से 60 रुपये प्रति किलो, हरा धनिया 300 रुपये प्रति किलो, अरबी 50 से 60 रुपये प्रति किलो, खीरा 50 रुपये प्रति किलो, करेला और लौकी 60-60 रुपये प्रति किलो बिक रहे हैं. वहीं भिंडी 80 रुपये प्रति किलो जबकि गोभी और शिमला मिर्च 120-120 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई हैं.
गाजियाबाद सब्जी मंडी के अध्यक्ष श्रीपाल यादव ने बताया कि लगातार बारिश की वजह से खेतों में तैयार फसल खराब हो रही है. खासकर जमीन में होने वाली सब्जियों का उत्पादन प्रभावित हुआ है. इस समय मंडियों में मुख्य रूप से बेल पर उगने वाली सब्जियां ही पहुंच रही हैं, लेकिन उनकी मात्रा मांग के मुकाबले काफी कम है. उन्होंने बताया कि गोभी शिमला से और धनिया बेंगलुरु से आता है, जबकि लौकी और तोरी स्थानीय किसानों से मंडी में पहुंचती हैं. सीमित आपूर्ति के कारण कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और यह स्थिति सितंबर तक बनी रह सकती है.
महंगाई के कारण ग्राहक कर रहे कम खरीदारी
वहीं, जो परिवार पहले 500 रुपये में कई दिनों की सब्जी खरीद लेता था अब उसे वही सब्जियां लेने के लिए लगभग 1000 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं. जिन घरों का मासिक सब्जी का खर्च करीब 2000 रुपये था वह अब बढ़कर लगभग 5000 रुपये तक पहुंच गया है. महंगाई के कारण ग्राहक कम खरीदारी कर रहे हैं, जिससे मंडियों में भी पहले जैसी रौनक नहीं दिखाई दे रही.
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I currently serve as a Senior Assistant Editor at News18 Hindi, leading State & Local18 operations across Uttar Pradesh, Uttarakhand, Delhi, Himachal Pradesh and Haryana. With over 17 years of experience in jou…
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