गरीबों के आधार-पैन से बनाईं फर्जी फर्में, बिना खरीद-बिक्री डकार गए करोड़ों
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Kanpur News: कानपुर में एक बारफिर बड़ा टैक्स फ्रॉड सामने आया है. यहां फर्जी जीएसटी पंजीकरण और बोगस फर्मों के जरिए सरकार को करोड़ों की टैक्स का चूना लगाया गया है. इस मामले में स्वरुप नगर और बेकनगंज थानों में मुकदमा दर्ज किया गया है. पूरे मामले की जांच SIT को सौंप दी गई है.
कानपुर में फर्जी फर्म्स बनाकर बड़ा टैक्स घोटाला
कानपुर. कानपुर में फर्जी जीएसटी पंजीकरण, बोगस फर्मों और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) घोटाले का बड़ा नेटवर्क सामने आया है. राज्य कर विभाग की जांच के बाद स्वरूप नगर और बेकनगंज थानों में मुकदमे दर्ज किए गए हैं. जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने गरीब और अनजान लोगों के आधार और पैन कार्ड का दुरुपयोग कर फर्जी फर्मों के नाम पर जीएसटी पंजीकरण कराए. इसके बाद बिना किसी वास्तविक खरीद-बिक्री के फर्जी ई-वे बिल और इनवॉइस जारी कर करोड़ों रुपये की सप्लाई दर्शाई गई. इतना ही नहीं भारी मात्रा में आईटीसी का दावा किया गया. राज्य कर विभाग की जांच में “अतुल ट्रेडर्स” नाम की फर्म विशेष रूप से सामने आई, जिसने सितंबर 2025 में जीएसटी पंजीकरण कराया था. जांच में पता चला कि फर्म द्वारा लाल जी रोलिंग मिल्स, जेएस स्टील ट्रेडर्स और कृष्णा एचडी सेल्स के नाम पर फर्जी बिल जारी किए गए. जबकि जीएसटी पोर्टल पर खरीद का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला. विभागीय टीम जब फर्म के पंजीकृत पते पर पहुंची तो वहां कोई व्यावसायिक गतिविधि नहीं मिली. इस फर्जी बिलिंग के जरिए करीब 37 करोड़ रुपये का आईटीसी हड़पने का आरोप है.
इसी तरह “कार्तिक क्रेडिट ट्रेडर्स” और “कार्तिक ट्रेडर्स” के नाम से भी 20 से 47 तक बोगस बिल जारी कर करोड़ों रुपये की सप्लाई दिखाई गई. आवेदन में फर्म का पता चित्रकूट दर्शाया गया था, जबकि किरायानामा जबलपुर (मध्य प्रदेश) का लगाया गया था, जिससे विभाग को संदेह हुआ. दूसरी ओर, स्वरूप नगर थाने में “पीके इंटरप्राइजेज” के संचालक अनिल कुमार समेत कई ज्ञात और अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और जीएसटी कानूनों के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. जांच में यह भी पाया गया कि कई फर्में केवल कागजों पर संचालित हो रही थीं और उनके जरिए सरकारी राजस्व को 5 करोड़ का नुकसान पहुंचाया गया.
SIT को सौंपी गई जांच
फिलहाल राज्य कर विभाग और पुलिस संयुक्त रूप से बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, दस्तावेजों और जीएसटी पोर्टल के रिकॉर्ड की गहन जांच कर रहे हैं. विभाग की सख्ती के बाद कई आरोपी फरार बताए जा रहे हैं और जीएसटी के सभी मामलों की जांच एसआईटी को दी गई है. अब SIT पूरे मामले की जांच कर रही है.
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अमित तिवारी, News18 Hindi के डिजिटल विंग में प्रिंसिपल कॉरेस्पॉन्डेंट हैं. वर्तमान में अमित उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, ब्यूरोक्रेसी, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और रिसर्च बेस्ड कवरेज कर रहे हैं. अख़बार…और पढ़ें