गांव में 8 कमरे वाला घर है? तो होगी कमाई, यूपी सरकार ने बदला होम-स्टे का नियम

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गांव में 8 कमरे वाला घर है? तो होगी कमाई, यूपी सरकार ने बदला होम-स्टे का नियम


लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने गांवों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होम-स्टे के नियमों में बड़ा बदलाव किया है. अब ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग अपने घर के अधिकतम 8 कमरे पर्यटकों को किराए पर दे सकेंगे. इन कमरों में कुल 16 लोगों के ठहरने की व्यवस्था की जा सकेगी. पहले सिर्फ 6 कमरे और 12 लोगों के ठहरने की अनुमति थी.

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने मंगलवार को बताया कि इस बदलाव का मकसद ज्यादा से ज्यादा लोगों को होम-स्टे योजना से जोड़ना है. इससे पर्यटकों को गांवों में रहने, स्थानीय खाना खाने और वहां की जीवनशैली को करीब से जानने का मौका मिलेगा. साथ ही गांव के लोगों के लिए कमाई और रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे.

घर के 1 से 8 कमरे तक दे सकेंगे
नई व्यवस्था के तहत भवन मालिक अपने घर का कम से कम एक और अधिकतम 8 कमरे होम-स्टे के तौर पर दे सकेंगे. इनमें अधिकतम 16 लोगों के ठहरने की व्यवस्था होगी. होम-स्टे में पर्यटकों के लिए बाथरूम, टॉयलेट, पानी, बिजली और जरूरी फर्नीचर जैसी सुविधाएं देना जरूरी होगा.

इस योजना का फायदा नगर निगम की सीमा से बाहर रहने वाले लोग उठा सकेंगे. यानी गांव और ग्रामीण इलाकों में बने ऐसे घर, जहां पर्यटकों के ठहरने की सुविधा दी जा सकती है, उन्हें इस योजना से जोड़ा जाएगा.

रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी आसान
सरकार ने होम-स्टे के लिए आवेदन की प्रक्रिया को भी आसान किया है. आवेदक के चरित्र सत्यापन के लिए पुलिस विभाग की ओर से तय स्व-प्रमाणन फॉर्म का इस्तेमाल किया जाएगा. इससे भवन मालिकों के लिए आवेदन और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पहले के मुकाबले आसान होगी.

पहले 6 कमरे की थी सीमा
सरकार के नए बदलाव से पहले भवन मालिक अपने घर के अधिकतम 6 कमरे ही पर्यटकों को दे सकते थे. इनमें 12 लोगों के ठहरने की व्यवस्था की जा सकती थी. अब कमरे की संख्या बढ़ाकर 8 और ठहरने की क्षमता 16 लोगों तक कर दी गई है.

गांव के लोगों को कैसे होगा फायदा?
सरकार का मानना है कि होम-स्टे से सिर्फ घर के मालिकों की कमाई नहीं बढ़ेगी, बल्कि आसपास के लोगों को भी इसका फायदा मिलेगा. पर्यटकों के आने से स्थानीय खाना, परिवहन, हस्तशिल्प, गांव के उत्पाद और दूसरी पर्यटन सेवाओं की मांग बढ़ सकती है. इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के मौके भी पैदा होंगे.

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि सरकार गांवों की संस्कृति, खानपान, परंपरा और प्राकृतिक माहौल को पर्यटन से जोड़ना चाहती है. होम-स्टे की सीमा बढ़ाने का मकसद ज्यादा से ज्यादा ग्रामीण परिवारों को पर्यटन से जोड़ना और उनकी आमदनी बढ़ाना है. सरकार की कोशिश है कि उत्तर प्रदेश के गांव देशी और विदेशी पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनें.



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