गोंडा: कोबरा सांप ने डसा, फिर भी आखिरी सांस तक सपेरे ने बचाई लोगों की जिंदगी

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गोंडा: कोबरा सांप ने डसा, फिर भी आखिरी सांस तक सपेरे ने बचाई लोगों की जिंदगी


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Gonda News: यूपी के गोंडा में कोबरा सांप रेस्क्यू के दौरान रेस्क्यू करने वाले शख्स को सांप ने डस लिया और उसकी मौत हो गई. मरते-मरते भी उन्होंने कई लोगों की जिंदगियां बचा ली. आइए आपको पूरी घटना के बारे में विस्तार से बताते हैं.

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कोबरा ने डसा, राम लखन की गई जान

गोंडा: कहते हैं कि कुछ लोग मरते-मरते भी कई जिंदगियां बचा जाते हैं. जज्बे से भरी कुछ ऐसी ही कहानी रही सांपों को पकड़ने वाले गोंडा के अनुभवी सपेरे राम लखन की, जिसे खतरनाक कोबरा सांप ने तो डस लिया, लेकिन उनके हौसले को डगमगा ना सका और राम लखन ने कोबरा को अपनी जान पर खेलकर पकड़ लिया. लेकिन सांप के डसने से उनकी मौत हो गई.

बता दें कि पूरा मामला गोंडा के धानेपुर क्षेत्र का है, जहां 40 साल से सांपों को पकड़कर सुरक्षित रेस्क्यू करने वाले सपेरे राम लखन को रविवार के दिन सूचना मिली कि धानेपुर बाजार में एक विशाल कोबरा सांप निकला है. फिर क्या था, बिना डरे वो सांप को पकड़ने निकल गए. लेकिन उन्हें क्या पता था कि ये उनका आखिरी रेस्क्यू होगा.

रेस्क्यू के दौरान सांप ने डसा
इस बार राम लखन का सालों का अनुभव भी काम नहीं आया और रेस्क्यू के दौरान कोबरा ने उन्हें डस लिया और उनके शरीर में तेजी से जहर फैलने लगा. धीरे-धीरे राम लखन की हालत बिगड़ने लगी. इसके बावजूद उन्होंने हौसला नहीं हारा और दोबारा सांप को पकड़ने लगे. उन्होंने इस बार सांप को हमला करने का मौका नहीं दिया और उसे झट से पकड़कर बोरे में भर दिया. अगर सांप इधर-उधर भागता, तो वह किसी और पर भी हमला कर सकता था.

इलाज के दौरान राम लखन की मौत
इसके बाद राम लखन परिजन और स्थानीय लोगों की मदद से जिला मेडिकल कॉलेज इलाज के लिए पहुंचे. अपने साथ वो बोरे में कैद कोबरा सांप को भी ले गए, ताकि इलाज में मदद मिल सके. इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टरों ने जब पूरा माजरा जाना और बोरे में कैद सांप को देखा तो दंग रह गए. डॉक्टरों ने बिना देरी किए राम लखन को तुरंत इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया और उपचार शुरू किया. लेकिन डॉक्टरों की कड़ी मशक्कत के बाद भी राम लखन बच नहीं सके और उनकी मौत हो गई. लोगों ने कहा कि अगर राम लखन ना होते, तो कोबरा किसी और पर भी हमला कर सकता था और वह इतना विशाल था कि उसे पकड़ने की किसी में हिम्मत नहीं थी.

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आर्यन सेठ

आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.



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