गोरखपुर के बब्बर शेर ‘पटौदी’ की जिंदगी बचाने के लिए किया गया कानपुर शिफ्ट!
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Gorakhpur News: गोरखपुर चिड़ियाघर का 15 वर्षीय बब्बर शेर पटौदी लिवर इन्फेक्शन से पीड़ित है और हालत बिगड़ने पर उसे कानपुर चिड़ियाघर में शिफ्ट किया गया है. वहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज होगा.
गोरखपुर चिड़ियाघर का बब्बर शेर “पटौदी”
हाइलाइट्स
- पटौदी को लिवर इन्फेक्शन के इलाज के लिए कानपुर भेजा गया.
- पटौदी की हालत में सुधार के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी.
- कानपुर चिड़ियाघर में पटौदी का बेहतर इलाज संभव.
Gorakhpur Zoo: गोरखपुर चिड़ियाघर का 15 वर्षीय बब्बर शेर ‘पटौदी’ अब गंभीर बीमारियों से जूझ रहा है. वह पिछले एक महीने से लिवर इन्फेक्शन से पीड़ित था, और हालत में कोई सुधार नहीं हो रहा था. इस स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए शनिवार रात कानपुर चिड़ियाघर में शिफ्ट किया गया. जहां उसे विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में इलाज मिलेगा.
पटौदी की हालत में लगातार गिरावट
दरअसल, पटौदी की सेहत दिन-ब-दिन खराब होती जा रही थी. उम्र बढ़ने के साथ उसकी इम्युनिटी भी कमजोर हो गई है. लिवर के इन्फेक्शन के बाद अब यह इन्फेक्शन शरीर के अन्य हिस्सों में भी फैल गया है. उसका खाने-पीने का व्यवहार भी बहुत बदल गया है. गर्मियों में एक स्वस्थ बब्बर शेर 10-12 किलो मीट खाता है, लेकिन पटौदी अब सिर्फ 4-5 किलो मीट ही खा पा रहा है. उसे अब बोनलेस मीट दिया जा रहा है ताकि उसके पाचन पर अतिरिक्त दबाव न पड़े.
इलाज के लिए भेजा कानपुर
पटौदी का इलाज पहले बरेली स्थित इंडियन वेटनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट की टीम द्वारा किया जा रहा था, लेकिन अब हालत गंभीर हो गई है. इस कारण वेटनरी डॉक्टरों ने उसे कानपुर शिफ्ट करने की सिफारिश की. कानपुर में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की मौजूदगी के कारण पटौदी की स्थिति में जल्दी सुधार की उम्मीद जताई जा रही है.
कानपुर चिड़ियाघर में विशेष ध्यान
कानपुर चिड़ियाघर में मॉडर्न इंफ्रास्ट्रक्चर और अनुभवी वेटनरी डॉक्टरों की मौजूदगी के चलते बब्बर शेर पटौदी का इलाज अब बेहतर तरीके से संभव हो सकेगा. शनिवार रात वन विभाग की मेडिकल टीम ने पटौदी को विशेष व्यवस्था के तहत कानपुर चिड़ियाघर भेजा. इससे पहले शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने गोरखपुर चिड़ियाघर का दौरा किया था. उन्होंने पटौदी की गंभीर स्थिति को देखते हुए तुरंत उसे बेहतर इलाज देने की व्यवस्था का निर्देश दिया था. वन विभाग पटौदी की सेहत पर लगातार नजर बनाए हुए है और उसकी स्थिति को लेकर पूरी तरह से अलर्ट है.