तीन बीघा खेत में सिर्फ दस हजार में ड्राप सिस्टम? जानिए किसानों की ये ट्रिक

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तीन बीघा खेत में सिर्फ दस हजार में ड्राप सिस्टम? जानिए किसानों की ये ट्रिक


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फिरोजाबाद में किसान भाई अब खेतों की सिंचाई के लिए ड्राप सिस्टम का इस्तेमाल कर सकते हैं. यह सिस्टम न केवल पानी की बचत करता है, बल्कि सिंचाई का खर्च भी कम करता है. धीर राजपूत के अनुसार, उद्यान विभाग की ओर से इस सिस्टम पर 90 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जा रही है, जिससे तीन बीघा खेत में मशीन लगाने का खर्च मात्र दस हजार रुपए आता है.

सिंचाई के लिए बेस्ट है ये ट्रिक

किसान भाई खेतों की सिंचाई के लिए ट्यूबवेल का इस्तेमाल करते हैं. इससे न केवल समय की बचत होती है, बल्कि लागत भी नियंत्रित रहती है. यही कारण है कि यह विधि किसानों के लिए सबसे उपयुक्त मानी जाती है, क्योंकि इससे कम समय में पूरे खेत की सिंचाई आसानी से हो जाती है. 

पैदावार को भी बढ़ाती है ये ट्रिक

किसान भाई अपने खेतों में इस ट्रिक से सिंचाई करते हैं, जिससे पूरे खेत में एक साथ पानी पहुंचता है. जब फसल में समान रूप से पानी मिलता है, तो पैदावार भी बढ़ती है. इसलिए अधिक उत्पादन के लिए किसान भाई इस वाटर स्प्रिंकलर या ड्रिप मशीन का इस्तेमाल कर सकते हैं. 

खेतों में पाइप लाइन लगाकर करें सिंचाई

यह एक ड्रिप सिस्टम है, जिसमें किसान भाई अपने खेतों में पाइपलाइन लगाकर सिंचाई कर सकते हैं. इस सिस्टम को लगाने में ज्यादा खर्चा नहीं आता और सिंचाई पर होने वाला खर्च भी काफी कम हो जाता है. 

3 बीघा खेतों में आता है दस हजार का खर्चा

किसान भाई अपने 3 बीघा खेतों में इस ड्रिप सिस्टम का उपयोग कर सकते हैं. फिरोजाबाद उद्यान विभाग द्वारा इस सिस्टम को लगाने पर 90 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है. कुल लागत लगभग एक लाख रुपए आती है, लेकिन अनुदान के बाद किसान को केवल दस हजार रुपए में मशीन लगवा सकते हैं. 

डीएपी का भी कर सकते हैं छिड़काव

इस ड्रिप सिस्टम से सिर्फ सिंचाई ही नहीं, बल्कि खेतों में खरपतवार हटाने वाली दवाओं और नैनो डीएपी का छिड़काव भी आसानी से किया जा सकता है. इससे किसान भाइयों को किसी अन्य मशीन की जरूरत नहीं पड़ती और कम समय में पूरे खेत में दवाओं का समान रूप से छिड़काव हो जाता है. 

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