धान रोपाई करने वाले किसान हो जाएं सावधान…ये 5 गलतियां पकड़ा सकती हैं बिस्तर, जानिए कैसे?
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Paddy Farmers Health Tips : मानसून की दस्तक के साथ खेत खलियान गुलजार हो चुके हैं. धान रोपाई अंतिम चरण में है. किसान घंटों झुककर पानी से भरे खेतों में काम कर रहे हैं. ऐसे में कमर दर्द, गर्दन दर्द और घुटनों की समस्या तेजी से बढ़ रही है. जौनपुर के जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ. उत्तम सिंह लोकल 18 से बताते हैं कि इन दिनों कमर दर्द, गर्दन दर्द और घुटनों के दर्द से परेशान मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. इनमें सबसे अधिक किसान हैं. डॉ. उत्तम सिंह कहते हैं कि लगातार 20 से 30 मिनट से अधिक एक ही स्थिति में काम न करें. हर आधे घंटे बाद 5 से 10 मिनट का आराम जरूर लें. काम समाप्त होने के बाद कम से कम 5 से 10 मिनट तक शरीर की मांसपेशियों की स्ट्रेचिंग जरूर करें.
जौनपुर. धान की रोपाई का मौसम शुरू होते ही खेतों में किसानों की मेहनत भी बढ़ गई है. घंटों तक झुककर पानी से भरे खेतों में काम करने के कारण कमर दर्द, गर्दन दर्द और घुटनों की समस्या तेजी से बढ़ रही है. ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञों ने किसानों को कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है, जिससे वे खेती का काम भी आसानी से कर सकें और गंभीर शारीरिक समस्याओं से भी बच सकें. शिव सहाय सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, रुहट्टा, जौनपुर के कंसल्टेंट ऑर्थोपेडिक और जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ. उत्तम सिंह लोकल 18 से बताते हैं कि इन दिनों कमर दर्द, गर्दन दर्द और घुटनों के दर्द से परेशान मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. इनमें सबसे अधिक किसान हैं. धान की रोपाई के दौरान लंबे समय तक झुककर काम करने और शरीर पर अधिक शारीरिक दबाव पड़ने के कारण यह समस्या बढ़ रही है.
कैसे रखें पैर
डॉ. उत्तम सिंह ने किसानों को सलाह दी कि लगातार 20 से 30 मिनट से अधिक एक ही स्थिति में काम न करें. हर आधे घंटे बाद 5 से 10 मिनट का आराम जरूर लें, ताकि मांसपेशियों को राहत मिल सके. खेत में लगातार एक ही मुद्रा में खड़े रहने या झुककर काम करने के बजाय समय-समय पर अपनी स्थिति बदलते रहना चाहिए. काम करते समय शरीर का वजन दोनों पैरों पर समान रूप से रखना चाहिए और एक साथ बहुत अधिक भारी वजन उठाने से बचना चाहिए. इससे कमर और घुटनों पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता. खेत में काम शुरू करने से पहले और काम समाप्त होने के बाद कम से कम 5 से 10 मिनट तक शरीर की मांसपेशियों की स्ट्रेचिंग जरूर करें. काम खत्म होने के बाद घर में उपलब्ध सामान्य तेल से हल्की मालिश करने से भी मांसपेशियों को आराम मिलता है.
बिल्कुल नजरअंदाज न करें
डॉ. सिंह ने किसानों को हाइड्रेशन का विशेष ध्यान रखने की सलाह देते हुए कहा कि शरीर में पानी की कमी होने से मांसपेशियों की समस्याएं और दर्द बढ़ सकते हैं. इसलिए खेत पर जाने से पहले और काम के बाद पर्याप्त मात्रा में पानी, ओआरएस, नींबू पानी या छाछ का सेवन जरूर करें. कुछ लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. यदि आराम करने के बाद भी कमर दर्द लगातार बना रहे, कमर का दर्द पैरों तक जाने लगे या गर्दन का दर्द हाथों में फैलने लगे, तो यह गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है. ऐसी स्थिति में बिना देरी किए नजदीकी ऑर्थोपेडिक सर्जन या डॉक्टर से संपर्क कर उचित जांच और इलाज कराना चाहिए.
डॉ. उत्तम सिंह के मुताबिक, थोड़ी-सी सावधानी और सही तरीके से काम करने की आदत किसानों को धान की रोपाई के दौरान होने वाले कमर, गर्दन और घुटनों के दर्द से काफी हद तक बचा सकती है. इसलिए खेती के साथ-साथ अपने स्वास्थ्य का भी उतना ही ध्यान रखें, क्योंकि स्वस्थ किसान ही बेहतर खेती कर सकता है.
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प्रियांशु गुप्ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें