प्योर दूध और कुल्हड़ का बेहतरीन स्वाद, यहां मिलती है फेमस लस्सी, जानिए जगह
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Famous Lassi: अक्सर लोग लस्सी खरीदते समय उसकी गुणवत्ता को लेकर संकोच करते हैं, लेकिन अगर आपके मन में भी ऐसा कोई सवाल है, तो आप यहां बेझिझक आकर लस्सी का आनंद ले सकते हैं. दुकानदार बताते हैं कि यहां लस्सी हमेशा श…और पढ़ें
हाइलाइट्स
- अमन मिष्ठान भंडार की लस्सी शुद्ध दूध और चीनी से बनती है.
- लस्सी को मिट्टी के कुल्हड़ में परोसा जाता है, जिससे इसका स्वाद बढ़ जाता है.
- लखनऊ और कानपुर से लोग इस लस्सी का स्वाद लेने आते हैं.
फर्रुखाबाद. गाय के दूध, देसी तरीके से बनाने की विधि, मेवाओं का मिश्रण, ऊपर से खस और रबड़ी का प्रयोग—यही सब इस खास लस्सी को विशेष बनाते हैं. यही कारण है कि लखनऊ से लेकर कानपुर तक के लोग लोकेशन के जरिए इस दुकान तक पहुंचते हैं और इस मशहूर लस्सी का स्वाद लेते हैं.
हर ग्राहक के मन में यह चिंता जरूर रहती है कि लस्सी की गुणवत्ता कैसी होगी, इसी वजह से लोग भरोसेमंद दुकान से ही लस्सी खरीदना पसंद करते हैं. अगर आपके मन में भी ऐसा कोई सवाल है, तो आप यहां आकर बेझिझक लस्सी का आनंद ले सकते हैं. दुकानदार बताते हैं कि यहां लस्सी हर समय शुद्ध दूध और चीनी से तैयार की जाती है. खास बात यह है कि लस्सी को मिट्टी के कुल्हड़ में परोसा जाता है, जिससे इसका स्वाद और भी निखर जाता है. यही वजह है कि ग्राहक इसे खूब पसंद करते हैं और दुकान पर हमेशा भीड़ लगी रहती है.
दाम कम स्वाद में दम
फर्रुखाबाद के कमालगंज कस्बे में स्थित अमन मिष्ठान भंडार के संचालक अमन चौरसिया बताते हैं कि इस दुकान की शुरुआत उनके बाबा ने की थी. उस दौर में लस्सी की बिक्री 30 से 50 पैसे में हुआ करती थी. कई साल बाद भी अमन चौरसिया आज भी सिर्फ 30 रुपये में लस्सी बेचते हैं, क्योंकि वे कभी भी गुणवत्ता से समझौता नहीं करते. अमन मिष्ठान भंडार अपनी लस्सी के स्वाद और विश्वसनीयता के लिए पूरे क्षेत्र में जाना जाता है. गर्मियों में लस्सी की मांग काफी बढ़ जाती है और यही वजह है कि अब रोजाना 400 से 600 कुल्हड़ तक लस्सी की बिक्री हो रही है.
लस्सी बनाने की रेसिपी
दुकानदार बताते हैं कि अच्छी लस्सी बनाने के लिए वह खुद ही शुद्ध दूध जमाते हैं. जब दही तैयार हो जाता है, तो उसे निकालकर उसमें चीनी मिलाई जाती है. इसके बाद इसे मिट्टी के कुल्हड़ में भरकर ठंडा होने के लिए रखा जाता है. जब लस्सी कुल्हड़ में जम जाती है, तो ग्राहक इसे पीते नहीं, बल्कि चम्मच से खाते हैं, क्योंकि इसमें इस्तेमाल होने वाला दही बेहद गाढ़ा और उच्च गुणवत्ता वाला होता है, जो इसे खास स्वाद देता है. साथ ही, लस्सी के ऊपर मेवे का इस्तेमाल भी किया जाता है, जिससे इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है.