बंगाल की खाड़ी में हलचल, 48 घंटे में बदलेगा मौसम; यहां राहत, IMD का अलर्ट
Today Weather Live: एक तरफ उत्तर भारत की धरती आग उगल रही है. दिल्ली, राजस्थान, यूपी, हरियाणा और मध्य भारत के कई इलाके 45 से 48 डिग्री तापमान में झुलस रहे हैं. दूसरी तरफ बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में मौसम तेजी से करवट ले रहा है. अब वही संकेत मिलने लगे हैं जिसका करोड़ों लोगों को इंतजार था. मौसम विभाग (IMD) ने साफ कर दिया है कि अगले 48 घंटे भारत के मौसम की दिशा बदल सकते हैं. बंगाल की खाड़ी में बने कई साइक्लोनिक सर्कुलेशन, पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी गतिविधियों ने मिलकर ऐसा सिस्टम तैयार किया है जो भीषण लू पर ब्रेक लगा सकता है. मौसम विभाग का कहना है कि 29 मई के बाद उत्तर और मध्य भारत में तापमान गिरना शुरू होगा. कई राज्यों में धूल भरी आंधी, तेज बारिश और 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली हवाएं चल सकती हैं. सबसे बड़ी राहत की खबर यह है कि केरल में मानसून की आधिकारिक एंट्री अगले 48 घंटे में घोषित हो सकती है. हालांकि अल नीनो की वजह से मानसून कमजोर रहने का डर अभी भी बना हुआ है.
दक्षिण भारत के राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. (फोटो PTI)
देशभर में एक्टिव हुए कई वेदर सिस्टम
- IMD के अनुसार मध्य उत्तर प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु, असम और बंगाल की खाड़ी के ऊपर अलग-अलग साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं. उत्तर-पश्चिम भारत की तरफ नया पश्चिमी विक्षोभ भी बढ़ रहा है. यही कारण है कि उत्तर भारत में अगले तीन दिनों के भीतर मौसम अचानक बदल सकता है. मौसम विभाग ने कहा कि अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों तरफ मानसून की गतिविधियां मजबूत हो रही हैं. इसके कारण नमी तेजी से उत्तर और मध्य भारत की तरफ बढ़ेगी.भीषण गर्मी के बीच यह बदलाव राहत लेकर आ सकता है लेकिन खतरे भी कम नहीं हैं. कई राज्यों में तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने और ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है. मौसम विभाग ने लोगों को खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने की सलाह दी है. किसानों के लिए भी यह समय अहम माना जा रहा है क्योंकि मानसून की शुरुआती चाल खरीफ फसलों की बुवाई तय करेगी.दिल्ली-NCR में 70 KM की रफ्तार से आंधी का अलर्ट
- दिल्ली-NCR में 28 मई की शाम से मौसम करवट लेने लगेगा. IMD के मुताबिक राजधानी में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. तेज धूल भरी आंधी और 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं चलने का अनुमान है. 29 से 31 मई के बीच तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है जिससे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी.
यूपी में आंधी-बारिश का बड़ा दौर शुरू
उत्तर प्रदेश के वाराणसी, लखनऊ, प्रयागराज, कानपुर और गोरखपुर समेत कई जिलों में मौसम तेजी से बदल सकता है. IMD ने 29 मई को कई इलाकों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है. पूर्वी यूपी में भारी बारिश की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग के मुताबिक अगले 72 घंटे किसानों और आम लोगों के लिए बेहद अहम रहेंगे.
बिहार में भारी बारिश और बिजली गिरने का खतरा
बिहार के कटिहार, पूर्णिया, किशनगंज और पूर्वी चंपारण में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने कहा है कि कई इलाकों में तेज गरज-चमक और बिजली गिर सकती है. 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं चलने का अनुमान है. लोगों को खराब मौसम के दौरान घरों में रहने की सलाह दी गई है.
राजस्थान में लू के बाद अब तूफानी बदलाव
राजस्थान के बीकानेर, कोटा, जयपुर और शेखावाटी क्षेत्र में तापमान 48 डिग्री तक पहुंच सकता है. हालांकि 28 मई के बाद पश्चिमी विक्षोभ का असर शुरू होगा. मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि 29 से 31 मई के बीच धूल भरी आंधी और बारिश हो सकती है. कई इलाकों में तापमान 2 से 3 डिग्री तक गिर सकता है.
पंजाब-हरियाणा में गर्मी पर बारिश का हमला
- पंजाब और हरियाणा में अगले कुछ दिनों में मौसम तेजी से बदल सकता है. IMD ने 28 से 31 मई के बीच कई इलाकों में गरज-चमक और हल्की बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है. तेज हवाओं की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है.
- 28 और 29 मई को मौसम ज्यादा उग्र हो सकता है. कुछ इलाकों में धूल भरी आंधी और ओलावृष्टि का खतरा है. मौसम विभाग के मुताबिक 29 मई के बाद तापमान में गिरावट शुरू होगी और लोगों को लू से राहत मिल सकती है.
उत्तराखंड-हिमाचल में पहाड़ों पर बदलेगा मौसम
- उत्तराखंड के चमोली, पिथौरागढ़ और रानीखेत में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है. कई ऊंचाई वाले इलाकों में ओलावृष्टि भी हो सकती है. मौसम विभाग ने यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी है.
- हिमाचल प्रदेश के शिमला, मंडी और कुल्लू में भी गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है. 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. पहाड़ी इलाकों में अचानक मौसम बदलने का खतरा बना हुआ है.
केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में मानसून की गतिविधियां तेजी पकड़ रही हैं. (PTI)
मध्यप्रदेश में हीटवेव के बाद राहत की उम्मीद
मध्यप्रदेश के कई जिलों में पिछले एक सप्ताह से भीषण गर्मी का असर जारी है. लेकिन अब भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर समेत कई हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां शुरू हो सकती हैं. मौसम विभाग ने तेज हवाओं और हल्की बारिश की संभावना जताई है.
महाराष्ट्र में रेड अलर्ट के बीच बदलेगा मौसम
महाराष्ट्र के विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्र में हीटवेव का असर बना हुआ है. लेकिन 29 मई के बाद मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. कई जिलों में तेज हवाएं, बिजली गिरने और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. IMD ने कुछ इलाकों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है.
पूर्वोत्तर राज्यों में लगातार बारिश का दौर
असम, मेघालय, नागालैंड, मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश में अगले कई दिनों तक भारी बारिश जारी रह सकती है. कई इलाकों में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है. IMD ने लोगों को सतर्क रहने और नदी किनारे इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है.
दक्षिण भारत में मानसून की दस्तक तेज
केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में मानसून की गतिविधियां तेजी पकड़ रही हैं. अगले 48 घंटे में केरल में मानसून पहुंचने की आधिकारिक घोषणा हो सकती है. तमिलनाडु और पुडुचेरी में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. दक्षिण भारत में कई जिलों में स्कूलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है.
IMD ने 11 राज्यों के लिए क्या बड़ा अलर्ट जारी किया है?
IMD ने दिल्ली, यूपी, बिहार, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, उत्तराखंड, महाराष्ट्र समेत 11 राज्यों में आंधी, तेज बारिश और 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की हवाओं का अलर्ट जारी किया है. कई इलाकों में ओलावृष्टि और बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है.
क्या अगले 48 घंटे में मानसून केरल पहुंच जाएगा?
मौसम विभाग के मुताबिक परिस्थितियां तेजी से अनुकूल हो रही हैं. बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में एक्टिव सिस्टम मानसून को आगे बढ़ा रहे हैं. ऐसे में अगले 48 घंटे के भीतर केरल में मानसून की आधिकारिक एंट्री घोषित हो सकती है.
उत्तर भारत को गर्मी से कब राहत मिलेगी?
IMD के अनुसार 29 मई से तापमान में धीरे-धीरे गिरावट शुरू होगी. दिल्ली, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और यूपी में बारिश और तेज हवाओं के कारण लू का असर कमजोर पड़ सकता है.
क्या इस बार मानसून कमजोर रहेगा?
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अल नीनो की वजह से इस बार मानसून सामान्य से कमजोर रह सकता है. हालांकि हिंद महासागर में बन रही सकारात्मक परिस्थितियां कुछ राहत दे सकती हैं.
किसानों के लिए यह मौसम कितना अहम है?
खरीफ फसलों की बुवाई जून-जुलाई में होती है. मानसून की शुरुआती चाल खेती पर सीधा असर डालती है. समय पर बारिश होने से धान, दाल और तिलहन की खेती को फायदा होगा, जबकि देरी या कमजोर मानसून से फसल प्रभावित हो सकती है.