‘मंत्री जी… हमारे प्राण बचा लो’, रोती-बिखलती वृद्ध महिला की CM योगी से गुहार
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Bareilly News: यूपी के बरेली जिला अस्पताल में एक मां दर्द से कराह रही हैं, लेकिन उन्हें सुनने वाला कोई नहीं है. रिश्तेदारों ने पहले ही मुंह मोड़ लिया है, जिसके कारण अब वो बेसहारा हो गई हैं. महिला ने अब यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार लगाई है.
बरेली वृद्ध महिला की सीएम योगी से मदद की गुहार
बरेली: कहते हैं कि जब अपने ही साथ छोड़ दें, तो दूसरों से क्या उम्मीद लगाई जा सके. कुछ ऐसा ही नजारा बरेली जिला अस्पताल में देखने को मिला, जहां एक बेबस महिला दर्द और लाचारी के बीच जिंदगी काटने को मजबूर है. अपनों की बेरुखी और सिस्टम की सुस्ती के बीच 60 वर्षीय कृष्णा देवी पिछले करीब एक महीने से अस्पताल के बिस्तर पर पड़ी हैं. हालत ऐसे हैं कि वह न तो ठीक से चल-फिर सकती हैं और न ही अपनी रोजमर्रा का काम कर पा रही हैं. दर्द से कराहती कृष्णा देवी अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपनी जिंदगी बचाने की गुहार लगा रही हैं.
मूलरूप से बदायूं जिले की रहने वाली कृष्णा देवी की जिंदगी में दु:खों का पहाड़ उस समय टूट पड़ा, जब पति की मौत के बाद वह बिल्कुल अकेली पड़ गईं. उनकी कोई संतान भी नहीं है, जो इस मुश्किल समय में उनका सहारा बन सके. आरोप है कि नाते-रिश्तेदारों ने उनकी संपत्ति हड़प ली और बाद में उन्हें बेसहारा छोड़ दिया. यहां तक कि उन्हें वृद्धाश्रम भेज दिया गया.
गिरने से टूटा कुल्हा
बताया जा रहा है कि वृद्धाश्रम में रहने के दौरान कृष्णा देवी गिर गईं, जिससे उनका कुल्हा टूट गया. इसके बाद उन्हें इलाज के लिए बरेली जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया. लेकिन करीब एक महीने बीत जाने के बाद भी उनकी हालत में खास सुधार नहीं हुआ है. डॉक्टरों ने उन्हें एक महीने पहले ही बेहतर इलाज के लिए लखनऊ रेफर कर दिया था, लेकिन आर्थिक तंगी और सहारा न होने की वजह से वह वहां तक नहीं पहुंच सकीं.
नजारा देखने वालों की आंखें नम
कृष्णा देवी की हालत इतनी खराब है कि वह बिस्तर से उठ भी नहीं पातीं. मजबूरी में उन्हें बिस्तर पर ही शौच और अन्य नित्य क्रियाएं करनी पड़ती हैं. सबसे मार्मिक बात यह है कि कोई देखभाल करने वाला नहीं होने के कारण वह लेटे-लेटे खुद ही अपने शरीर को साफ करती हैं. यह दृश्य देखने वालों की आंखें भी नम हो जाती हैं.
कृष्णा देवी का कहना है कि जिन रिश्तेदारों को उन्होंने अपना समझा, उन्हीं लोगों ने मुसीबत के समय मुंह मोड़ लिया. अब उनके पास न पैसा है, न परिवार का सहारा और न ही इलाज का कोई ठोस इंतजाम. ऐसे में उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मदद की गुहार लगाते हुए कहा है कि उनकी जिंदगी बचा ली जाए.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.