बाजार से ला रहे हैं मशरूम? पकाने से पहले धोने और स्टोर करने का यह सही तरीका जरूर जान लें

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बाजार से ला रहे हैं मशरूम? पकाने से पहले धोने और स्टोर करने का यह सही तरीका जरूर जान लें


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Mushroom Buying Tips: बारिश के मौसम में मशरूम की मांग तेजी से बढ़ जाती है, लेकिन नमी के कारण यह बहुत जल्दी खराब भी हो जाता है. ऐसे में बाजार से सेहतमंद मशरूम कैसे चुनें? उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के प्रगतिशील किसान नवीन कुमार से जानिए ताजे मशरूम की सही पहचान करने के आसान तरीके. मशरूम को साफ करने का सही वैज्ञानिक तरीका और इसे 3 से 5 दिनों तक फ्रिज में सुरक्षित स्टोर करने के बेस्ट हैक्स.

बारिश की फुहारें आते ही बाजारों में मशरूम की मांग तेजी से बढ़ जाती है. प्रोटीन, फाइबर, विटामिन-बी और जरूरी खनिजों से भरपूर मशरूम सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. लेकिन, मानसून की उमस और नमी के कारण यह बहुत जल्दी खराब भी हो जाता है. ऐसे में बाजार से सेहत खरीदने के चक्कर में आप बीमारी न घर ले आएं, इसलिए सही मशरूम की पहचान होना बेहद जरूरी है. उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के प्रगतिशील किसान नवीन कुमार बता रहे हैं कि सही और ताजे मशरूम की पहचान कैसे करें, इसे धोने का सही तरीका क्या है और इसे लंबे समय तक खराब होने से कैसे बचाएं.

किसान नवीन कुमार बताते हैं कि मशरूम की खेती आज के समय में किसानों के लिए कम लागत और अच्छी आमदनी वाला एक बेहतरीन व्यवसाय बन चुकी है. इसकी बेहतर पैदावार के लिए धान या गेहूं के भूसे, नियंत्रित तापमान और पर्याप्त नमी की आवश्यकता होती है.

वर्तमान में देश के कई राज्यों में बटन मशरूम, ऑयस्टर मशरूम और मिल्की मशरूम जैसी उन्नत किस्मों की खेती बड़े पैमाने पर की जा रही है. फसल तैयार होने के बाद मशरूम को तुरंत बाजार तक पहुंचाना बेहद जरूरी होता है, क्योंकि इसकी ‘शेल्फ लाइफ’ (ताजा रहने की अवधि) काफी कम होती है.

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अच्छा और ताजा मशरूम हमेशा सफेद या हल्के क्रीम रंग का होता है. उसकी ऊपरी सतह पूरी तरह साफ, चिकनी और हल्की चमक वाली दिखाई देती है. यदि मशरूम पर काले धब्बे, पीलेपन के निशान या झुर्रियां दिखाई दें, तो समझ जाइए कि वह पुराना हो चुका है और उसे खरीदने से बचना चाहिए.

ताजा मशरूम छूने में हल्का सख्त और मजबूत महसूस होता है. अगर दबाने पर वह बहुत ज्यादा नरम लगे, पानी छोड़े या छूने में चिपचिपा महसूस हो, तो उसे बिल्कुल न खरीदें. ऐसे मशरूम के भीतर से खराब होने की संभावना सबसे अधिक रहती है.

ताजे मशरूम में मिट्टी जैसी एक सौंधी और हल्की प्राकृतिक खुशबू आती है. यदि मशरूम में से तेज, खट्टी या किसी तरह की सड़ी हुई बदबू आ रही हो, तो यह इस बात का साफ संकेत है कि मशरूम खराब हो चुका है और अब यह खाने योग्य नहीं बचा है.

अगर मशरूम का रंग गहरा भूरा या काला पड़ जाए, उसकी सतह पर चिपचिपापन आ जाए या उस पर फफूंदी दिखाई देने लगे, तो उसका उपयोग भूलकर भी न करें. ऐसे मशरूम का सेवन आपके स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदायक साबित हो सकता है और इससे पेट संबंधी गंभीर समस्याएं या फूड पॉइजनिंग हो सकती है.

मशरूम को कभी भी लंबे समय तक पानी में भिगोकर नहीं रखना चाहिए, क्योंकि यह पानी को बहुत जल्दी सोख लेता है. इसे साफ करने के लिए सबसे पहले एक मुलायम ब्रश या साफ सूखे कपड़े से उस पर लगी मिट्टी को हटा दें. इसके बाद बहते पानी के नीचे हल्के हाथों से इसे जल्दी से धो लें और तुरंत किसी सूती कपड़े या टिश्यू पेपर से पोंछकर सुखा लें. यदि डंठल का निचला हिस्सा ज्यादा सख्त या गंदा दिखाई दे, तो उसे चाकू की मदद से काटकर अलग कर दें.

यदि आपको मशरूम का तुरंत उपयोग नहीं करना है, तो उसे किसी प्लास्टिक की बंद थैली में रखने के बजाय कागज के बैग या पेपर टॉवल में लपेटकर फ्रिज में रखें. प्लास्टिक की थैली में रखने से उसके अंदर नमी बढ़ जाती है, जिससे मशरूम बहुत जल्दी गलकर खराब हो सकता है. इस सही तरीके से स्टोर करने पर ताजा मशरूम सामान्यतः 3 से 5 दिनों तक बिल्कुल सुरक्षित और अच्छी स्थिति में बना रहता है.

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