बारिश के मौसम में खेत की मेड़ पर लगा दें ये पांच पौधे, पैसों की होगी बरसात

0
बारिश के मौसम में खेत की मेड़ पर लगा दें ये पांच पौधे, पैसों की होगी बरसात


“पैसे पेड़ पर नहीं उगते हैं ” यह कहावत आपने जरूर सुनी होगी. परंतु हम आपको एक ऐसा आइडिया बताने जा रहे हैं .जो इस कहावत को गलत साबित कर देगा. जिससे पैसे पेड़ पर ही उगने लगेंगे. जी हां आपने सही सुना है कि पैसे पेड़ पर ही उगेंगे. यह सुनकर आपको आश्चर्य जरूर हो रहा होगा. लेकिन यह बिल्कुल सत्य है. बदलते समय के साथ ही बाजारों में लकड़ी की मांग बढ़ती जा रही है. जिस वजह से पेड़ों की भी मांग तेजी से बढ़ रही है.

इसका प्रमुख कारण है कि लकड़ी से फर्नीचर बनने के साथ ही कई अन्य घरेलू उत्पाद बनाने के प्रयोग में भी लाया जाता है साथ ही कुछ पेड़ तो ऐसी भी हैं जिनकी लकड़ियों का उपयोग विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं धार्मिक आयोजनों में भी किया जाता है. इसीलिए इन पेड़ों की लकड़ियां महंगे दामों में बाजारों में मिलती हैं. किसान अपनी खाली पड़ी जमीन या खेत की मेड़ पर इन पेड़ों को लगाकर कुछ ही समय में लाखों रुपए की कमाई कर सकते हैं. यह पेड़ काफी कम समय में तैयार हो जाते हैं. खेती किसानी करने वाले किसान इस तरह से अपनी आय भी दोगुनी कर सकते हैं.

इन पेड़ों से होगा अच्छा मुनाफा
लोकल 18 से बात करते हुए रायबरेली जिले के शिवगढ़ रेंज के वन निरीक्षक संजय यादव बताते हैं कि खेती किसानी करने वाले किसान अपने खेत की मेड़ या फिर खाली पड़ी जमीन पर इन पांच प्रकार के पेड़ों को लगाकर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.जिनमें प्रमुख रूप से शीशम ,सागवान ,यूकेलिप्टस,पॉपुलर,चंदन शामिल हैं इनमें चंदन की लकड़ी धार्मिक कार्यों के प्रयोग में लाई जाती है. तो वही शीशम,सागवान, यूकेलिप्टस, पॉपुलर, की लकड़ी से उच्च गुणवत्ता वाले फर्नीचर को बनाने में एवं कई घरेलू उत्पाद बनाने के प्रयोग में लाया जाता है.

सागवान की खेती
सागवान की लकड़ी उच्च गुणवत्ता की मानी जाती है. जिससे फर्नीचर जहाज निर्माण और कई अन्य प्रयोग में लाया जाता है. इसकी पौधे की रोपाई करते समय किसान पौधे से पौधे के बीच की दूरी 2.5×2.5 मीटर की दूरी पर रोपाई करें 1 एकड़ में सागवान के लगभग 120 पेड़ लगाए जा सकते हैं.

यूकेलिप्टस की खेती
यूकेलिप्टस जिससे आम बोलचाल की भाषा में सफेदा के नाम से जाना जाता है. इसका प्रयोग प्लाईवुड बनाने के साथ ही कई अन्य प्रकार के उत्पाद बनाने में किया जाता है. इसकी रोपाई करते समय पौधे से पौधे के बीच की दूरी 2.5 × 2.5 मीटर होनी चाहिए यह पौधा भी 600 से 700 पौधे की रोपाई की जा सकती है.

पॉपुलर की खेती
पॉपुलर की लकड़ी का प्रयोग माचिस की तीली बनाने के साथ ही फर्नीचर बनाने में भी उपयोग में लाया जाता है. 1 हेक्टेयर में लगभग ढाई सौ पॉपुलर के पौधे लगाए जा सकते हैं.

चंदन की खेती
चंदन की लकड़ी का प्रयोग धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में किया जाता है. साथ ही इसे औषधीय इत्र साबुन एवं महिलाओं के सौंदर्य उत्पाद बनाने के प्रयोग में लाया जाता है. एक एकड़ जमीन में लगभग 600 चंदन के पेड़ की रोपाई की जा सकती है.

शीशम की खेती
शीशम की लकड़ी बेहद उच्च गुणवत्ता वाली होती है जिससे फर्नीचर ,बिजली बोर्ड, खिड़की के फ्रेम जैसे उत्पाद बनाने के प्रयोग में ले जाते हैं. इस लकड़ी में दीमक नहीं लगती है. 1 एकड़ जमीन पर 160 से 275 शीशम के पौधे की रोपाई की जा सकती है.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *