बारिश के साथ तूफान का अटैक, टूट सकता है 22 साल का रिकॉर्ड, जानें पूरा अपडेट

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बारिश के साथ तूफान का अटैक, टूट सकता है 22 साल का रिकॉर्ड, जानें पूरा अपडेट


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बारिश के साथ तूफान का अटैक, टूट सकता है 22 साल का रिकॉर्ड, जानें पूरा अपडेट

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देश में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है. मौसम विभाग ने 10 जुलाई के लिए दिल्ली, यूपी, बिहार समेत 18 राज्यों में भारी बारिश के साथ तूफान का अलर्ट जारी किया है. कई इलाकों में 80 से 85 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. वहीं दिल्ली में जुलाई की रिकॉर्ड तोड़ बारिश भी हो सकती है. जानिए किन राज्यों में सबसे ज्यादा खतरा है, आपके जिले का मौसम कैसा रहेगा, मानसून पूरे देश में कब तक पहुंचेगा…

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मौसम विभाग ने 10 जुलाई को 18 राज्यों में भारी बारिश और तेज आंधी का अलर्ट जारी किया है.

Kal Ka Mausam: अगर आप 10 जुलाई को घर से बाहर निकलने की तैयारी कर रहे हैं, तो पहले मौसम का हाल जरूर जान लीजिए. भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने देश के कई शहरों के लिए बड़ा अलर्ट जारी किया है. उत्तर भारत से लेकर पूर्वी और पश्चिमी भारत तक कई राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी, बिजली गिरने और कुछ इलाकों में ओला गिरने की चेतावनी जारी की गई है. मौसम विभाग का कहना है कि अगले 48 घंटे काफी अहम रहने वाले हैं और लोगों को बेहद सतर्क रहने की जरूरत है.

मौसम विभाग के अनुसार, 10 जुलाई को 18 राज्यों में तेज बारिश के साथ तूफान भी दस्‍तक दे सकता है. इन राज्‍यों में दिल्ली के साथ उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम, मेघालय, महाराष्ट्र, केरल, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख शामिल है. कई जगहों पर 80 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बारिश और तूफान की वजह से कई राज्यों में तापमान भी 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है.

  1. आखिर अचानक क्यों बिगड़ा मौसम: मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है. इसके साथ ही मानसून ट्रफ उत्तर-पश्चिम राजस्थान से लेकर उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है. अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों तरफ से लगातार नमी मिल रही है. यही वजह है कि बादल तेजी से सक्रिय हो रहे हैं और कई राज्यों में लगातार बारिश की स्थिति बन रही है. मौसम विभाग ने पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, नदियों के जलस्तर बढ़ने और निचले इलाकों में जलभराव की आशंका भी जताई है. मछुआरों को समुद्र और बड़ी नदियों में जाने से बचने की सलाह दी गई है.
  2. दिल्ली में भारी बारिश का अलर्ट: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 10 जुलाई को तेज बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है. इस दौरान 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है. अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. अनुमान लगाया जा रहा है कि जुलाई की बारिश दिल्‍ली का 22 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ सकती है. पिछड़े रिकॉर्डों को खंगालें तो जुलाई में 24 घंटे के भीतर सबसे ज्यादा 266.2 मिमी बारिश 21 जुलाई 1958 को दर्ज हुई थी.
  3. यूपी में इन जिलों पर सबसे ज्यादा असर: उत्तर प्रदेश में मेरठ, गौतमबुद्ध नगर, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, कानपुर, बांदा, बिजनौर, पीलीभीत, मोरादाबाद, बरेली, बहराइच, सीतापुर, बलरामपुर, कुशीनगर, हरदोई, अयोध्या, उन्नाव, सुल्तानपुर, अमेठी और आजमगढ़ समेत कई जिलों में तेज बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है. इन इलाकों में 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवा चल सकती है. लखनऊ में अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है.
  4. बिहार में बिजली और भारी बारिश का खतरा: बिहार के गया, पटना, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, वैशाली, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सहरसा, सुपौल, भागलपुर, कटिहार और किशनगंज समेत कई जिलों में भारी बारिश के साथ वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है. पटना में अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री रहने का अनुमान है.
  5. झारखंड और पश्चिम बंगाल को लेकर भी अलर्ट: झारखंड के रांची, बोकारो, हजारीबाग, गिरिडीह, धनबाद, देवघर, दुमका, खूंटी, गुमला और आसपास के जिलों में 60 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है. रांची का अधिकतम तापमान 28 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री रहने की संभावना है. वहीं, पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम, बांकुड़ा, पुरुलिया, अलीपुरद्वार, नादिया, मालदा, हुगली, कूचबिहार और कालिम्पोंग में भी बारिश और तेज हवा का अलर्ट जारी किया गया है.
  6. पहाड़ी राज्यों में ज्यादा सावधानी की जरूरत: मौसम विभाग ने उत्तराखंड के हरिद्वार, नैनीताल, ऋषिकेश, अल्मोड़ा, चंपावत, पौड़ी गढ़वाल, उत्तरकाशी, बागेश्वर और टिहरी गढ़वाल में भारी बारिश की संभावना जताई है. पहाड़ों में भूस्खलन और सड़क बंद होने की स्थिति भी बन सकती है. हिमाचल प्रदेश के सोलन, सिरमौर, कांगड़ा, ऊना, किन्नौर, बिलासपुर, चंबा और लाहौल-स्पीति में भी तेज बारिश और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने का अनुमान है.
  7. पंजाब, राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी दिखेगा असर: पंजाब के अमृतसर, जालंधर, पटियाला, संगरूर, बठिंडा, फाजिल्का, मोगा और मुक्तसर में भारी बारिश के साथ तेज आंधी चल सकती है. राजस्थान के अलवर, अजमेर, बूंदी, उदयपुर, जोधपुर, बीकानेर, कोटा और सवाई माधोपुर में 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. मध्य प्रदेश के सागर, छिंदवाड़ा, उज्जैन, इंदौर, रीवा, विदिशा, ग्वालियर, दमोह, बालाघाट और खरगोन में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.

पिछले सालों की अपेक्षा मानसून की रफ्तार कैसी है?
मौसम विभाग के अनुसार, अगर पिछले 55 वर्षों का रिकॉर्ड देखें तो मानसून हर साल अलग रफ्तार से पूरे देश में पहुंचा है. 1971 से 2025 तक के आंकड़े बताते हैं कि सामान्य तौर पर मानसून जुलाई के पहले या दूसरे सप्ताह तक पूरे देश को कवर कर लेता है. सबसे तेज मानसून 2013 में रहा था. इस साल 16 जून तक पूरे देश में मानसून पहुंच गया था. इसके अलावा 2018 में 29 जून, 1994, 1996, 1998 और 1975 में 30 जून तक मानसून का असर पूरे देश में दिखने लगा था. वहीं सबसे ज्यादा देरी 2002 में हुई, जब मानसून 15 अगस्त तक पूरे देश में पहुंच पाया था. 1982 में 22 जुलाई, 2006 में 24 जुलाई और 2014 में 17 जुलाई तक पूरे देश में मानसून फैल पाया था. हाल के वर्षों में मानसून की रफ्तार बेहतर रही है. 2022, 2023 और 2024 में 2 जुलाई तक पूरे देश में मानसून का असर दिखने लगा था.

हर साल क्‍यों बदल जाती है मानसून की तारीख?
मौसम वैज्ञानिक बताते हैं कि मानसून का सफर कई चीजों पर निर्भर करता है. अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी, समुद्र का तापमान, मानसूनी हवाओं की ताकत, कम दबाव के क्षेत्र और पश्चिमी विक्षोभ जैसे सिस्टम हर साल अलग स्थिति बनाते हैं. इसी वजह से कभी मानसून बहुत तेजी से आगे बढ़ता है तो कभी काफी देर से पूरे देश में पहुंचता है.

इस बार मौसम विभाग की लोगों को मौसम के लेकर क्‍या सलाह है?
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि तेज बारिश और आंधी के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें. पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों के नीचे खड़े न हों. पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले लोग मौसम का लेटेस्‍ट अपडेट लेकर ही निकलें. बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए किसानों को खेतों में काम करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. मछुआरों को समुद्र और बड़ी नदियों में जाने से फिलहाल बचने को कहा गया है.

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Anoop Kumar MishraAssistant Editor

Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international security affairs…और पढ़ें



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