मछली पालन से बढ़ानी हैं कमाई? तो बरसात में न बरतें ढिलाई, जानें देखभाल के जरूरी टिप्स
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Monsoon Fish Farming Tips: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में खेती के साथ मछली पालन भी किसानों की आय बढ़ाने का बेहतर जरिया बन रहा है. लेकिन बरसात के मौसम में मछली पालकों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होती है, क्योंकि तेज बारिश से तालाब का पानी बढ़ने, मछलियों के बाहर निकलने, ऑक्सीजन की कमी और बीमारी फैलने का खतरा बढ़ जाता है. मत्स्य विशेषज्ञों के अनुसार, अगर किसान समय-समय पर तालाब की निगरानी और सही प्रबंधन करें तो बारिश के मौसम में भी मछली पालन से अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है.
Monsoon Fish Farming Tips: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में खेती के साथ-साथ मछली पालन भी किसानों के लिए कमाई का अच्छा जरिया बनता जा रहा है. जिले के कई किसान तालाबों में रोहू, कतला, मृगल, ग्रास कार्प, सिल्वर कार्प और कॉमन कार्प जैसी मछलियों का पालन कर अच्छी आमदनी कमा रहे हैं. हालांकि बरसात का मौसम मछली पालकों के लिए सबसे ज्यादा सावधानी वाला समय माना जाता है. इस दौरान तालाब की सही देखभाल नहीं की गई तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है.
लगातार बारिश से तालाब में पानी का स्तर बढ़ जाता है, जिससे मछलियों के बाहर निकलने का खतरा रहता है. इसके अलावा पानी की गुणवत्ता खराब होने, ऑक्सीजन की कमी और मछलियों में बीमारी फैलने की संभावना भी बढ़ जाती है. इसलिए बारिश के मौसम में मछली पालकों को तालाब की नियमित निगरानी करनी चाहिए.
मछलियों में बीमारी के लक्षण दिखें तो तुरंत करें उपचार
बरसात के मौसम में बैक्टीरिया, फंगस और परजीवी संक्रमण तेजी से फैल सकते हैं. अगर किसी मछली के शरीर पर सफेद धब्बे, लाल निशान, घाव या फंगस दिखाई दे तो उसे तुरंत अलग कर देना चाहिए. इसके साथ ही मत्स्य विशेषज्ञ की सलाह लेकर ही उपचार करना चाहिए, ताकि बाकी मछलियों को नुकसान न पहुंचे.
तेज बारिश के कारण तालाब का बांध कमजोर होकर कट सकता है. अगर समय रहते इसकी मरम्मत नहीं की गई तो पानी बाहर निकल सकता है और मछलियां भी बह सकती हैं. इसलिए किसान बारिश के दौरान तालाब के बांध की जांच करते रहें और जहां भी कटाव दिखाई दे, वहां तुरंत मिट्टी डालकर मजबूत करें.
ऑक्सीजन की कमी से बढ़ सकता है खतरा
मत्स्य पालन विभाग लखीमपुर के निखिल त्रिपाठी ने बताया कि बरसात में मछलियों की देखभाल पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है. कई बार लगातार बारिश के कारण तालाब में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है, जिससे मछलियां कमजोर होकर मरने लगती हैं. इसके अलावा बारिश के मौसम में चूहों का प्रकोप भी बढ़ जाता है, जिससे तालाब को नुकसान पहुंच सकता है.
उन्होंने बताया कि कई बार ज्यादा बारिश होने पर तालाब का पानी सामान्य स्तर से ऊपर पहुंच जाता है, जिससे मछलियां बाहर निकल सकती हैं. ऐसे में किसान तालाब में जाली लगाकर रखें और पानी के निकास की उचित व्यवस्था करें. सही देखभाल और समय पर प्रबंधन से बरसात के मौसम में भी मछली पालन को सुरक्षित रखा जा सकता है और अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है.
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सीमा नाथ 6 साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शाह टाइम्स में रिपोर्टिंग के साथ की जिसके बाद कुछ समय उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम …
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