मेरठ वन विभाग पौधारोपण अभियान में बनाएगा चरक वाटिका, औषधीय पौधे से होगा तैयार
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मेरठ डीएफओ वदना फौगाट ने लोकल18 से बताया कि किला परीक्षितगढ़ एवं हस्तिनापुर से संबंधित विभिन्न क्षेत्रों में चरक वाटिका बनाई जाएगी. इसमें विभिन्न प्रकार के औषधीय पौधों को प्राथमिकता में रखा जाएगा. जो बीमारियों को दूर करने में काफी सहायक होते हैं. उन्होंने बताया कि अर्जुन, एलोवेरा, तुलसी, नीम, बरगद, पीपल सहित विभिन्न प्रकार के औषधीय पौधे आपको इस वाटिका में दिखाई देंगे. साथ ही आवश्यकता पड़ने पर औषधि पेड़ का उपयोग करना हो तो.
मेरठ: प्रकृति द्वारा हमें विभिन्न प्रकार के पेड़ पौधे उपलब्ध कराए गए हैं. जो कि हमारे जीवन के लिए काफी महत्वपूर्ण है. इन पौधों की अगर बात की जाए तो जहां यह पर्यावरण को संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. वहीं इनमें विभिन्न प्रकार के औषधीय गुण भी समाएं हुए हैं. जिनका उपयोग कम विभिन्न प्रकार की बीमारियों से दूर रह सकते हैं. इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए अबकी बार मेरठ वन विभाग द्वारा पौधारोपण अभियान के अंतर्गत चरक वाटिका का भी बनाई जाएगी. जिसमें विभिन्न औषधीय पेड़ पौधों को लगाया जाएगा.
चरक वाटिका में लगाए जाएंगे औषधि पेड़ पौधे
मेरठ डीएफओ वदना फौगाट ने लोकल18 से बताया कि किला परीक्षितगढ़ एवं हस्तिनापुर से संबंधित विभिन्न क्षेत्रों में चरक वाटिका बनाई जाएगी. इसमें विभिन्न प्रकार के औषधीय पौधों को प्राथमिकता में रखा जाएगा. जो बीमारियों को दूर करने में काफी सहायक होते हैं. उन्होंने बताया कि अर्जुन, एलोवेरा, तुलसी, नीम, बरगद, पीपल सहित विभिन्न प्रकार के औषधीय पौधे आपको इस वाटिका में दिखाई देंगे. साथ ही आवश्यकता पड़ने पर औषधि पेड़ का उपयोग करना हो तो. इसकी सटीक जानकारी लोगों को उपयोग हो सके. इसीलिए चरक वाटिका में सभी पौधों के साथ ही उनके नाम भी लिखे हुए होंगे.
32 लाख पौधों का होगा रोपण
क्रांति धरा मेरठ में वृक्षारोपण अभियान की अगर बात की जाए तो वन विभाग के साथ सभी विभाग मिलकर 12 जुलाई 2026 को उत्तर प्रदेश शासन के दिशा निर्देश अनुसार कुल 32 लाख पौधों का रोपण करेंगे. जिससे कि भविष्य में यह सभी पौधे अच्छे वृक्ष बनाकर पर्यावरण को संरक्षण करने में महत्व भूमिका निभा सके. इसमें एक पेड़ मां के नाम के साथ विभिन्न प्रकार की वाटिकाओं पर ज्यादा फोकस किया जा रहा है.
काफी उपयोगी है यह पौधे
बताते चलें कि वन विभाग द्वारा जिन औषधि पौधों का रोपण किया जा रहा है. उसमें नीम की अगर बात की जाए तो वह दांतों और त्वचा के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. इसकी छाल और इसकी टहनियों का उपयोग किया जाता है. इसी प्रकार से अर्जुन के पेड़ की छाल भी दिल के लिए काफी उपयोगी होती है. जिस तरह से मौसम में बदलाव हो रहा है. उसमें तुलसी के पौधे भी काफी उपयोगी माने जाते हैं. एलोवेरा भी तो त्वचा के लिए काफी उपयोगी है. ऐसी ही अन्य पेड़ पौधे लगाए जाएंगे. वह काफी महत्वपूर्ण है.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें