ये फसल मिट्टी की बैटरी चार्ज करने वाली, उगाकर खेत में ही कर दें जुताई

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ये फसल मिट्टी की बैटरी चार्ज करने वाली, उगाकर खेत में ही कर दें जुताई


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ये फसल मिट्टी की बैटरी चार्ज करने वाली, उगाकर खेत में ही कर दें जुताई

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Dhencha Benefits : ढैंचा से न सिर्फ फसलों की ग्रोथ अच्छी होती है बल्कि फसलों में पड़ने वाली रासायनिक खादों से भी मुक्ति मिल जाती है. ढैंचा न सिर्फ फसलों के लिए वरदान है, बल्कि यह बंजर खेत में भी जान फूंक देता है. बहराइच के किसान सियाराम लोकल 18 से बताते हैं कि हरी खाद के रूप में ढैंचा को कोई जवाब नहीं. यह कमजोर जमीन में भी अच्छी और तेजी से वृद्धि करता है. ढैंचा की जड़ें मिट्टी के अंदर जाकर उसे भुरभुरी और हवादार बनाती हैं.

बहराइच. मिट्टी की घटती गुणवत्ता के बीच ढैंचा किसानों के लिए वरदान साबित हो रहा है. इससे किसान खेती में लगने वाली लागत को कम करके अपना मुनाफे बढ़ा सकते हैं. ढैंचा से न सिर्फ फसलों की ग्रोथ अच्छी होती है बल्कि फसलों में पड़ने वाली रासायनिक खादों से भी मुक्ति मिल जाती है. बहराइच के किसान इन दिनों बड़े पैमाने पर ढैंचा की मदद से धान की खेती कर रहे हैं. वे हर साल ढैंचा से लाखों की रुपये बचा लेते हैं. ढैंचा न सिर्फ फसलों के लिए वरदान है, बल्कि खेतों के लिए संजीवनी से कम नहीं. यह बंजर खेत में भी जान फूंक देता है.

बढ़ती है नाइट्रोजन
बहराइच के किसान सियाराम लोकल 18 से बताते हैं कि हरी खाद के रूप में ढैंचा फसलों के लिए बेहतरीन विकल्प है. इसकी खासियत की बात करें तो यह बहुत कम पानी में भी आसानी से उग जाती है और कमजोर जमीन में भी अच्छी और तेजी से वृद्धि करती है. ढैंचा की जड़ें मिट्टी के अंदर जाकर उसे भुरभुरी और हवादार बनाती हैं. यह फसल मिट्टी में नाइट्रोजन के साथ-साथ अन्य जरूरी पोषक तत्व भी एकत्रित करती है.

कब से कब तक खेती
किसान सियाराम के मुताबिक, ढैंचा की बुवाई का सही समय अप्रैल से जुलाई के बीच होता है. एक एकड़ खेत के लिए 20 से 25 किलो बीज पर्याप्त होता है. बुवाई से पहले खेत की हल्की जुताई कर लें. मिट्टी में थोड़ी नमी होना जरूरी है. बेहतर अंकुरण के लिए बीज को रातभर पानी में भिगोकर सुबह बोएं. बहराइच जिले के मिर्जापुर गांव में रहने वाले किसान सियाराम बड़े पैमाने पर ढैंचा की खेती करके पिछले कई सालों से अच्छा मुनाफा उठाते आ रहे हैं.

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Priyanshu Gupta

प्रियांशु गुप्‍ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें



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