राम मंदिर दान घोटाला: 8 आरोपी गिरफ्तार, ट्रस्ट प्रभारी ने खोला हेराफेरी का राज

0
राम मंदिर दान घोटाला: 8 आरोपी गिरफ्तार, ट्रस्ट प्रभारी ने खोला हेराफेरी का राज


Last Updated:

Ayodhya Ram Mandir: रामलला के दरबार में हुए दान प्रकरण को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक 8 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है और जांच एजेंसियां घोटाले की परतें उधेड़ने में जुटी हैं. इसी बीच, राम मंदिर ट्रस्ट के कैंप कार्यालय प्रभारी प्रकाश गुप्ता ने इस पूरे घटनाक्रम पर बड़ा बयान देते हुए सीधे बैंक की आउटसोर्सिंग प्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं और ट्रस्ट के पदाधिकारियों के इस्तीफे की नैतिक वजहों को स्पष्ट किया है.

अयोध्या: अयोध्या में राम मंदिर के दान प्रकरण को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है. मामले में अब तक आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की तह तक पहुंचने में जुटी हैं. इसी बीच राम मंदिर ट्रस्ट के कैंप कार्यालय प्रभारी प्रकाश गुप्ता ने इस पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कई महत्वपूर्ण बातें सामने रखी हैं. प्रकाश गुप्ता ने कहा कि राम मंदिर में दान राशि की गणना और बैंक तक पहुंचाने की जिम्मेदारी बैंक के पास थी.

इसके लिए बैंक और ट्रस्ट के बीच औपचारिक समझौता (एग्रीमेंट) किया गया था. बैंक ने इस कार्य के लिए आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की नियुक्ति की थी और प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गड़बड़ी उन्हीं कर्मचारियों द्वारा की गई. उनका कहना है कि ट्रस्ट का इस कथित हेराफेरी से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है.

सुरक्षित कमरे में होती थी गणना, फिर भी हुई चूक
उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर में बैंक का एक काउंटर भी संचालित होता था. बैंक के कर्मचारी नियमित रूप से दान पेटियों से निकली राशि को लेकर बैंक पहुंचाते थे. इसी प्रक्रिया के दौरान कुछ लोगों ने कथित रूप से गड़बड़ी की, जिनकी पहचान होने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है. प्रकाश गुप्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि पहले दान राशि की गणना एक सुरक्षित और अलग कमरे में होती थी, जहां केवल अधिकृत कर्मचारी ही प्रवेश कर सकते थे. वहां बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक थी. गणना के दौरान ट्रस्ट के प्रतिनिधि भी मौजूद रहते थे ताकि पूरी प्रक्रिया पर निगरानी रखी जा सके.

निगरानी में कमी और पदाधिकारियों के इस्तीफे की सच्चाई
हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि इस मामले में निगरानी व्यवस्था में कुछ कमी रही, जिसका फायदा आरोपियों ने उठाया. उन्होंने बताया कि अब तक गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों में सुभाष श्रीवास्तव भी शामिल हैं, जो ट्रस्ट की ओर से निगरानी की जिम्मेदारी निभा रहे थे. चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे को लेकर पूछे गए सवाल पर प्रकाश गुप्ता ने कहा कि दोनों ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दिया है. उन्होंने कहा कि चोरी करने वाला व्यक्ति बेहद सफाई से अपना काम करता है, लेकिन अंततः कानून अपना काम करता है और दोषियों को सजा जरूर मिलेगी.

जांच जारी, सुरक्षा व्यवस्था होगी और भी सख्त
राम मंदिर दान प्रकरण को लेकर जांच अभी जारी है. पुलिस और संबंधित एजेंसियां पूरे मामले की सभी कड़ियों को जोड़ने में लगी हैं. आने वाले दिनों में जांच से और भी अहम तथ्य सामने आने की संभावना है. फिलहाल ट्रस्ट का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है.

About the Author

Rahul Goel

राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *