लखीमपुर की तराई में ठेके पर जमीन लेकर किसान कर रहे खरबूज की खेती, 1 एकड़ में 7 लाख कमाई
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शामली जिले से आए किसानों का कहना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में खेती की लागत लगातार बढ़ रही है और जमीन भी महंगी हो चुकी है. ऐसे में उन्होंने खीरी जिले की उपजाऊ मिट्टी और बेहतर जल उपलब्धता को देखते हुए यहां जमीन ठेके पर ली है. किसान से एक सीजन के लिए खेत किराए पर लेकर उसमें तरबूज और खीरे की खेती कर रहे हैं. किसानों के मुताबिक यहां की मिट्टी रेतीली और उपजाऊ है, जो तरबूज और खीरे की खेती के लिए बेहद उपयुक्त मानी जाती है.
लखीमपुर खीरी: जिले के तराई इलाके में किसान ठेके पर जमीन लेकर इस समय सब्जी की खेती कर रहे हैं. जिस कारण उनको अच्छा खासा मुनाफा होता है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शामली जनपद के रहने वाले किसान आबिद ठेके पर जमीन लेकर बड़े पैमाने पर तरबूज और खीरे की खेती कर रहे हैं.
आधुनिक तकनीक और मेहनत के दम पर ये किसान न केवल अच्छी पैदावार ले रहे हैं बल्कि स्थानीय किसानों के लिए भी प्रेरणा बनते जा रहे हैं. भीषण गर्मी के मौसम में जहां तरबूज और खीरे की मांग तेजी से बढ़ जाती है, वहीं इन फसलों की खेती किसानों को कम समय में अच्छा मुनाफा भी दे रही है। यही वजह है कि शामली के कई किसान अब खीरी की उपजाऊ जमीन पर खेती करने पहुंचे हैं जिले के अलग-अलग गांवों में सैकड़ों बीघा जमीन ठेके पर लेकर यह किसान आधुनिक तरीके से खेती कर रहे हैं.
पश्चिमी यूपी में खेती का रही ज्यादा लागत
शामली जिले से आए किसानों का कहना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में खेती की लागत लगातार बढ़ रही है और जमीन भी महंगी हो चुकी है. ऐसे में उन्होंने खीरी जिले की उपजाऊ मिट्टी और बेहतर जल उपलब्धता को देखते हुए यहां जमीन ठेके पर ली है. किसान से एक सीजन के लिए खेत किराए पर लेकर उसमें तरबूज और खीरे की खेती कर रहे हैं. किसानों के मुताबिक यहां की मिट्टी रेतीली और उपजाऊ है, जो तरबूज और खीरे की खेती के लिए बेहद उपयुक्त मानी जाती है. इसके अलावा सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होने से फसल की गुणवत्ता भी अच्छी हो रही है.
एक एकड़ में सात लाख तक होता है मुनाफा
लोकल 18 से बातचीत करते हुए किसान आबिद ने बताया हम करीब पांच भाई मिलकर 60 एकड़ में तरबूज की खेती कर रहे हैं. अगर बात करें तो 1 एकड़ जमीन को ₹1500 के हिसाब से ठेके पर लिया है और इस पर तरबूज उग रहे हैं गर्मियों के मौसम में तरबूज की डिमांड अधिक रहती है. तरबूज हमारे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है जिस कारण डिमांड भी अधिक होने के साथ-साथ अच्छा खासा मुनाफा भी कमा रहे हैं.
खीरी के तराई इलाके में तैयार किया गया तरबूज भारत के कई इलाकों में पहुंच रहा है अगर बात की जाए तो शाहजहांपुर सीतापुर हरदोई बाराबंकी दिल्ली के आजाद नगर बेंगलुरु और महाराष्ट्र तक लगातार तरबूज की डिमांड बनी हुई है. तरबूज की पौध फरवरी के महीने में लगाई थी और इस समय मई और जून तक तरबूज का उत्पादन होता रहता है उसके बाद हम लोग फिर अपने जनपद चले जाएंगे. 1 एकड़ त्रिभुज उत्पादन के लिए करीब 1,00,000 का खर्चा जाता है. अगर बाजार में भाव सही मिल जाए तो 1 एकड़ में करीब 5 से 7 लाख रुपए का मुनाफा हो सकता है.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें