सब्जी बेची, कठिन दिन देखे… फिर बेटी ने पाया गोल्ड! मेरठ की काजल ने रचा इतिहास
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Meerut News: मेरठ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के 38वें दीक्षांत समारोह में एमए (ड्राइंग एवं पेंटिंग) की छात्रा काजल को उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल द्वारा ‘कुलाधिपति स्वर्ण पदक’ से सम्मानित किया गया. काजल के पिता मांगेराम ने बच्चों की पढ़ाई और परवरिश के लिए कभी गली-गली ठेले पर सब्जी और आइसक्रीम बेची थी. विपरीत परिस्थितियों के बावजूद काजल अपने परिवार की पहली पोस्ट ग्रेजुएट टॉपर बनीं. इस भव्य समारोह में कुल 199 पदकों में से 75% मेडल्स पर बेटियों ने कब्जा जमाया.
Meerut News: हर माता-पिता का यही सपना होता है कि उनके बच्चे उच्च और बेहतर शिक्षा हासिल कर पूरे समाज में उनका नाम रोशन करें. इस सपने को सच करने के लिए माता-पिता हर कठिन परिस्थिति और चुनौती को हंसते-हंसते झेल जाते हैं. कुछ ऐसा ही भावुक और प्रेरणादायक नजारा चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU) परिसर में आयोजित 38वें दीक्षांत समारोह में देखने को मिला. उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने एमए (ड्राइंग एवं पेंटिंग) की छात्रा काजल को ‘कुलाधिपति स्वर्ण पदक’ और पदक प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया. इस खास उपलब्धि पर Local 18 की टीम ने काजल और उनके माता-पिता से विशेष बातचीत की.
संघर्ष से सफलता तक: परिवार की पहली पोस्ट ग्रेजुएट बेटी बनीं काजल
लोकल 18 से खास बातचीत में काजल ने बताया कि उन्होंने जो यह बड़ी सफलता हासिल की है, उसमें उनके गुरुओं और माता-पिता का सबसे बड़ा योगदान है. काजल एक मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखती हैं. उनके जीवन में एक दौर ऐसा भी आया जब उनकी पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए उनके पिता को गली-गली ठेले पर सब्जी और आइसक्रीम तक बेचनी पड़ी. बाद में काजल और उनके भाई ने अपने माता-पिता का पूरा सहयोग किया. वर्तमान समय में उनका परिवार स्पोर्ट्स से संबंधित व्यवसाय कर रहा है, जिससे वे सभी बहुत खुश हैं. काजल ने गर्व के साथ बताया कि वह अपने पूरे परिवार की पहली ऐसी लड़की हैं, जिन्होंने परास्नातक (पोस्ट ग्रेजुएशन) की पढ़ाई पूरी करते हुए यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है.
सब्जी बेचने से राज्यपाल से मिलने तक का सफर, भावुक हुए पिता मांगेराम
लोकल 18 से बातचीत के दौरान काजल के पिता मांगेराम ने बताया कि बेटी की इस सफलता पर उन्हें बेहद गर्व महसूस हो रहा है. जिन विषम परिस्थितियों के बीच उन्होंने अपनी बेटी को पढ़ाया-लिखाया, आज उसी की बदौलत उन्हें राज्यपाल से मिलने का सम्मान मिला है. उन्होंने कहा कि यह उनके जीवन का सबसे यादगार और अद्भुत पल है. उन्होंने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया कि एक वक्त था जब बच्चों के पालन-पोषण और पढ़ाई के लिए उन्हें गलियों में सब्जी बेचनी पड़ी थी.
हालांकि, अब स्थिति बदल चुकी है और वे स्पोर्ट्स का बिजनेस कर रहे हैं, जिसमें बेटा और बेटी दोनों उनका हाथ बंटाते हैं. मांगेराम ने बताया कि वे खुद सिर्फ सातवीं तक पढ़े हैं और कम पढ़ाई के दर्द को अच्छे से समझते थे, इसीलिए उन्होंने ठान लिया था कि वे अपने बच्चों को हर हाल में शिक्षित बनाएंगे.
शिक्षा ही बदलती है जीवन, मां हेमलता का संदेश
काजल की माता हेमलता ने बताया कि वे खुद केवल पांचवीं कक्षा तक ही पढ़ी-लिखी हैं. आज जब उन्होंने अपनी बेटी को राज्यपाल के हाथों मेडल प्राप्त करते देखा, तो खुशी से उनकी आंखें भर आईं. उन्होंने भावुक होकर कहा कि सभी माता-पिता को अपने बच्चों को जरूर पढ़ाना चाहिए, क्योंकि शिक्षा ही जीवन में असली बदलाव लाती है.
दीक्षांत समारोह में बेटियों का दबदबा: 75% मेडल्स पर जमाया कब्जा
आपको बता दें कि चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय का 38वां दीक्षांत समारोह बेहद भव्य तरीके से आयोजित किया गया. इस समारोह में विभिन्न संकायों के होनहार छात्र-छात्राओं को कुल 199 मेडल प्रदान किए गए. इस दीक्षांत समारोह में बेटियों का दबदबा साफ नजर आया, जहां कुल मेडल्स में से 75% मेडल छात्राओं ने और 25% मेडल छात्रों ने अपने नाम किए.
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राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें