हिंडन के पानी में डूबे सपनों के आशियाने, शहर छोड़ गांव पलायन कर रहे परिवार
गाजियाबाद: पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश का असर अब गाजियाबाद में भी साफ दिखाई देने लगा है. अक्सर सूखी रहने वाली हिंडन नदी इस बार उफान पर है और इसका बढ़ता जलस्तर अब नदी किनारे बसे इलाकों के लिए मुसीबत बन गया है. हिंडन नदी के किनारे बसे करहेड़ा स्थित सिटी फॉरेस्ट बाढ़ के पानी में डूब चुका है जबकि हिंडन किनारे बसी कई कॉलोनियों में पानी घुसने से लोग घर छोड़ने को मजबूर हैं.
प्रशासन राहत और बचाव के लिए मिट्टी के टीले बनाकर पानी रोकने की कोशिश कर रहा है. लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि समय पर नदी की सफाई नहीं होने जलकुंभी के जमाव और कच्चे बांध के कारण हालात और बिगड़ गए हैं. ऐसे में हजारों परिवारों के सामने एक बार फिर 2023 जैसी बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है और लोग घरों से पलायन करने को मजबूर है. लोकल 18 ने हिंडन नदी किनारे बसी करहेड़ा स्थित कालोनियों में ग्राउंड रिपोर्ट कर जायजा लिया.
हिंडन नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा
सुनील कुमार ने बताया कि उनके परिवार में पांच सदस्य हैं. बीते कुछ दिनों से घर में लगातार पानी भरने के कारण आज उन्हें मजबूरन अपना घर छोड़कर गांव जाना पड़ रहा है. उनके घर के ग्राउंड फ्लोर में पानी भर चुका है और पूरे परिवार के साथ सुनील कुमार पलायन करने को मजबूर हैं. उन्होंने बताया कि हिंडन नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है वर्ष 2023 में भी बिल्कुल ऐसे ही हालात बने थे, तब भी उन्हें अपना घर खाली कर गांव जाना पड़ा था और आज फिर वही मजबूरी सामने खड़ी है. बच्चों को गोद में लेकर परिवार को साथ लेकर अपने सपनों का आशियाना छोड़ गांव जाना पड़ रहा है.
घर छोड़ परिवार के साथ गांव जा रहे लोग
सुनील कुमार ने कहा कि वह अकेले नहीं हैं उनके जैसे सैकड़ों परिवार आसपास के घरों से पलायन कर चुके हैं या पलायन की तैयारी में हैं. नम आंखों से उन्होंने कहा कि सरकार को संवेदनशील होना चाहिए और यह देखना चाहिए कि ऐसे हालातों की वजह से एक परिवार अपना घर छोड़ने को मजबूर हो रहा है. प्रशासन को लोगों की मदद करनी चाहिए. घर छोड़ने के कारण नौकरी भी छोड़नी पड़ रही है और पूरे परिवार के साथ गांव जाना पड़ रहा है. जब हालात सामान्य होंगे तभी वह अपने घर लौट पाएंगे.
हिंडन नदी के किनारे बसी इस कॉलोनी के कई घरों तक पानी पहुंचा
अशोक कुमार पांडे ने बताया कि पिछले कई दिनों से हिंडन नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. इसके कारण हिंडन नदी के किनारे बसी इस कॉलोनी के कई घरों तक पानी पहुंच चुका है. लोगों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से पास में एक कच्चा बांध बनाया गया था जिसके कारण पानी घरों की ओर आ गया साथ ही हिंडन नदी में जलकुंभी इतनी ज्यादा है कि पानी का बहाव आगे नहीं बढ़ पा रहा और आसपास की कॉलोनियों में लगातार पानी भर रहा है.
लोगों ने सिंचाई विभाग पर लगाए आरोप
लोगों का आरोप है कि सिंचाई विभाग और अन्य संबंधित विभाग अपना काम ठीक से नहीं कर रहे मजबूरी में लोग खुद ही हिंडन नदी से जलकुंभी निकाल रहे हैं. ताकि पानी उनके घरों तक न पहुंचे. एक पिता की चिंता इस कदर है कि अगर पानी इसी तरह बढ़ता रहा तो उन्हें अपने बच्चों और परिवार के साथ यहां से पलायन करना पड़ेगा.
घर से बाहर निकलने में डर रहे लोग
उन्होंने बताया कि अपने सपनों का आशियाना बनाने के लिए उन्होंने अपनी पूरी जमा-पूंजी लगा दी थी. लेकिन विभागों की लापरवाही के चलते आज उनका घर चारों तरफ से पानी से घिरा हुआ है. घर से बाहर निकलने तक में डर लग रहा है. हर सुबह जलस्तर बढ़ता जा रहा है और उसके साथ चिंता भी बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि हर साल जुलाई का महीना आते ही डर सताने लगता है. वर्ष 2023 में भी जुलाई के महीने में हिंडन नदी के किनारे बसी इस कॉलोनी में बाढ़ आई थी और इस बार भी वही समय है. अगर जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो 2023 जैसे हालात फिर से पैदा हो जाएंगे.
2023 जैसी बाढ़ आने की बात कह रहे लोग
मोनिका ने बताया कि हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ने से अब घरों तक पानी पहुंच चुका है. परेशानी इतनी बढ़ गई है कि बिजली भी लगातार कट रही है. घर में छोटा बच्चा होने के कारण मुश्किलें और बढ़ गई हैं घर के चारों ओर पानी भर चुका है और अब यही डर सता रहा है कि कहीं पानी घर के अंदर न घुस जाए. उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में जब करहेड़ा में बाढ़ आई थी तब भी उनके परिवार को यहां से पलायन कर गांव में रहना पड़ा था. अब फिर वही डर सामने खड़ा है कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो एक बार फिर पूरे परिवार के साथ पलायन करना पड़ेगा.
सरकार से लोग कर रहे मदद की अपील
मोनिका के परिवार में पांच सदस्य हैं. उनके पति और ससुर दोनों नौकरी करते हैं. लेकिन घर के चारों ओर और गलियों में पानी भर जाने के कारण उन्हें रोज नौकरी पर आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने प्रशासन और सरकार से अपील करते हुए कहा कि कोई ठोस इंतजाम किए जाएं ताकि पानी घरों में न घुसे और लोगों को अपना घर छोड़ने के लिए मजबूर न होना पड़े.
कौन डूबेगा, कौन बचेगा?
आरती ने बताया कि कल रात से हिंडन नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और अब पानी घरों तक पहुंच चुका है. उनका कहना है कि प्रशासन की ओर से कोई ठोस इंतजाम दिखाई नहीं दे रहा समझ नहीं आ रहा कि आखिर बचाव कैसे करें. कौन डूबेगा, कौन बचेगा, कुछ भी समझ नहीं आ रहा चिंता इतनी बढ़ गई है कि रातों की नींद उड़ चुकी है. क्योंकि पानी घर के बेहद करीब पहुंच गया है.
रात-रातभर जाग रहे लोग
कॉलोनी के लोग पूरी रात जागकर जलस्तर पर नजर रख रहे हैं और अपने-अपने स्तर पर कोशिश कर रहे हैं कि किसी तरह पानी घरों तक न पहुंचे कोई घरों के पास मिट्टी डलवा रहा है तो कोई पानी का बहाव दूसरी ओर मोड़ने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने कहा कि अगर जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो उन्हें भी अपने सपनों का आशियाना छोड़कर गांव की ओर पलायन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा. लेकिन सबसे बड़ी चिंता यह है कि आखिर अपना घर और वर्षों की मेहनत से जुटाया गया सामान छोड़कर जाएं तो जाएं कैसे.